Mohan Yadav: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार सहयोग से समृद्धि की ओर अपने कदम बढ़ा रही है। इसी कड़ी में बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी की सरकार उत्तर प्रदेश के साथ मिलकर विकसित यूपी और एमपी के लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास कर रही है। एमपी सरकार राज्य के सभी वर्गों के लोगों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को लगातार पेश कर रही है। ऐसे में एमपी सरकार ने किसानों की जीवनशैली को भी सुधारने की कोशिश की है। इस क्रम में मोहन सरकार को जबरदस्त सफलता मिली है। एमपी ने दलहन उत्पादन के मामले में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
मोहन यादव सरकार के लिए आई बड़ी खुशखबरी
वहीं, एमपी के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि किसानों की मेहनत, मध्य प्रदेश की समृद्धि का आधार है। दलहन उत्पादन में देश में प्रथम स्थान और खाद्यान्न उत्पादन में दूसरा स्थान हासिल किया है। साथ ही तिलहन उत्पादन में देश में दूसरा नंबर प्राप्त किया है। मोटे अनाज के प्रोडक्शन में भी दूसरा स्थान हासिल किया है। इसके अलावा, मूंगफली के उत्पादन में एमपी नेे देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इस तरह से अन्नदाताओं की मेहनत और एमपी सरकार के प्रशंसनीय कदमों की बदौलत राज्य लगातार विकास की ओर अग्रसर है।
किसानों की मेहनत, मध्यप्रदेश की समृद्धि का आधार 🌾
✳️दलहन उत्पादन में देश में प्रथम स्थान
✳️खाद्यान्न उत्पादन में द्वितीय स्थान@DrMohanYadav51 @minmpkrishi #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh pic.twitter.com/HNZXPAs40a— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) April 1, 2026
मोहन यादव सरकार ने गेहूं की खरीदी की तारीख का किया ऐलान
उधर, सीएम मोहन यादव की अगुवाई में एमपी सरकार ने गेहूं की खरीदी की तैयारियां शुरू कर दी हैं। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत किसानों को अपनी फसल का उचित समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी होगी। सशक्त और आत्मनिर्भर किसान ही मध्य प्रदेश की पहचान है। एमपी में उपार्जन प्रारंभ होने की तिथियां जारी कर दी गई हैं। 10 अप्रैल 2026 से – इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और भोपाल क्षेत्र में खरीद होगी। साथ ही 15 अप्रैल 2026 से – प्रदेश के अन्य सभी संभागों में खरीदी शुरू कर दी जाएगी।
वहीं, सीएम मोहन यादव ने वाराणसी में आयोजित “मध्यप्रदेश–उत्तरप्रदेश सहयोग सम्मेलन 2026” के अंतर्गत ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान सीएम ने कहा, ‘दोनों राज्यों के विशिष्ट स्थानीय उत्पादों की विविधता, गुणवत्ता और नवाचार की सराहना करते हुए इन्हें राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार से जोड़ने की संभावनाओं पर बल दिया।’






