Mohan Yadav: मध्य प्रदेश में 19 मार्च से शुरू होगा ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’, किए जाएंगे 2500 करोड़ रुपये के कार्य; पढ़ें पूरी खबर

Mohan Yadav: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार 19 मार्च से इस शहर में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' की शुरुआत करेगी। इस पहल से राज्य में खेती, पेयजल और पर्यावरण तीनों को फायदा मिल सकता है।

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Mohan Yadav: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार किसानों और सभी वंचितों के लिए लगातार कल्याणकारी योजनाओं को ला रही है। ताकि प्रदेश के विकास में सभी वर्गों के लोगों को समान रुप से भागीदार बनाया जा सके। ऐसे में एमपी सरकार किसानों को सिर्फ 5 रुपये में स्थाई बिजली कनेक्शन उपलब्ध करवा रही है। एमपी की बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने दावा किया है कि मध्य प्रदेश, देश का एकमात्र राज्य है, जहां किसानों को इतने कम दाम पर स्थाई बिजली कनेक्शन दिया जा रहा है। ऐसे में अब सीएम मोहन यादव जल्द ही एक खास जल अभियान को शुरू करने वाले हैं।

CM Mohan Yadav इस शहर में शुरू करेंगे ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’

बीजेपी के सीनियर लीडर और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स यानी ट्विटर पर पोस्ट कर बताया, ‘मध्य प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से शुरू होगा। आइए, हम सब मिलकर 100 दिवसीय अभियान में जल संरक्षण के पावन उद्देश्य में सहभागी बनें।’ इस प्रदेशव्यापी अभियान को 19 मार्च को उज्जैन के शिप्रा तट से शुरू किया जाएगा। सभी जिलों में इस 100 दिवसीय कैंपेन के तहत 2500 करोड़ रुपये के कार्य किए जाएंगे। साथ ही 10000 से अधिक चेक डैम्स और स्टॉप डैम्स के सुमचित संचारण का लक्ष्य रखा गया है। जल बचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है, ऐसे में हर गांव, हर शहर और हर विभाग को इस मिशन में शामिल किया जाएगा।

मोहन यादव सरकार इस अभियान से लोगों को देगी कई फायदे

बता दें कि मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार जल गंगा संवर्धन अभियान के जरिए प्रदेश में जल संरक्षण को बढ़ावा देगी। ताकि राज्य में पानी के स्रोतों को बचाना और बढ़ाना संभव हो सके। इस अभियान के तहत प्रदेशभर की नदियों, तालाबों और कुओं का संरक्षण और पुनर्जीवन किया जाएगा। भूजल स्तर बढ़ाना, वर्षा जल का अधिकतम उपयोग करना और जल संकट वाले क्षेत्रों में स्थायी समाधान करना मुख्य लक्ष्य होगा। एमपी सरकार इस कैंपेन के दौरान लोगों को “जल बचाओ” के प्रति जागरूक करेगी।पंचायत और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को बढ़ाएगी और पर्यावरण संरक्षण के साथ जोड़कर काम करेगी। सरकार की इस खास पहल से खेती, पेयजल और पर्यावरण तीनों को फायदा मिलता है।

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