Mohan Yadav: कनेक्टिविटी को गति देने की दिशा में मध्य प्रदेश सरकार ने नए आयाम स्थापित किए हैं। शहरी इलाकों से लेकर सुदूर ग्रामीण इलाकों तक नई सड़कों का निर्माण हुआ है। जर्जर सड़कों की मरम्मत कर व्यवस्था दुरुस्त की गई है। सीएम मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार की कोशिश है कि जनता का आवागमन सुरक्षित और सुविधाजनक रहे। इसी क्रम में नित नई सड़कों का निर्माण हो रहा है।
उज्जैन-जावरा एक्सप्रेसवे भी इसी कड़ी में एक विकास परियोजना है जिसकी चर्चा देश भर में हो रही है। दरअसल, ये एक्सप्रेसवे एमपी के रतलाम जिले में स्थित भूतेड़ा गांव के निकट दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से भी जुड़ जाएगा। इससे दिल्ली के साथ मुंबई से भी महाकाल की नगरी उज्जैन की सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। इससे संभावनाओं के द्वार खुलेंगे और लोगों का सफर सुविधाजनक होगा।
उज्जैन-जावरा एक्सप्रेसवे को MP के विकास का गलियारा बनाएगी Mohan Yadav सरकार!
उज्जैन–जावरा एक्सप्रेस-वे
विकास की नई रफ्तार🛣️₹5,017 करोड़ की लागत से उज्जैन–जावरा एक्सप्रेस-वे का हो रहा निर्माण#JansamparkMP pic.twitter.com/94YTHywNEQ
— Jansampark MP (@JansamparkMP) April 10, 2026
मध्य प्रदेश में निर्माणाधीन उज्जैन-जावरा एक्सप्रेसवे सूबे के विकास का नया गलियारा बनेगा। इसको लेकर तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। 5017 करोड़ रुपए की लागत से उज्जैन-जावरा एक्सप्रेसवे का निर्माण हो रहा है। मध्य प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी और संभावनाओं के द्वार खोलने की दिशा में प्रयासरत मोहन यादव सरकार इसे विस्तार दे रही है। नया एक्सप्रेसवे उज्जैन से शुरू होकर नागदा के रास्ते होते हुए रतलाम जिल में स्थित जावरा के पास भूतेड़ा तक जाएगा।
भूतेड़ा में उज्जैन-जावरा एक्सप्रेसवे देश के सबसे अहम दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इससे राष्ट्रीय राजधानी के साथ आर्थिक राजधानी भी उज्जैन नगरी से सीधी तौर पर जुड़ जाएगी। फिर महज 10 घंटे में लोग मुंबई से उज्जैन पहुंच सकेंगे। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम पूरी सावधानी के साथ नए एक्सप्रेसवे के निर्माण में जुटी है। निकट भविष्य में यह 4-लेन मार्ग मध्य प्रदेश में विकास का गलियारा साबित होगी।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के साथ औद्योगिक विकास को मिलेगी गति!
उज्जैन-जावरा एक्सप्रेसवे की मदद से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को जबरदस्त लाभ मिलेगा। उज्जैन के साथ रतलाम से होकर गुजरने वाला ये 4-लेन एक्सप्रेसवे लोगों का सफर आसान करेगा। इसके अलावा औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी। एक्सप्रेसवे के किनारे तमाम औद्योगिक प्रतिष्ठानों की नींव रखी जा सकेगी। इससे संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। स्वरोजगार के अवसरों का सृजन होगा। यही वजह है कि आने वाले समय में इस एक्सप्रेसवे को मध्य प्रदेश के विकास का गलियारा माना जा रहा है।






