किसानों संग कदम से कदम मिला रही Mohan Yadav सरकार! इंदौर, उज्जैन सहित कई संभाग में गेहूं खरीदारी शुरू; बोनस पाकर खिलेंगे चेहरे

मुख्यमंत्री Mohan Yadav के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार राज्य के किसानों को सशक्त करने का काम कर रही है। इसी क्रम में आज से चार संभाग में गेहूं की खरीदारी शुरू कर दी गई है।

Mohan Yadav

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Mohan Yadav: किसानों को सशक्त करने की दिशा में मध्य प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में आज से सूबे के कई इलाकों में गेहूं की खरीदारी शुरू हो चुकी है। किसान क्रय केन्द्रों पर पहुंच कर अपनी फसल बेच सकते हैं और न्यूनतम समर्थन मूल्य की दर से भुगतान हासिल कर सकते हैं। सीएम मोहन यादव ने खुद कृषि विभाग को सभी तैयारियां पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसका विशेष ख्याल रखा जाए। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम संभाग में आज से गेहूं की खरीदारी सुनिश्चित की जाए।

अन्नदाताओं के साथ कदम से कदम मिला रही Mohan Yadav सरकार!

मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार सूबे में अन्नदाताओं के साथ कदम से कदम मिला रही है।

इसी क्रम में मध्य प्रदेश के चार संभाग में आज से गेहूं की खरीदारी शुरू हो गई है। इंदौर, भोपाल, उज्जैन और नर्मदापुरम में बने क्रय केन्द्रों पर भारी संख्या में किसान अपनी फसल लेकर पहुंचे हैं। यहां पूरी पारदर्शिता के साथ गेहूं की तौल कर किसानों को पावति उपलब्ध कराई जा रही है। गेहूं पर प्रति क्विंटल की दर से मोहन यादव सरकार किसानों को 2625 रुपए मुहैया कराएगी। इसमें 40 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बोनस भी शामिल है जो किसानों के चेहरे पर अतिरिक्त खुशी का कारण बना है। सीएम मोहन यादव किसानों की उपज को बेहतर दाम देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

किसानों को बोनस उपलब्ध कराकर सशक्त कर रहा शासन

कृषि विभाग की ओर से मध्य प्रदेश में गेहूं की खरीदारी के लिए 2585 रुपए प्रति क्विंटल की दर से एमएसपी तय की गई। हालांकि, सरकार ने प्रति क्विंटल 40 रुपए के बोनस का ऐलान कर किसानों को और सशक्त करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। सरकारी क्रय केन्द्रों पर होने वाली गेहूं खरीदारी के बदले किसानों के खाते में सीधे भुगतान की राशि पहुंच जाएगी। ये दर्शाता है कि कैसे सीएम मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार किसानों को सशक्त करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है, ताकि सूबे में कृषि जगत की नींव और मजबूत हो सके।

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