Mohan Yadav: बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित मध्य प्रदेश सरकार, प्रदेश में अब तक 4 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड हुए जारी

Mohan Yadav: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। साथ ही प्रदेश में अब तक 4 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड हुए जारी किए जा चुके हैं।

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Mohan Yadav: मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार ने अभी तक राज्य के किसानों के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी के महत्वपूर्ण कार्यों की बदौलत ही प्रदेश के किसानों की जीवनशैली में सुधार लाने का प्रयास जारी है। इसके अलावा, एमपी सरकार ने प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करने की हरसंभव कोशिश की है। इसी कड़ी में एमपी सरकार ने 4 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए हैं। सरकार के इस कदम से साफ नजर आता है कि वह राज्य के निवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूर्ण रूप से संकल्पित है।

मोहन यादव सरकार ने 4 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए

बता दें कि मध्य प्रदेश में सीएम मोहन यादव की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक प्रदेश में 4 करोड़ 46 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए हैं। आयुष्मान भारत योजना देश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त या सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए शुरू की गई थी। अगर आपके पास यह कार्ड है, तो कार्डधारक सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करा सकते हैं।

सरकार के इस कदम से लोगों पर स्वास्थ्य खर्च का बोझ काफी कम हुआ है। बजट 2026-27 में इस योजना के लिए 2139 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही एमपी सरकार ने हेल्थ सेक्टर में बुनियादी ढांचे, चिकित्सा शिक्षा, आयुष और सेवाओं के विस्तार पर भी बल दिया है।

सीएम मोहन यादव ने स्वास्थ्य सेक्टर में कई अहम कार्यों को दी रफ्तार

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। बड़ी संख्या में कार्ड जारी होना इस बात का संकेत है कि योजना का लाभ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। इसके अलावा, एमपी सरकार की मोहन यादव सरकार ने स्वास्थ्य सेक्टर में कई अन्य कार्यों को भी पूर्ण किया है। अस्पताल और स्वास्थ्य संरचना को मजबूत करने पर बल दिया है। इस कड़ी में इंदौर में 1450 बेड वाले आधुनिक अस्पताल का निर्माण शुरू हो गया है।

उज्जैन में “मेडिसिटी” परियोजना की शुरुआत, नए अस्पतालों, मेडिकल सुविधाओं और वेलनेस सेंटर का विस्तार किया गया है। वहीं, राज्य में मेडिकल कॉलेजों का तेजी से विस्तार हो रहा है। कई नए मेडिकल कॉलेज (नीमच, मंदसौर, सिवनी आदि) शुरू हो चुके हैं। सरकार का लक्ष्य हर क्षेत्र तक मेडिकल कॉलेज पहुंचाना है। एमबीबीएस सीटें 2003 के मुकाबले कई गुना बढ़कर 5000 से ज्यादा हो चुकी हैं। इससे मेडिकल के स्टूडेंट्स को काफी बड़ी राहत मिली है।

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