Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री की पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अब बागी सांसदों एक और नया प्लान बना लिया है और वह पूरी तरह से ममता बनर्जी के टीएमसी के नाम और चुनाव चिन्ह छीनने की तैयारी में जुट चुके हैं। बीते दिन बागी नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा है कि टीएमसी के सभी बागी सांसद त्रिपुरा की त्रिपुरा नेशनल सिटीजंस पार्टी (NCP) में विलय करने के लिए तैयार है। इसके साथ ही जानते हैं आखिर कब टीएमसी के चुनाव चिन्ह और नाम पर अपना दावा करने के लिए बागी सांसद की प्लानिंग है।
कैसे Mamata Banerjee के बागी नेताओं ने चली चाल
त्रिपुरा की एक ऐसी पार्टी नेशनल सिटीजंस पार्टी जिसने अब तक चुनाव में अपना उस कदर दबदबा नहीं दिखाया है उसके साथ विलय की घोषणा निश्चित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों के लिए एक मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है। इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में एनडीए को इसका पूरा साथ मिलने वाला है। वहीं रिपोर्ट्स की बात करें तो तृणमूल कांग्रेस के बागी नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने यह भी कहा है कि अगले महीने के लिए वे तैयार हैं और यह विलय भी अस्थाई है।
आखिर कब होगा बागी का टीएमसी पर कब्जा
सुदीप बंदोपाध्याय ने टीएमसी के नाम और सिंबल पर दावा ठोकने की बात को लेकर कहा कि जब आप 2-तिहाई बहुमत के साथ पार्टी छोड़ते हैं तो यही सिस्टम है। इसके साथ ही बताया गया कि बागी सांसद जुलाई में चुनाव आयोग और कोर्ट के सामने तृणमूल कांग्रेस के नाम और सिंबल को लेकर अपनी मांग रखेगा। ऐसे में यह भी देखना दिलचस्प हो सकता है कि चुनाव आयोग और कोर्ट का फैसला क्या होता है।
बागी सांसदों ने ओम बिरला से कहीं ये बात
वही यह भी कहा जा रहा है कि बागी सांसदों द्वारा त्रिपुरा की पार्टी में विलय के बाद यह अब लोकसभा में भाजपा के नेतृत्व वाली NDA सरकार को समर्थन देगी। वहीं 20 बागी सांसदों ने ओम बिरला को एक आवेदन लिख चुके हैं जिसमें कहा गया है कि तृणमूल कांग्रेस के दो-तिहाई लोकसभा सदस्यों ने एक अलग समूह के रूप में मान्यता की मांग की है और नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में अपना विलय करने की बात की है।
