Anurag Dhanda: अमृतसर में एक 12वीं छात्रा द्वारा कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। उसने स्कूल प्रशासन पर आरोप लगाया था कि स्कूल फीस जमा नहीं करने पर उसे प्रताड़ित किया था। इस क्रम में पंजाब के सीएम भगवंत मान ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए प्राइवेट स्कूल को आदेश जारी कर दिया कि साल में वह 5 प्रतिशत ही फीस बढ़ा सकेंगे। ऐसा नहीं करने पर उनपर कार्रवाई की जाएगी। वहीं अब इस मामले पर आप नेता Anurag Dhanda ने अपने प्रतिक्रिया दी है साथ ही बीजेपी पर जमकर तंज कसा है। चलिए आपको बताते है कि क्या है पूरा मामला?
Anurag Dhanda ने बीजेपी पर कसा तंज
आप नेता अनुराग ढांडा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “आम आदमी पार्टी की सरकार ही मिडिल क्लास परिवारों की चिंता करती है, वरना सरकार तो बीजेपी की भी 22 राज्यों में है”। गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने अभी हाल ही में शिक्षा के मामले में केरल को पीछे छोड़ नंबर-1 स्थान हासिल कर लिया है।
गौरतलब है कि सीएम मान की अगुवाई में राज्य तेजी से विकास कर रहा है। शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक और रोजगार से लेकर विकास तक हर क्षेत्र में लोगों को फायदा पहुंच रहा है। वहीं मुख्यमंत्री के इस फैसले से बड़ी संख्या में प्राइवेट स्कूलों के अभिभावकों को फायदा होने की उम्मीद है। प्राइवेट स्कूल मनमाने तरीके से फीस बढ़ा देते है। लेकिन पंजाब सरकार के इस फैसले के बाद से अब वह ऐसा नहीं कर पाएंगे।
सीएम भगवंत मान ने दी थी जानकारी
बता दें कि सीएम भगवंत मान ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर इस मामले में जानकारी देते हुए कहा था कि “अमृतसर में हुई दुखद घटना के बाद, पिछले 24 घंटों में मुझे निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने के बारे में सैकड़ों अभिभावकों के फोन आए हैं। बच्चों के भविष्य और अभिभावकों को हो रही इस भारी असुविधा को देखते हुए, ‘आपकी सरकार’ ने एक बहुत ही कड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੀ ਦੁਖਦਾਈ ਘਟਨਾ ਤੋਂ ਬਾਅਦ, ਪਿਛਲੇ 24 ਘੰਟਿਆਂ ਵਿੱਚ ਮੈਨੂੰ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਸਕੂਲਾਂ ਵੱਲੋਂ ਮਨਮਰਜ਼ੀ ਨਾਲ ਫੀਸਾਂ ਵਧਾਉਣ ਬਾਰੇ ਮਾਪਿਆਂ ਦੇ ਸੈਂਕੜੇ ਫੋਨ ਆਏ ਹਨ। ਬੱਚਿਆਂ ਦੇ ਭਵਿੱਖ ਅਤੇ ਮਾਪਿਆਂ ਦੀ ਇਸ ਵੱਡੀ ਪਰੇਸ਼ਾਨੀ ਨੂੰ ਦੇਖਦਿਆਂ ‘ਤੁਹਾਡੀ ਸਰਕਾਰ’ ਨੇ ਇੱਕ ਬਹੁਤ ਹੀ ਸਖ਼ਤ ਅਤੇ ਅਹਿਮ ਫੈਸਲਾ ਲਿਆ ਹੈ।
ਹੁਣ ਪੰਜਾਬ ਦਾ ਕੋਈ ਵੀ… pic.twitter.com/9INPfDQLH6— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) June 3, 2026
अब पंजाब में कोई भी निजी स्कूल सालाना 5% से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। इसके साथ ही, जिन स्कूलों ने पिछले 3 वर्षों में 15% से अधिक फीस बढ़ाई है, उन्हें अभिभावकों को वह अतिरिक्त राशि तुरंत वापस करनी होगी। हम जल्द ही इस निर्णय को स्थायी रूप से लागू करने के लिए एक अध्यादेश ला रहे हैं। यह 5% की सीमा न केवल शिक्षण शुल्क पर बल्कि स्कूलों द्वारा एकत्र किए जाने वाले अन्य सभी अनिवार्य निधियों पर भी लागू होगी”।






