Bhagwant Mann सरकार का भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस, देखें कैसे 4 साल में अपराध और आरोपियों पर कस रही चौतरफा नकेल

Bhagwant Mann: पंजाब से अपराध और आरोपियों का नामोनिशान खत्म करने के लिए पिछले 4 साल में विजिलेंस ब्यूरो के साथ-साथ एंटी करप्शन एक्शन लाइन ने कैसे सरकार की मदद की है, सीएम भगवंत मान ने बताया।

Bhagwant Mann

Photo Credit- Google Bhagwant Mann

Bhagwant Mann: पंजाब की सरकार राज्य में शांति विकास के साथ अपराध का नामों निशान खत्म करने के लिए अडिग है। इस दौरान ड्रग तस्करी से लेकर हर संभव राज्य के कोने से अपराधियों की तलाश कर रही है। इसके लिए कई पहल की भी शुरुआत की है। ऐसे में सीएम भगवंत मान सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाती है। वहीं इस सबके बीच प्रेस कांफ्रेंस के द्वारा सीएम भगवंत मान एंटी करप्शन एक्शन लाइन और विजिलेंस ब्यूरो के आंकड़े साझा किए हैं जो निश्चित तौर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके काम को दिखाने के लिए काफी है।

एंटी-करप्शन एक्शन लाइन से Bhagwant Mann सरकार ने इतने अपराधियों को किया गिरफ्तार

सीएम भगवंत मान ने बताया कि एंटी-करप्शन एक्शन लाइन पर 12,218 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 10,820 पर कार्रवाई के लिए भेजा गया। इसके तहत 275 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 341 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। निश्चित पर इन शिकायत को लेकर भगवंत मान सरकार किस कदर एक्टिव है और कैसे अपराधियों का नामोनिशान खत्म करने के लिए अडिग है यह बताने के लिए काफी है।

विजिलेंस ब्यूरो की मदद से इतने शिकायतों का हुआ 4 साल में निवारण

विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई में 487 जगहों पर छापे मारे गए। 4 वर्षों में अपनी आय से अधिक संपत्ति रखने वाले 1215 लोगों के खिलाफ 534 मामले दर्ज किए गए। इस दौरान 143 मामलों में अदालतों ने सज़ा सुनाई। वहीं 4 वर्षों में विजिलेंस के टोल-फ्री नंबर पर 217 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 155 का समाधान किया जा चुका है।

इस हद तक पंजाब के विकास के लिए अडिग हैं भगवंत मान

निश्चित तौर पर पंजाब पुलिस के साथ-साथ एंटी करप्शन एक्शन लाइन के साथ विजिलेंस ब्यूरो के जरिए सीएम भगवंत मान पंजाब का चौतरफा विकास कर रही है। सीएम भगवंत मान अपराध खत्म कर देने के लिए न सिर्फ मामलों की जांच करती है बल्कि अपराधियों को सजा भी देती है। हर दिन ड्रग तस्करी के मामले में गिरफ्तारी हो रही है और भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए अलग-अलग कदम उठाए जा रहे हैं।

 

 

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