Bhagwant Mann: पंजाब में किसानों, छात्रों व अन्य तमाम वर्गों के साथ महिलाओं को भी सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिला है। भारी संख्या में महिलाएं भगवंत मान सरकार की योजनाओं से लाभान्वित होकर सशक्त और आत्मनिर्भर होने में कामयाब रही हैं।
इसमें स्वयं सहायता समूह की संख्या में बढ़ोती और पारिक्रामी निधि के विस्तार ने भी अहम भूमिका निभाई है। इन दोनों की मदद से लाखों महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ी हैं। भगवंत मान सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़े इसके पुख्ता प्रमाण हैं जो बदले पंजाब की तस्वीर प्रदर्शित कर रहे हैं।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में Bhagwant Mann सरकार की भूमिका!
मान सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। इस क्रम में स्वयं सहायता समूहों और पारिक्रामी निधि को विस्तार मिला है। आंकड़ों के मुताबिक आज पंजाब में बड़ी संख्या में महिलाओं को विभिन्न प्रकार के व्यवसाय और स्वरोजगार चलाने के अवसर प्रदान किए गए हैं।
ਨਾਰੀ ਸਸ਼ਕਤੀਕਰਨ ਲਈ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਮਿਸਾਲੀ ਉਪਰਾਲੇ, ਮਾਵਾਂ-ਭੈਣਾਂ ਹੋਈਆਂ ਆਤਮਨਿਰਭਰ!
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @TarunpreetSond ਨੇ ਪ੍ਰੈੱਸ ਵਾਰਤਾ ‘ਚ ਰੱਖੇ ਸ਼ਲਾਘਾਯੋਗ ਅੰਕੜੇ
🔸 ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ‘ਚ ਔਰਤਾਂ ਨੂੰ ਦਿੱਤੇ ਵੱਖੋ-ਵੱਖ ਕਿਸਮ ਦੇ ਕਾਰੋਬਾਰ ਅਤੇ ਸਵੈ-ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਚਲਾਉਣ ਦੇ ਮੌਕੇ
🔸 ਰਿਵਾਇਤੀ ਸਰਕਾਰਾਂ ਅਤੇ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦੇ… pic.twitter.com/vNbsF5gFg1
— AAP Punjab (@AAPPunjab) February 26, 2026
वर्ष 2011 से 2022 तक गठित स्वयं सहायता समूहों की कुल संख्या – 29053 थी। सीएम भगवंत मान के सत्ता में आने पर ये आंकड़ा 2022 से 2026 के बीच बढ़कर 28034 हो गया है। ये दर्शाता है कि किस प्रकार भगवंत मान सरकार महिलाओं को सशक्त करने में अहम भूमिका निभा रही है। पारिक्रामी निधि की बात करें तो इसमें भी बढ़ोतरी देखने को मिलती है।
ਨਾਰੀ ਸਸ਼ਕਤੀਕਰਨ ਲਈ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਮਿਸਾਲੀ ਉਪਰਾਲੇ, ਮਾਵਾਂ-ਭੈਣਾਂ ਹੋਈਆਂ ਆਤਮਨਿਰਭਰ!
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @TarunpreetSond ਨੇ ਪ੍ਰੈੱਸ ਵਾਰਤਾ ‘ਚ ਰੱਖੇ ਸ਼ਲਾਘਾਯੋਗ ਅੰਕੜੇ
🔸 ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ‘ਚ ਔਰਤਾਂ ਨੂੰ ਦਿੱਤੇ ਵੱਖੋ-ਵੱਖ ਕਿਸਮ ਦੇ ਕਾਰੋਬਾਰ ਅਤੇ ਸਵੈ-ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਚਲਾਉਣ ਦੇ ਮੌਕੇ
🔸 ਰਿਵਾਇਤੀ ਸਰਕਾਰਾਂ ਅਤੇ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦੇ… pic.twitter.com/vNbsF5gFg1
— AAP Punjab (@AAPPunjab) February 26, 2026
वर्ष 2011 से 2022 तक प्राप्त परिक्रामी निधि 28.59 करोड़ थी। इसे 2022 से 2026 तक बढ़ाकर 53.03 करोड़ रुपए किया गया जिससे 22568 समूहों तक पहुंच बन सकी। 2022 से 2026 तक पंजाब की माताओं-बहनों ने कुल 631.76 करोड़ का ऋण संवरोजगार के लिए लिया है। ये सारे आंकड़े आत्मनिर्भर व सशक्तिकरण के प्रमाण हैं।
‘रंगला पंजाब’ मुहिम को रफ्तार दे रही महिलाएं!
सूबे को ‘रंगला पंजाब’ बनाने का ड्रीम मिशन लिए सीएम भगवंत मान के मुहिम को रफ्तार मिल रही है। पंजाब की महिलाएं सशक्त होकर मुख्यमंत्री की मुहिम को रफ्तार दे रही हैं। इस क्रम में महिलाओं द्वारा स्वरोजगार के माध्यम शुरू किए गए हैं। महिलाएं सशक्त होकर रोजगार के अवसरों का सृजन कर रही हैं। इससे सूबे की अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है। मजबूत होती अर्थव्यवस्था राज्य के विकास में अहम भूमिका निभाते हुए पंजाब की तस्वीर बदल रही है।





