Bhagwant Mann: पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए प्रयासों का दौर जारी है। इस क्रम में शासन के निर्देशानुसार प्रशासन सख्ती के साथ तस्करों से निपट रहा है। पंजाब के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी, नशीले पदार्थ की बरामदगी और तस्करों की गिरफ्तारी भगवंत मान सरकार की कार्रवाई का प्रमाण है।
इसी कड़ी में विधानसभा में सरकार द्वारा नशीली दवाओं के खिलाफ छिड़े युद्ध की उपलब्धि बताई गई है। 1 मार्च 2025 से 28 फरवरी 2026 तक भगवंत मान सरकार ने क्या कुछ हासिल किया है इसके आंकड़े सार्वजनिक किए गए हैं। आइए हम आपको सबकुछ विस्तार से बताने की कोशिश करते हैं।
नशीली दवाओं के खिलाफ छिड़े युद्ध में Bhagwant Mann सरकार की उपलब्धि!
कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज पंजाब सरकार की ओर से विधानसभा में कुछ आंकड़े पेश किए हैं। उन्होंने बताया है कि 1 मार्च 2025 से 28 फरवरी 2026 तक भगवंत मान सरकार ने क्या कुछ हासिल किया है।
ਕੈਬਿਨਟ ਮੰਤਰੀ @HarpalCheemaMLA ਨੇ ਵਿਧਾਨਸਭਾ ਸੈਸ਼ਨ ‘ਚ ‘ਯੁੱਧ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ’ ਦੇ 1 ਮਾਰਚ 2025 ਤੋਂ 28 ਫਰਵਰੀ 2026 ਤੱਕ ਇੱਕ ਸਾਲ ਦੇ ਅੰਕੜੇ ਕੀਤੇ ਪੇਸ਼
👉 36,178 FIR ਕੀਤੀਆਂ ਦਰਜ
👉 47,902 ਮੁਲਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਗ੍ਰਿਫਤਾਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ
👉 3,036 ਵੱਡੇ ਸਪਲਾਇਅਰ ਕੀਤੇ ਗ੍ਰਿਫ਼ਤਾਰ
👉 3,173 ਨਸ਼ੀਲੇ ਪਦਾਰਥਾਂ ਦੀ ਸਪਲਾਈ… pic.twitter.com/erlM89pVsc— AAP Punjab (@AAPPunjab) March 9, 2026
नशीली दवाओं के खिलाफ छिड़े अभियान के तहत एक वर्ष में 36178 एफआईआर दर्ज की गईं। 47902 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 3036 बड़े ड्रग सप्लायर, 3173 ड्रग तस्कर, 429 बड़े तस्करों सहित 45398 ड्रग तस्कर गिरफ्तार हुए। इसके अलावा 636 फरार अपराधी और 65 बड़े हवाला संचालक गिरफ्तार किए गए।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक नशा के खिलाफ छिड़े अभियान में 2276 किलो हेरोइन, 20 टन 686 किलो अफीम, 786 किलो गांजा, 68 किलो चरस और 36 किलो आइस की बरामदगी हुई है। इसके अलावा प्रशासन ने 17 करोड़ रुपए ड्रग मनी भी बरामद किए हैं। भगवंत मान सरकार ने बताया है कि पंजाब में एनडीपीएस मामलों में दोषसिद्धि दर 89 फीसदी है, जो देश में सबसे अधिक है।
तस्करों के खिलाफ सख्त Bhagwant Mann सरकार!
सीएम भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार तस्करों के खिलाफ सख्त है। उपरोक्त में दर्ज उपलब्धियों के आंकड़े इस बात का पुख्ता प्रमाण हैं। कैसे मान सरकार पंजाब को नशा मुक्त सूबा बनाने की दिशा में काम कर रही है, ये जगजाहिर है। सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश है कि नशीली पदार्थों के तस्करी करने वालों को किसी भी कीमत पर ना बख्शा जाए। ये कदम पंजाब को नशा मुक्त बनाकर युवाओं का भविष्य उज्जवल बनाने की दिशा में उठाया जा रहा है।






