CM Bhagwant Mann: शिक्षा को पंजाब अपना एक ऐसा हथियार मान रहा है जो विकास की गति को तीव्र करने के लिए मददगार है। सीएम भगवंत मान की तरफ से हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि पंजाब में क्रांतिकारी बदलाव आ सके। ऐसे में राज्य उम्मीद पर खड़ा भी उतरा है। जहां पिछले 4.5 सालों में शिक्षा के क्षेत्र में एक अद्भुत विकास की लहर को देखा गया है जहां केरल जैसे शिक्षित राज्य को भी पीछे छोड़ दिया है। आइए जानते हैं सीएम मान आखिर शिक्षा को लेकर किस कदर सख्त रुख अपना रहे हैं और कोई भी खिलवाड़ करने के लिए तैयार नहीं हैं।
सीएम मान का शिक्षा को लेकर क्या है लक्ष्य
🔹 ਬੀਤੇ 4.5 ਸਿੱਖਿਆ ਦੇ ਖੇਤਰ ‘ਚ ਪੰਜਾਬ ਅੰਦਰ ਆਈਆਂ ਕ੍ਰਾਂਤੀਕਾਰੀ ਤਬਦੀਲੀਆਂ
🔹 ਕੇਰਲਾ ਨੂੰ ਪਛਾੜ ਕੇ, ਸਾਰੇ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚੋਂ ਇਸ ਵਾਰ ਪਹਿਲੇ ਸਥਾਨ ‘ਤੇ ਆਇਆ ਪੰਜਾਬ
🔹 ਅਸੀਂ ਦੇਵਾਂਗੇ ਵਧੀਆ ਸਿੱਖਿਆ, ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ ਪੜ੍ਹਾਓ ਅਤੇ ਅਫ਼ਸਰ ਬਣਾਓ–@BhagwantMann
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ, ਪੰਜਾਬ pic.twitter.com/c0Xt1ZlpJ1— AAP Punjab (@AAPPunjab) August 28, 2026
आप पंजाब बे इसे लेकर जानकारी दी जहां सीएम भगवंत मान यह कहते हुए नजर आते हैं कि पिछले 4.5 साल में शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब में क्रांतिकारी बदलाव आया है। केरल को पीछे छोड़कर पंजाब देश में पहले नंबर पर आ गया है। वहीं इसके साथ ही बताया गया कि सीएम भगवंत मान का कहना है कि हम अच्छी शिक्षा देंगे, ज़्यादा से ज़्यादा बच्चों को पढ़ाएंगे और उन्हें अफसर बनाएंगे। शिक्षा को लेकर किसी भी तरह की कोई दिक्कत सरकार की तरफ से ना हो इसके लिए लगातार प्रयासरत सीएम भगवंत मान नजर आ रहे हैं। हर घर शिक्षा पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
CM Bhagwant Mann की वजह से पंजाब में इस तरह आया बदलाव का दौर
यह सच है कि पंजाब में सीएम भगवंत मान की तरफ से शिक्षा में अलग-अलग तरह से बदलाव का दौर जारी है जहां सरकार कुर्सी के लिए नहीं बल्कि लोगों की सेहत, शिक्षा और रोजगार को राज्य का विकास मानती है। बीते दिन पंजाब की शिक्षा व्यवस्था की वजह से सरकारी स्कूलों से नीट पास करने वाले बच्चों की संख्या 882 हो गई। रिपोर्ट की माने तो 2021 में यह महज 80 थी। लोगों को मुफ्त में शिक्षा मिल सके इसके लिए सरकार लगातार प्रयासरत है और सीएम भगवंत मान का कहना है कि वह सिर्फ कुर्सी के लिए नहीं बल्कि लोगों के विकास के लिए बात करते हैं।







