CM Bhagwant Mann: पंजाब की कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने और किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए CM Bhagwant Mann के नेतृत्व वाली सरकार लगातार प्रयास कर रही है। राज्य सरकार द्वारा नहरों की सफाई, पुनरुद्धार और जल प्रबंधन को प्राथमिकता दिए जाने का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है।
लंबे समय बाद कई क्षेत्रों में नहरों का पानी सीधे किसानों के खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे खेती की लागत कम होने के साथ-साथ किसानों को बड़ा लाभ मिल रहा है। माना जा रहा है कि इससे किसानों को जबरदस्त फायदा पहुंच रहा है। सबसे खास बात है कि इससे किसानों को मोटर चलाने की जरूरत नहीं पड़ी है। इससे उनका बिजली बिल भी बच रहा है।
CM Bhagwant Mann की अगुवाई में किसानों को हो रहा है फायदा
आप पंजाब ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “अब पंजाब में पानी की कोई कमी नहीं है!!मान सरकार की कोशिशों से इतिहास में पहली बार नहर के पानी से धान की खेती संभव हो पाई है।
ਹੁਣ, ਪੰਜਾਬ ‘ਚ ਪਾਣੀ ਦੀ ਨਹੀਂ ਕੋਈ ਕਮੀ !!
ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਯਤਨਾਂ ਨੇ ਇਤਿਹਾਸ ‘ਚ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਨਾਲ਼ ਲੱਗਣ ਲਾ ਦਿੱਤਾ ਝੋਨਾ। ਇਹ ਕਾਰਜ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਕਿਸਾਨੀ ਪ੍ਰਤੀ CM ਮਾਨ ਦੀ ਇਮਾਨਦਾਰ ਅਤੇ ਅਗਾਂਵਧੂ ਸੋਚ ਕਰਕੇ ਹੀ ਸੰਭਵ ਹੋ ਸਕਿਆ ਹੈ। pic.twitter.com/kSGFDQ5X1k
— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 13, 2026
यह काम सिर्फ़ पंजाब के किसानों के प्रति CM मान की ईमानदार और प्रगतिशील सोच की वजह से ही मुमकिन हो सका है”। पंजाब के कई जिलों में किसान लंबे समय से सिंचाई के लिए ट्यूबवेल और भूजल पर निर्भर थे। लेकिन पंजाब सरकार के फैसले से अन्नदाताओं को फायदा पहुंच रहा है।
पंजाब सरकार के प्रयासों का दिख रहा है असर
पंजाब के कई जिलों में किसान लंबे समय से सिंचाई के लिए ट्यूबवेल और भूजल पर निर्भर थे। इससे न केवल खेती की लागत बढ़ रही थी बल्कि भूजल स्तर में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही थी। अब नहरों के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचने से किसानों को सिंचाई के लिए वैकल्पिक और सस्ता स्रोत उपलब्ध हो रहा है।
CM Bhagwant Mann ने राज्य में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नहर नेटवर्क की सफाई और मरम्मत पर विशेष जोर दिया है। सरकार का दावा है कि वर्षों से बंद पड़ी या कम क्षमता से चल रही कई नहरों को फिर से सक्रिय किया गया है। नहरों का पानी मिलने से किसानों को डीजल और बिजली आधारित सिंचाई पर कम निर्भर रहना पड़ रहा है।
