‘पंजाब शिक्षा में देश में नंबर वन…’ बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए CM Bhagwant Mann प्रतिबद्ध, 32 लाख पैरेंट्स ने ली राहत की सांस

CM Bhagwant Mann: पंजाब में शिक्षा की क्रांति लाने के लिए पूरी तरह से सरकार प्रतिबद्ध है और ऐसे में जहां सरकारी स्कूलों की कायाकल्प की जा रही है। वहीं प्राइवेट स्कूल में फीस की मनमानी रोकने को लेकर भी मुख्यमंत्री लगातार प्रतिबद्ध है।

CM Bhagwant Mann

Photo Credit- Google CM Bhagwant Mann

CM Bhagwant Mann: पंजाब में शिक्षा की क्रांति की लहर कुछ इस तरह देखी जा रही है कि सरकारी स्कूलों का जहां एक तरफ कायाकल्प किया जा रहा है। सीएम भगवंत मान प्राइवेट स्कूल पर भी शिकंजा कसने में पीछे नहीं हैं। वहीं इस सबके बीच बीते कुछ समय से प्राइवेट स्कूल की फीस में मनमानी रोकने को लेकर लगातार कदम उठाए जा रहे थे और अब विधानसभा में एक जरूरी बिल लाया गया है। इस बारे में जानकारी देते हुए आखिर सीएम भगवंत मान ने क्या कहा है और क्यों शिक्षा को एक खजाना बताते हुए पंजाब के बच्चों के भविष्य को लेकर प्रतिबद्ध नजर आए हैं।

कैसे प्राइवेट स्कूलों पर लगाम कस रहे सीएम भगवंत मान

सीएम भगवंत मान ने x प्लेटफार्म पर कहा कि “शिक्षा एक ऐसा खजाना है जिसे कभी चुराया नहीं जा सकता। हम शिक्षा को मुनाफ़ा कमाने का ज़रिया नहीं बनने देंगे। प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए विधानसभा में एक ज़रूरी बिल लाया गया है। इससे 32 लाख बच्चों के माता-पिता को बड़ी राहत मिलेगी। कोई भी स्कूल 3 साल तक अपनी यूनिफ़ॉर्म नहीं बदल पाएगा और न ही माता-पिता को किसी खास दुकान से खरीदने के लिए मजबूर किया जाएगा।” जाहिर तौर पर ऐसे लोग जो प्राइवेट स्कूल में फीस की वजह से परेशान थे और उन्हें मुश्किलें झेलनी पड़ती थी उन्हें राहत की सांस आई है।

पंजाब की शिक्षा को लेकर क्या बोले CM Bhagwant Mann

इसके साथ ही सीएम भगवंत मान ने यह भी कहा कि “आज पंजाब शिक्षा में देश में नंबर वन है। सरकारी स्कूलों के 882 बच्चों का NEET पास करना इसका एक बड़ा उदाहरण है। हमारी सरकार पंजाब के बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए पूरी तरह से कमिटेड है।” दरअसल नीति रिपोर्ट में पंजाब के सरकारी स्कूलों की स्थिति सबसे बेहतर बताई गई और यह केरल जैसे राज्य को भी मात देने में कामयाब रही है। शिक्षा के मामले में पंजाब फिलहाल देश में नंबर 1 पर है और यह कहीं ना कहीं सीएम मान की पहल से संभव हो सका है।

 

 

Exit mobile version