CM Bhagwant Mann: शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब सरकार लगातार नए कीर्तिमान रच रही है। जिसका असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। बताते चले कि सरकारी स्कूलों में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। सबसे खास बात है कि छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हर प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जा रही है।
जेई और नीट जैसे कठिन परीक्षाओं को बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों के छात्रों ने पास किया है। वहीं अब CM Bhagwant Mann की अगुवाई में शिक्षा विभाग ने एक अहम फैसला लिया है, जो छात्रों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
शिक्षा के क्षेत्र में CM Bhagwant Mann सरकार का बड़ा कदम
आप पंजाब ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “मान सरकार ने 11वीं और 12वीं कक्षा के लिए ‘एंटरप्रेन्योरशिप’ (उद्यमिता) को एक अनिवार्य विषय बना दिया है।
Mann Government makes Entrepreneurship a compulsory subject for Classes 11 & 12.
🔸 AAP Punjab Govt is preparing its students not just for jobs, but to become job creators by introducing Entrepreneurship as the fifth compulsory subject in senior secondary classes.
👉 The…
— AAP Punjab (@AAPPunjab) July 31, 2026
AAP की पंजाब सरकार सीनियर सेकेंडरी कक्षाओं में ‘एंटरप्रेन्योरशिप’ को पांचवें अनिवार्य विषय के तौर पर शामिल करके अपने छात्रों को सिर्फ़ नौकरी पाने के लिए ही नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले (जॉब क्रिएटर) बनने के लिए भी तैयार कर रही है”।
छात्रों को होगा फायदा
सरकरा द्वारा दी जानकारी के अनुसार “पाठ्यक्रम छात्रों में स्वरोज़गार, इनोवेशन और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देगा। तेज़ी से बदलती अर्थव्यवस्था की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया यह कोर्स युवाओं को व्यावहारिक उद्यमिता कौशल से लैस करेगा। पंजाब की शिक्षा प्रणाली को भविष्य के लिए तैयार करने और अगली पीढ़ी को सशक्त बनाने की दिशा में मान सरकार का एक और कदम”।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर सरकार का फोकस
गौरतलब है कि CM Bhagwant Mann की अगुवाई में पंजाब सरकार लगातार स्कूल शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए विभिन्न कदम उठा रही है। स्कूलों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि पंजाब के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हो सकें।
