CM Bhagwant Mann: स्वास्थ्य को लेकर पंजाब सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। जिसक असर भी साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। CM Bhagwant Mann सरकार द्वारा शुरू की गई योजना जिसका नाम है मुख्यमंत्री सेहत योजना जो एक गेमचेंजर साबित हुई है। अभी तक लाखों परिवारों को फायदा पहुंच चुका है। सबसे खास बात है कि बड़ी से बड़ी बीमारी का इलाज मुफ्त में किया जा रहा है। वहीं अब पंजाब की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत 1 सितंबर तक सेप्सिस और सेप्टिक शॉक के लिए ₹51.58 करोड़ के 12,467 इलाज किए गए हैं।
मुख्यमंत्री सेहत योजना लाखों परिवारों के लिए बनी गेमचेंजर
गवर्मेंट ऑफ पंजाब ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “शुरुआत में मामूली लगने वाला संक्रमण भी कुछ ही घंटों में जानलेवा बन सकता है, जब वह सेप्सिस और सेप्टिक शॉक में तब्दील हो जाता है। पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना (एमएमएसवाई) के तहत 1 सितंबर तक सेप्सिस और सेप्टिक शॉक के 12,467 उपचार दर्ज किए गए हैं, जिन पर ₹51.58 करोड़ का खर्च आया है।
An infection that may initially appear routine can become life-threatening within hours when it progresses to sepsis and septic shock. Punjab’s Mukh Mantri Sehat Yojana (MMSY) has recorded 12,467 treatments for sepsis and septic shock, worth ₹51.58 crore, till September 1,… pic.twitter.com/PxE5i0yB9L
— Government of Punjab (@PbGovtIndia) September 2, 2026
यह इस स्थिति के चिकित्सा और वित्तीय बोझ को दर्शाता है। इनमें से गंभीर सेप्सिस के 10,961 उपचारों पर ₹44.33 करोड़ का खर्च आया, जबकि सेप्टिक शॉक के 1,506 उपचारों पर ₹7.25 करोड़ का खर्च हुआ। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने समय पर पहचान के महत्व पर जोर दिया”।
लाखों परिवारों के लिए क्यों अहम है योजना?
मुख्यमंत्री सेहत योजना का महत्व सिर्फ गंभीर बीमारियों के इलाज तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच उपलब्ध कराना और महंगे इलाज के कारण परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करना है।
सेप्सिस जैसे मामलों में इलाज में देरी स्थिति को और गंभीर बना सकती है। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य योजना के जरिए समय पर उपचार की सुविधा मिलना मरीजों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। गौरतलब है कि CM Bhagwant Mann के प्रयासों का ही नतीजा है कि पंजाब में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर हो चुकी है।
