CM Bhagwant Mann: पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया है। CM Bhagwant Mann के नेतृत्व वाली सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में निजी स्कूल अब एक शैक्षणिक सत्र में 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करना और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। बता दें कि कुछ दिनों पहले एक स्कूल छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी। दावा किया जा रहा कि प्राइवेट स्कूल ने फीस ना देने पर बार-बार प्रयास किया जा रहा है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी जानकारी।
CM Bhagwant Mann सरकार का बड़ा आदेश
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “अभिभावकों की जेब पर अनावश्यक बोझ कम करने के लिए मैन सरकार का ऐतिहासिक निर्णय। अब निजी स्कूल सालाना 5% से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेंगे,
ਮਾਪਿਆਂ ਦੀ ਜੇਬ ‘ਤੇ ਪੈਂਦੇ ਬੇਲੋੜੇ ਬੋਝ ਨੂੰ ਘਟਾਉਣ ਲਈ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਇਤਿਹਾਸਕ ਫ਼ੈਸਲਾ।
ਹੁਣ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਸਕੂਲ ਸਾਲਾਨਾ 5% ਤੋਂ ਵੱਧ ਫ਼ੀਸ ਨਹੀਂ ਵਧਾ ਸਕਣਗੇ ਅਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਵੱਧ ਵਸੂਲੀ ਵੀ ਵਾਪਸ ਕਰਨੀ ਹੋਵੇਗੀ। pic.twitter.com/yx8Ip4ZW0p
— Harjot Singh Bains (@harjotbains) July 18, 2026
और उन्हें पहले से वसूल की गई अतिरिक्त फीस भी वापस करनी होगी”।
ਮਾਪਿਆਂ ਦੀ ਜੇਬ ‘ਤੇ ਪੈਂਦੇ ਬੇਲੋੜੇ ਬੋਝ ਨੂੰ ਘਟਾਉਣ ਲਈ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਇਤਿਹਾਸਕ ਫ਼ੈਸਲਾ।
ਹੁਣ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਸਕੂਲ ਸਾਲਾਨਾ 5% ਤੋਂ ਵੱਧ ਫ਼ੀਸ ਨਹੀਂ ਵਧਾ ਸਕਣਗੇ ਅਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਵੱਧ ਵਸੂਲੀ ਵੀ ਵਾਪਸ ਕਰਨੀ ਹੋਵੇਗੀ। pic.twitter.com/yx8Ip4ZW0p
— Harjot Singh Bains (@harjotbains) July 18,
फीस वृद्धि पर सरकार की सख्ती
CM Bhagwant Mann सरकार ने निजी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि फीस बढ़ोतरी निर्धारित नियमों और तय सीमा के भीतर ही की जाए। सरकार का मानना है कि शिक्षा एक आवश्यक सेवा है और इसे अनावश्यक आर्थिक बोझ का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। यदि कोई स्कूल तय सीमा से अधिक फीस बढ़ाता है या नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हर साल फीस बढ़ने से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ता है। जिसे देखते हुए सरकार की तरफ से ये फैसला लिया गया है।







