CM Bhagwant Mann: पंजाब को पराली जलाने को लेकर बदनाम किया जाता था और राजनीतिक माहौल काफी गरमाया होता था। सीएम भगवंत मान की वजह से तस्वीर बदल रही है। मुख्यमंत्री के दिशा निर्देश पर पराली को एक बिजनेस के तौर पर देख रहे हैं जहां इसका शानदार प्रबंध किया गया है। मुख्यमंत्री कि वजह से अब पंजाब में कोई परली जल नहीं रही है बल्कि इसे बेचकर किसान अब पैसे कमा रहे हैं। जानिए पूरी डिटेल्स क्या है। किस तरह से सरकार ने पंजाब के लोगों के लिए पराली की सुविधा जारी कर उन्हें सौगात दिया।
कैसे पराली को लेकर सालों की समस्या से CM Bhagwant Mann ने दी मुक्ति
Mann Sarkar gave subsidies to farmers as well as access to technologies for stubble management like Happy Seeders and mulchers. The change is visible. https://t.co/RuXFTzxqy5
— AAP Punjab (@AAPPunjab) November 1, 2026
दरअसल इसे लेकर पूरी जानकारी देते हुए आप पंजाब ने लिखा कि “सरकार ने किसानों को सब्सिडी दी और पराली मैनेजमेंट के लिए हैप्पी सीडर और मल्चर जैसी टेक्नोलॉजी भी दी। बदलाव दिख रहा है।” निश्चित तौर पर नई टेक्नोलॉजी को अपनाने से अब बिना मेहनत किसान पराली को जलाने की बजाय उसका इस्तेमाल कर पैसे कमा रही है।
कैसे सीएम मान ने किसानों को दिया सौगात
पंजाब में सीएम भगवंत मान ने किसानों और सहकारी समितियों को हैप्पी सीडर, सुपर सीज़र, मल्चर, और धान के भूसे के चॉपर जैसी मशीनों पर 50% से 80% तक की सब्सिडी प्रदान करते हुए उन्हें परली का इस्तेमाल करने की इजाजत दी है। आधुनिक तकनीक की वजह से यह आसान हुआ है। मल्चर पराली को छोटे टुकड़ों में काटकर मिट्टी में मिला देता है, जिससे मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ती है। इतना ही नहीं हैप्पी सीडर बिना पराली जलाए गेहूं की सीधी बुवाई करने में मदद करता है। इसकी वजह से किसानों को ईंधन और मेहनत दोनों ही बचता है और यह उनके लिए किसी तोहफे से कम नहीं है। निश्चित तौर पर सीएम भगवंत मान की ईमानदारी और मेहनत की वजह से पराली को लेकर सालों से चली आ रही इस समस्या का समाधान मिला है। पंजाब के किसान इसका भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं।







