शिक्षा के क्षेत्र में आई नई क्रांति, CM Bhagwant Mann सरकार के फैसले से पंजाब ने हासिल किया नया कीर्तिमान, जानें सबकुछ

CM Bhagwant Mann: शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। जिसका असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है।

CM Bhagwant Mann

फाइल फोटो

CM Bhagwant Mann: शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। जिसका असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चलाए जा रहे सुधारों का असर अब छात्रों के परीक्षा परिणामों और प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रदर्शन के रूप में दिखाई देने लगा है।

CM Bhagwant Mann के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार इसे अपनी ‘शिक्षा क्रांति’ का परिणाम बता रही है। सरकार ने स्कूलों के बुनियादी ढांचे से लेकर शिक्षकों की ट्रेनिंग और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने तक कई स्तरों पर बदलाव किए हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब बना नंबर वन

गवर्मेंट ऑफ पंजाब ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “मुख्यमंत्री CM Bhagwant Mann के नेतृत्व में, पंजाब ने नीति आयोग के स्कूल शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक 2026 में पहला स्थान हासिल किया है। जहाँ 2022 में 8,000 स्कूलों में बाउंड्री वॉल नहीं थी और 4 लाख बच्चे ज़मीन पर बैठते थे,

वहीं आज पंजाब के सरकारी स्कूलों से 882 छात्र NEET क्वालिफ़ाई कर चुके हैं और यह देश का पहला राज्य बन गया है जिसने कक्षा 1 से 12 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्य विषय के तौर पर शामिल किया है। यह वही क्रांति है जिसका वादा पंजाब सरकार ने किया था”।

नीट में सरकारी स्कूलों में छात्रों का बेहतरीन प्रदर्शन

शिक्षा क्षेत्र में सबसे उल्लेखनीय बदलावों में से एक मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की बढ़ती सफलता है। जुलाई 2026 में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नीट यूजी 2026 क्वालिफाई करने वाले 882 सरकारी स्कूल विद्यार्थियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक 2022 में यह संख्या 82 थी, यानी चार वर्षों में इसमें करीब 11 गुना बढ़ोतरी हुई।

यह आंकड़ा इस लिहाज से महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता लंबे समय से एक बड़ी चुनौती मानी जाती रही है।

 

 

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