CM Bhagwant Mann: सिख इतिहास के सम्मान में पंजाब सरकार ने अपनी बेहतरीन सेवाएं दी है। इस दौरान यह बता दिया कि धर्म का इस्तेमाल सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए नहीं किया जाता है। सीएम भगवंत मान के कार्यकाल में कई बड़े बदलाव देखने को मिले जो आज से पहले पंजाब में नहीं हुआ था। आइए जानते हैं आखिर कैसे सिख समुदाय के इतिहास को सम्मानित करने के लिए सीएम भगवंत मान ने राज्य में हर तरफ बदलाव करने के साथ मिसाल कायम करने में कामयाब रहे हैं जो निश्चित तौर पर चर्चा में है। इसकी जानकारी आप पंजाब ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए देते हुए नजर आए।
CM Bhagwant Mann ने लिए सिखों के धार्मिक मामलों से जुड़े फैसले
ਸਿੱਖ ਇਤਿਹਾਸ ਦੇ ਸਨਮਾਨ ਵਿੱਚ CM ਮਾਨ ਨੇ ਨਿਭਾਈਆਂ ਮਿਸਾਲੀ ਸੇਵਾਵਾਂ!
ਬੇਅਦਬੀ ਵਿਰੋਧੀ ਕਨੂੰਨ, ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬਾਨਾਂ ਵਾਲ਼ੇ ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਨੂੰ ਪਵਿੱਤਰ ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਦਾ ਦਰਜਾ, ਯਾਦਗਾਰੀ ਪੁਰਬਾਂ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਵੱਡੇ ਸਮਾਗਮ ਵਰਗੇ CM ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਦੇ ਕੀਤੇ ਕੰਮ ਆਪਣੀ ਮਿਸਾਲ ਆਪ ਹਨ। ਇਹ ਕੰਮ ਅਖੌਤੀ ਪੰਥਕ ਮੁਖੌਟਾ ਪਾਈ ਫਿਰਦੇ ਧੜੇ ਵੀ ਕਰ ਸਕਦੇ ਸੀ ਪਰ… pic.twitter.com/GG4lc9Yibm
— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 18, 2026
आप पंजाब ने सोशल मीडिया के जरिए पंजाब के सीएम भगवंत मान की सरकार द्वारा सिखों के धार्मिक मामलों से जुड़े कामों की तारीफ करते हुए दिखे हैं। इस दौरान विरोधियों यानी विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा गया है। पोस्ट के मुताबिक सीएम भगवंत मान के कार्यकाल में सिखों के धार्मिक मामलों से जुड़े फैसले लिए गए लेकिन पहले के नेताओं ने सिर्फ राजनीति चमकाने और वोट बैंक के लिए धर्म का इस्तेमाल किया।
सीएम मान ने सिख धर्म के लिए क्या किया खास
सिख समुदाय के लिए जारी किए गए फैसले के बारे में बात करते हुए सीएम भगवंत मान की आप पंजाब ने कहा की बलि विरोधी कानून हो या तख्त साहिब वाले शहरों को पवित्र शहर का दर्जा देना, मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा यादगार त्योहारों के लिए बड़े आयोजन करना यह सभी अपने आप में मिसाल है। यह कामकथित पंथिक समूह भी कर सकते थे लेकिन उन्होंने धर्म का इस्तेमाल सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए किया।
यह निश्चित तौर पर पंजाब की विकास और सिख भावनाओं के करीब सीएम भगवंत मन को दिखाने के लिए काफी है। सरकार पवित्र स्थान के सम्मान और इतिहास को संजोने के प्रयास के बारे में लगातार तत्पर है और इसे यह दर्शाने के लिए काफी है। इसके लिए अक्सर मान सरकार चर्चा में है।
