---Advertisement---

Punjab News: अरविंद केजरीवाल की उद्योग को गारंटी, चीन से मुकाबला करने के लिए पंजाब में सभी सुविधाएं देगी ‘आप’ सरकार

Punjab News:मोहाली में तीन दिन चलने वाले प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन-2026 की आज धमाकेदार शुरुआत हुई। सम्मेलन के पहले दिन दिग्गज उद्योगपतियों ने 10,000 करोड़ रुपए का निवेश के वादे करते हुए राज्य में कारोबार और बढ़ाने का ऐलान भी किया। निवेशकों और उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि चीन से मुकाबला करने के लिए पंजाब सरकार उद्योग को हर तरह की सुविधा देगी। उन्होंने कहा कि कारोबार-अनुकूल माहौल के कारण महज चार सालों में पंजाब में एक लाख 50 हजार करोड़ रुपए का निवेश आ चुका है।

Avatar of Aarohi

By: Aarohi

Published: मार्च 13, 2026 11:32 अपराह्न

Punjab News
Follow Us
---Advertisement---

Punjab News:मोहाली में तीन दिन चलने वाले प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन-2026 की आज धमाकेदार शुरुआत हुई। सम्मेलन के पहले दिन दिग्गज उद्योगपतियों ने 10,000 करोड़ रुपए का निवेश के वादे करते हुए राज्य में कारोबार और बढ़ाने का ऐलान भी किया। निवेशकों और उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि चीन से मुकाबला करने के लिए पंजाब सरकार उद्योग को हर तरह की सुविधा देगी। उन्होंने कहा कि कारोबार-अनुकूल माहौल के कारण महज चार सालों में पंजाब में एक लाख 50 हजार करोड़ रुपए का निवेश आ चुका है।

बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके पैदा करने पर केंद्रित कारोबार-अनुकूल ईको-सिस्टम सृजित कर रही है।

औद्योगिक क्षेत्र के लिए बड़े सुधारों का विस्तार से जिक्र करते हुए ‘आप’ सुप्रीमो ने बताया कि कैसे भगवंत सिंह मान सरकार ने 45 दिनों की सिंगल-विंडो क्लीयरेंस प्रणाली शुरू की है और मानव संसाधन, औद्योगिक विकास तथा युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके पैदा करने पर केंद्रित कारोबार-अनुकूल ईको-सिस्टम सृजित कर रही है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह सम्मेलन आर्थिक विकास, रोजगार तथा औद्योगिक विस्तार के नए पड़ाव की शुरुआत है, क्योंकि राज्य खुद को तेजी से मंजूरियों, उद्योग-अनुकूल नीतियों तथा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और हुनरमंद मानव शक्ति पर केंद्रित करके सबसे प्राथमिक निवेश स्थान के रूप में पेश कर रहा है।

प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन को संबोधित करते हुए, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य के औद्योगिक विकास को बड़ा बढ़ावा देते हुए पंजाब सरकार ने पंजाब में निवेश करने के लिए मोहरी उद्योगों को लाया है। यह बहुत गर्व और तसल्ली वाली बात है कि प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन-2026 के पहले दिन ही पंजाब ने 10,000 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्राप्त किए हैं। एच.एम.ई.एल., टाटा स्टील, जे.एस.डब्ल्यू, ट्राइडेंट ग्रुप, हीरो इंडस्ट्रीज और उद्योग जगत के कई अन्य उद्योपतियों ने राज्य में पहले से चल रहे कारोबार का विस्तार करने और नए प्रोजेक्ट लगाने की योजनाओं का ऐलान किया है।”

उन्होंने आगे कहा, “पंजाबी अपने उद्यमी स्वभाव, नई सोच और हर समस्या का हल निकाल लेने वाली भावना के लिए जाने जाते हैं। आपको शायद ही कोई पंजाबी भीख मांगता मिलेगा क्योंकि हमारे लोग सख्त मेहनत में विश्वास रखते हैं और वे ऐसे स्वभाव के मालिक हैं कि सबसे मुश्किल समय में भी हार मानने की बजाय सफल होते हैं। पंजाबी समर्पण भावना, वचनबद्धता और सख्त मेहनत से दिन में 20 घंटे काम कर सकते हैं। दुनिया भर में यह निराला गुण पंजाबियों में ही है।”

पंजाबियों की विश्वव्यापी पहचान का विशेष तौर पर जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाबी एक जुझारू कौम है जो दलेर और उद्यमी हैं। उन्होंने दुनिया के हर क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया है। जब भी दुनिया में कहीं कोई दुखांत आता है, तो उस वक्त जरूरतमंदों तक लंगर पहुंचाने के लिए पंजाबी सबसे पहले पहुंचता है और पहले पातशाह श्री गुरु नानक देव जी की सेवा और मानवता की शिक्षाओं के संदेश की पालना करता है। पंजाब को अमीर संस्कृति, उपजाऊ धरती और भाईचारे की साझेदारी की बख्शिश प्राप्त है। पंजाब की उपजाऊ धरती पर सब कुछ उग सकता है, लेकिन नफरत का बीज यहां कभी जड़ नहीं पकड़ सकता। श्री गुरु नानक देव जी और महान सिख गुरुओं के संदेश की पालना करते हुए हर पंजाबी सरबत दे भले और चढ़दी कला के लिए अरदास करता है। साल 2022 से जब हमारी सरकार ने सत्ता संभाली है, पंजाब ने बिजली, स्वास्थ्य, रियल एस्टेट, बुनियादी ढांचा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में शानदार तरक्की देखी है।”

शिक्षा सुधारों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने आगे कहा, “आज पंजाब के युवा यूपीएससी, जेईई, नीट और आईआईटी जैसी प्रवेश परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि राज्य सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को काफी मजबूत किया है। पंजाब के 30 स्कूल प्रिंसिपल इस समय सिंगापुर में विश्व स्तरीय प्रशिक्षण ले रहे हैं ताकि उनकी विशेषज्ञता राज्य भर के अध्यापकों और विद्यार्थियों को और लाभ पहुंचा सके। पंजाब में इस समय मोहाली, हलवारा, अमृतसर, बठिंडा, पठानकोट और आदमपुर में हवाई अड्डे कार्यशील हैं। इसके साथ ही राज्य में सड़की बुनियादी ढांचा भी तेजी से विकसित हो रहा है। मैं उद्योगों को पंजाब में आने, निवेश करने और काम करने का सादा देता हूं ताकि हम एकजुट होकर प्रगतिशील और खुशहाल राज्य बना सकें।”

पंजाब के स्थानीय उद्योग की सफल कहानियों के उदाहरण देते हुए, उन्होंने कहा, “पंजाब आधारित उद्यम जैसे सोनालिका, प्रीत ट्रैक्टर, ड्यूक, मोंटी कार्लो और कई अन्य स्थानीय उद्यमियों की प्रेरणादायक उदाहरण हैं। पंजाब के दरवाजे सभी निवेशकों के लिए खुले हैं और हम आंखें बिछाकर उनका स्वागत करते हैं। हमारी नीतियां लचीली हैं और उद्योग की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार की गई हैं। मैं आप सभी को यहां निवेश करने, पंजाबियों के लिए नौकरियां पैदा करने और पंजाब को सफलता की नई कहानी लिखने में मदद करने की अपील करता हूं। पंजाब सरकार हुनर शिक्षा और प्रशिक्षण को उद्योग की जरूरतों से जोड़ रही है ताकि पंजाब में हुनरमंद मानव शक्ति का मजबूत पूल बनाया जा सके। उद्योग को जो भी मानव शक्ति चाहिए, सरकार यह यकीन बनाएगी कि युवाओं को जरूरी प्रशिक्षण मिले। इससे रोजगार के मौके पैदा होंगे और राज्य में आर्थिक विकास तेज होगा।”

देश-विदेश से पहुंचे कारोबारियों का स्वागत करते हुए भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “मैं गुरुओं, संतों-महापुरुषों और पीरों की धरती पर सभी कारोबारियों का स्वागत करता हूं। हमें आज हमारे बीच ऐसी ऊंची शख्सियतों का मान हासिल है। पंजाब, देश के सबसे अनुकूल निवेश स्थानों में से एक है और हम निवेशकों को सुविधा देने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। हमारा दृष्टिकोण पंजाब को मोहरी औद्योगिक हब बनाने के लिए सरकार और उद्योग के बीच मजबूत भागीदारी बनाना है।”
उद्यमियों से अपील करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “उद्यमी हर किसी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और वे उन अवसरों का प्रतिनिधित्व करते हैं जिन्हें पंजाब और भारत के युवा हासिल करना चाहते हैं। चाहे हम सार्वजनिक, निजी या गैर-लाभकारी क्षेत्रों में काम करते हों, हममें से प्रत्येक की जिम्मेदारी है कि हम अपने देश, समाज और परिवारों के लिए अपनी उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करें। यह सम्मेलन केवल समझौतों पर हस्ताक्षर करने के बारे में नहीं है, बल्कि ज्ञान साझा करने, विचार-विमर्श करने और एक-दूसरे से सीखने के बारे में भी है।”
भविष्य के दृष्टिकोण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने ऐसा रास्ता चुना है जो आर्थिक विकास को तेज़ कर पंजाब के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगा। उन्होंने कहा, “मैंने देखा है कि पंजाब की युवा पीढ़ी जीवन में कुछ बड़ा हासिल करना चाहती है। वे स्वभाव से ऐसे हैं जो अलग-थलग रहकर नहीं रह सकते। मुझे पूरा विश्वास है कि परमात्मा ने मुझे पंजाब का नेतृत्व करने का यह अवसर इसलिए दिया है ताकि हम अपने लोगों के जीवन में सार्थक परिवर्तन ला सकें।”

पंजाब अब नवाचार और तकनीक से प्रेरित उद्यमिता की नई संस्कृति की ओर परिवर्तन के दौर में है

नवाचार और प्रौद्योगिकी को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब अब नवाचार और तकनीक से प्रेरित उद्यमिता की नई संस्कृति की ओर परिवर्तन के दौर में है। राज्य के युवा नए विचारों और नवाचारों के साथ सामने आ रहे हैं और उनका समर्थन करना हमारी जिम्मेदारी है। हम इस दिशा में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा, उत्कृष्ट संपर्क व्यवस्था, प्रमुख शैक्षणिक संस्थान और सहायक सरकारी नीतियां मिलकर पंजाब को वैश्विक स्तर पर सबसे पसंदीदा निवेश स्थलों में से एक बनाती हैं।”
उद्योगपतियों का धन्यवाद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं पंजाब की विकास यात्रा का हिस्सा बनने के लिए सभी व्यापारिक नेताओं का आभार व्यक्त करता हूं। हमारी सरकार पंजाब को दुनिया के प्रमुख औद्योगिक और निर्यात केंद्र में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत सरकार द्वारा कराई गई ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ रैंकिंग में पंजाब शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल है। पंजाब सरकार के एकीकृत नियामक ‘इनवेस्ट पंजाब’ को भारत सरकार द्वारा शीर्ष प्रदर्शन करने वाली निवेश प्रोत्साहन एजेंसियों में से एक के रूप में मान्यता दी गई है।”

सुशासन की कार्यप्रणाली का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “हमारी सरकार पंजाब के लिए समग्र आर्थिक और वित्तीय सफलता चाहती है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि हमारे विकास के स्तंभ सुशासन, डिजिटलीकरण, निर्णायक नेतृत्व, पारदर्शिता और संवेदनशीलता हैं। पंजाब की समृद्ध विरासत और संस्कृति के साथ ये सभी तत्व मिलकर दुनिया भर के निवेशकों के लिए यहां तेज़ी से विकास करने का अनुकूल वातावरण तैयार करते हैं। मैं उद्योग जगत के सभी नेताओं का पंजाब में निवेश करने के लिए स्वागत करता हूं। दुनिया इस समय चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है, लेकिन हमें यह मानना चाहिए कि हममें से प्रत्येक के पास सकारात्मक योगदान देने की क्षमता है और यही इस सम्मेलन का उद्देश्य है।”
अपने संबोधन का समापन करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भविष्य हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। पंजाब शायद दुनिया का एकमात्र ऐसा प्रदेश है जिसके लोगों की मौजूदगी दुनिया भर में है, क्योंकि पंजाबी जहां भी जाते हैं, ऊंचाइयों को छूते हैं। पंजाबी कड़ी मेहनत करने और सफल होने की अद्भुत भावना रखते हैं। वे जहां भी जाते हैं, अपनी पहचान छोड़ते हैं। पंजाब का अर्थ है कारोबार और मैं उद्योग जगत के नेताओं को आमंत्रित करता हूं कि वे एक समृद्ध भविष्य बनाने के लिए सरकार के साथ हाथ मिलाएं।”
इस दौरान ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पंजाब गुरुओं और पीरों-पैगंबरों की धरती है, जिन्होंने ऐसे संदेश दिए जो सदियों से न केवल पंजाब बल्कि पूरे देश और दुनिया को प्रेरित करते रहे हैं। पंजाब मेहनती लोगों की भूमि है। जब भी देश को अनाज का संकट आया, पंजाब के मेहनती किसानों ने अपनी मेहनत से यह सुनिश्चित किया कि देश को भोजन मिले और देश का पेट भरे।”

पंजाब उद्यमियों और व्यापारियों की भूमि भी है

उन्होंने कहा, “पंजाब देशभक्तों की भूमि भी है। आज़ादी के संघर्ष में पंजाबियों ने सबसे अधिक बलिदान दिए और आज भी आपको हमारी सशस्त्र सेनाओं में सेवा करने वाले सबसे अधिक पंजाबी मिलेंगे। पंजाब उद्यमियों और व्यापारियों की भूमि भी है। उद्यमिता की भावना पंजाबियों के खून में दौड़ती है। मज़ाक में यह भी कहा जाता है कि यदि एक दिन इंसान चांद पर रहने लगे तो वहां सबसे पहले ‘पंजाबी ढाबा’ खुलेगा।”
पंजाब की आर्थिक पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा, “साल 1980 के दशक में एक समय ऐसा था जब प्रति व्यक्ति आय के मामले में पंजाब देश में पहले स्थान पर था। आर्थिक रूप से पंजाब पूरे देश में सबसे विकसित और प्रगतिशील राज्य था। लेकिन पिछले 40 वर्षों में पंजाब धीरे-धीरे 18वें स्थान पर पहुंच गया। जब हमने 2022 में सरकार की जिम्मेदारी संभाली, उस समय माहौल काफी निराशाजनक था और उद्योग पंजाब से पलायन कर रहा था। उद्योग मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश की ओर जा रहे थे। पंजाब की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी और राज्य भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था। उसी परिस्थिति में हमने पंजाब की कमान संभाली।”
अपनी पार्टी द्वारा अपनाए गए दृष्टिकोण के बारे में बताते हुए ‘आप’ प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कहा, “मैं आम आदमी पार्टी को केवल एक पार्टी या एक राजनीतिक शुरुआत नहीं मानता, बल्कि उद्योग की भाषा में यह एक ‘यूनिकॉर्न’ है। आम आदमी पार्टी ने पिछले कुछ वर्षों में जो प्रगति की है, वह अद्भुत है। इसे केवल 10 से 12 साल हुए हैं और इतने कम समय में आम आदमी पार्टी एक राष्ट्रीय पार्टी बन गई है। आम आदमी पार्टी युवाओं और शिक्षित लोगों की पार्टी है। हमारी पार्टी में आपको आईआईटी इंजीनियर, आईआईएम मैनेजर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, ऑक्सफोर्ड से पढ़े-लिखे लोग, वकील और पत्रकार मिलेंगे। इसलिए जब भी कोई समस्या आती है, हम उसका वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण करने की कोशिश करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “जब हमने पंजाब में सरकार की बागडोर संभाली और हर तरफ निराशा का माहौल देखा, तो हमने यह समझने की कोशिश की कि वे देश जो कभी भारत से पीछे थे, आज इतनी तेजी से कैसे आगे बढ़ गए। उदाहरण के तौर पर साउथ कोरिया , जापान , जर्मनी , सिंगापुर और चाइना को ही ले लीजिए। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापान और जर्मनी पूरी तरह तबाह हो गए थे, फिर भी आज वे दुनिया के सबसे विकसित देशों में शामिल हैं। जब सिंगापुर आज़ाद हुआ था, तब उसके पास लगभग कुछ भी नहीं था और उसकी हालत बहुत खराब थी। उस समय सिंगापुर हमसे बहुत पीछे था, लेकिन आज वह दुनिया में सबसे अधिक प्रति व्यक्ति आय वाले देशों में शामिल है। कोरियाई युद्ध के बाद दक्षिण कोरिया की स्थिति भी बहुत भयावह थी, लेकिन आज वह भी दुनिया के सबसे विकसित देशों में गिना जाता है। कुछ दशक पहले चीन भारत से बहुत पीछे था, लेकिन आज चीन दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्तियों में से एक बन गया है।”
इन उदाहरणों से मिले सबकों का जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन देशों के अध्ययन से दो महत्वपूर्ण बातें सामने आईं, जिनसे हमने प्रेरणा ली। पहली यह कि उन्होंने अपने उद्योगपतियों के साथ बैठकर चर्चा की कि बड़े पैमाने पर औद्योगिक विकास सुनिश्चित करने के लिए क्या किया जाना चाहिए। उनसे पूछा गया कि उद्योगों की क्या जरूरतें हैं, लोगों को क्या चाहिए और कारोबार करने वालों को क्या सुविधाएँ चाहिए। यदि 4 या 5 प्रतिशत से कहीं अधिक तेज़ औद्योगिक विकास चाहिए, तो उसके लिए क्या कदम उठाने होंगे। दूसरा महत्वपूर्ण काम जो उन्होंने किया, वह था अपनी मानव पूंजी में निवेश करना। इन दो बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए हमने भी उसी रास्ते पर चलने का फैसला किया।
उद्योगों के साथ हुए संवाद के बारे में बताते हुए उन्होंने आगे कहा कि पिछले दो से तीन वर्षों में उन्होंने और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पूरे पंजाब का दौरा किया और उद्योगपतियों, व्यापारियों तथा कारोबारियों के साथ कई बैठकें कीं। इन बैठकों में उनसे उनकी जरूरतों के बारे में जाना गया। उन्होंने कहा कि यदि हम अपने एयर-कंडीशंड कमरों में बैठकर यह सोचें कि हमें सब कुछ पता है, तो यह सही नहीं है। हमें टेक्सटाइल उद्योग कैसे काम करता है, आतिथ्य उद्योग कैसे चलता है या रियल एस्टेट क्षेत्र को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है—इस बारे में पूरी जानकारी नहीं हो सकती। उद्योगों को किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और उन्हें क्या चाहिए, यह केवल उनसे सुनकर ही समझा जा सकता है।

इन सभी बैठकों के बाद एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आया

‘आप’ सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन सभी बैठकों के बाद एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आया। हमें पता चला कि उद्योगपति और व्यापारी सरकारी दखलअंदाजी से बेहद परेशान थे। सभी की केवल एक ही मांग थी कि सरकार हस्तक्षेप बंद करे और उन्हें स्वतंत्र रूप से अपना काम करने तथा अपने कारोबार को चलाने दिया जाए। कारोबारियों को सरकारी विभागों, अनुमतियों, जुर्मानों, धमकियों और निरीक्षणों जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। सभी व्यापारी और उद्यमी इस व्यवस्था में फंसे हुए थे। इसलिए इन बैठकों से प्रेरणा लेकर हमने कई बड़े सुधार किए।
उन्होंने कहा कि पहला कदम पिछले साल जून में “फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल” शुरू करना था। यदि आप नया उद्योग स्थापित करना चाहते हैं या मौजूदा उद्योग का विस्तार करना चाहते हैं, तो आपको सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से 45 दिनों के भीतर मंजूरी मिल जाएगी। आपको केवल ऑनलाइन आवेदन करना होगा। किसी से मिलने या कहीं जाने की आवश्यकता नहीं है। यदि 45 दिनों के भीतर मंजूरी नहीं दी जाती है, तो 46वें दिन सॉफ्टवेयर अपने आप सभी मंजूरियां दे देता है। आपको सभी विभागों से स्वतः ‘डीम्ड अप्रूवल’ मिल जाता है और कहीं जाने की जरूरत नहीं रहती।
उन्होंने कहा कि हर कोई सिंगल विंडो सिस्टम होने का दावा करता है, लेकिन वास्तविकता कुछ और होती है। हालांकि पंजाब में स्थिति अलग है और यहां उद्योगों के लिए पूरी तरह अनुकूल माहौल बनाया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान स्वयं इसकी निगरानी करते हैं, जबकि कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा व्यक्तिगत रूप से हर प्रस्ताव की समीक्षा करते हैं। कोई भी प्रस्ताव 45 दिनों से अधिक लंबित नहीं रहता। चाहे उद्योग बड़ा हो या छोटा—45 दिनों के भीतर मंजूरी की गारंटी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में इस समय सीमा को 10 या 15 दिनों तक भी कम किया जा सकेगा।
नई प्रणाली की तुलना पहले की व्यवस्था से करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार से पहले ऐसा समय था जब तक किसी मंत्री या अधिकारी को पैसे या लाभ की पेशकश नहीं की जाती थी, तब तक मंजूरी नहीं मिलती थी। कई मामलों में महीनों और कभी-कभी वर्षों तक इंतजार करना पड़ता था। यदि कोई उद्योग स्थापित करना चाहता था, तो उसे सिफारिशें करवानी पड़ती थीं और रिश्वत देनी पड़ती थी, लेकिन फिर भी काम नहीं होता था। अब ऐसा नहीं है। अब केवल आवेदन करना होता है और 45 दिनों के भीतर सभी मंजूरियां मिल जाती हैं।
छोटे कारोबारों के लिए राहत उपायों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) के लिए भी एक बड़ा कदम उठाया गया है। यदि आपका निवेश 15 करोड़ रुपये तक है, तो आपको किसी भी प्रकार की मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं है। आपको 45 दिन तक इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा। आप केवल आवेदन करें और 5 दिनों के भीतर आपको स्वीकृति पत्र मिल जाएगा। सरकार उद्यमी से हलफनामे के रूप में स्व-प्रमाणन लेती है। उन्होंने कहा कि ऐसा सिस्टम, जो स्वतः ‘डीम्ड अप्रूवल’ प्रदान करता है, देश में कहीं और मौजूद नहीं है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस कदम की सफलता के बाद हमने मानव पूंजी में निवेश करना शुरू कर दिया, क्योंकि अगर आपके पास पढ़े-लिखे, स्वस्थ लोग नहीं हैं, तो उद्योग कौन चलाएगा और उद्योग कैसे काम करेंगे। जब हमने दूसरे देशों का अध्ययन किया तो हमने पाया कि जापान, जर्मनी और सिंगापुर ने स्वास्थ्य और शिक्षा में सबसे अधिक निवेश किया है। मैंने ली कुआन यू की किताब पढ़ी है और इन सभी देशों ने इन क्षेत्रों में भारी निवेश किया है। हमने पहले दिल्ली में भी ऐसा ही किया था और अब हमने पंजाब में निवेश करना शुरू कर दिया है। आज मुझे यह कहते हुए बहुत खुशी हो रही है कि केंद्र सरकार ने सभी राज्यों का अध्ययन किया। जब हमने सत्ता संभाली तो पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश में 18वें स्थान पर था और केंद्र के सर्वेक्षण के अनुसार, पंजाब पिछले साल शिक्षा के क्षेत्र में पूरे देश में अव्वल होकर उभरा। सिर्फ तीन सालों में हम शिक्षा में पहले स्थान पर पहुंच गए।

जीईई क्या है या नीट क्या है और ये परीक्षाओं से परिचित नहीं थे, ने शानदार परिणाम प्राप्त करने शुरू कर दिए हैं

शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधारों के परिणामों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने आगे कहा, “आज पंजाब के सरकारी स्कूलों के बच्चे, जिन्हें पहले यह भी नहीं पता था कि जीईई क्या है या नीट क्या है और ये परीक्षाओं से परिचित नहीं थे, ने शानदार परिणाम प्राप्त करने शुरू कर दिए हैं। पिछले साल, सरकारी स्कूलों के 300 विद्यार्थियों ने जीईई परीक्षा पास की और 800 विद्यार्थियों ने नीट पास की। आज हमारे सरकारी स्कूलों के अध्यापकों को प्रशिक्षण के लिए फिनलैंड, सिंगापुर और कनाडा भेजा जा रहा है। बच्चों के लिए एक बहुत ही सकारात्मक माहौल विकसित किया गया है जहाँ बच्चे भी महसूस करते हैं कि वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।”

स्वास्थ्य सुधारों के बारे में बोलते हुए, अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पहले अगर किसी गरीब परिवार का कोई सदस्य बीमार हो जाता था तो यह अक्सर त्रासदी का कारण बनता था। किसान आत्महत्याओं का एक बड़ा कारण किसी परिवारिक सदस्य का बीमार होना था, क्योंकि जब कोई बीमार हो जाता था तो उसे कर्ज लेना पड़ता था और जब वे उन कर्जों को वापस नहीं कर पाते थे तो वे आत्महत्या कर लेते थे। अब अगर कोई बीमार हो जाता है तो उसे ऐसे कठोर कदम उठाने की जरूरत नहीं है। अब सरकारी अस्पतालों में काफी सुधार किया गया है। सूबे की सरकार की नई 10 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत, सूबे के बड़े अस्पताल भी गरीब किसानों और गरीब मजदूरों को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्रदान करते हैं। ऐसा सर्वांगीण स्वास्थ्य सेवा और सुरक्षा बीमा शायद ही कहीं और देखा जाता है।”

इन सुधारों को निवेश से जोड़ते हुए उन्होंने कहा, “इन सभी प्रयासों के स्पष्ट परिणाम सामने आने लगे हैं। पिछले चार सालों में पंजाब में 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। मैं समझौतों के बारे में बात नहीं कर रहा हूँ। मैं 1.5 लाख करोड़ रुपये के निवेशों के बारे में बात कर रहा हूँ जो पहले ही शुरू हो चुके हैं। जमीन खरीदी जा चुकी है और जमीनी स्तर पर प्रोजेक्ट शुरू हो गए हैं। इन निवेशों से हमारे नौजवानों के लिए 5.5 लाख नौकरियाँ पैदा होंगी।”

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारा देश एक महान राष्ट्र है और इसकी सभ्यता बहुत प्राचीन है। परमात्मा ने इस देश को सब कुछ दिया है। जब परमात्मा ने धरती बनाई तो उसने ‘भारतवर्ष’ को सबसे समृद्ध और सुंदर धरती बनाया। हमारे पास पहाड़, नदियाँ, औषधीय जड़ी-बूटियाँ, खनिज, लोहा, कोयला और अन्य असंख्य संसाधन हैं। परमात्मा ने हमें इन सभी तोहफों से नवाजा है। जब परमात्मा ने मनुष्यों को बनाया, तो उन्होंने भारत में सबसे बुद्धिमान लोग पैदा किए। हम दुनिया में जहाँ भी जाते हैं, हम खुद को उत्कृष्ट साबित करते हैं। दुनिया भर की प्रमुख कंपनियों के सीईओ में से बहुत सारे भारतीय हैं। माइक्रोसॉफ्ट, अल्फाबेट, आईबीएम, एडोब, चैनल, नोवार्टिस और पालो ऑल्टो के सीईओ भारतीय मूल के व्यक्ति हैं।

उन्होंने कहा, “लेकिन मुझे बेहद दुख होता है जब हम चीन से खिलौने आयात करते हैं। हम प्लास्टिक की बाल्टियाँ, स्टेशनरी से लेकर प्लास्टिक के डिब्बे भी जिनमें हम अपनी रसोई में मसाले रखते हैं, चीन से आयात किए जाते हैं। हम एलईडी बल्ब, सजावटी लाइटें, इलेक्ट्रिक केतलियाँ, तारें, मोबाइल फोन चार्जर, अलार्म घड़ियाँ, प्लास्टिक के खिलौने और बैटरी से चलने वाले खिलौने भी आयात करते हैं। दीवाली के दौरान हम लक्ष्मी और गणेश मूर्तियों की पूजा करते हैं, वे भी आयात की जाती हैं। इन वस्तुओं की सूची बहुत लंबी है, जिनमें कुंभकरण, रावण और मेघनाथ की मूर्तियाँ भी शामिल हैं। क्या हम ये खुद नहीं बना सकते? किसी ने मुझे बताया कि चीनी उत्पाद सस्ते हैं, लेकिन हम खुद सस्ते उत्पाद क्यों नहीं बना सकते? पंजाबियों को मौका दो और वे चीन से सस्ते उत्पाद तैयार करेंगे और उन्हें निर्यात भी करेंगे।”

‘आप’ सुप्रीमो ने कहा कि पिछले 75 सालों में हमारे देश की सरकारों ने हमारे लोगों के हुनर पर भरोसा नहीं किया। लेकिन हमारे सिस्टम इतने कमजोर हो गए हैं कि वे किसी को कुछ भी करने नहीं देते। हमें मौके दिए जाने चाहिए। भारत को नंबर वन बनना चाहिए और हमें चीन को पछाड़ना चाहिए। यह हमारा लक्ष्य होना चाहिए। माधुरी दीक्षित और अनिल कपूर अभिनीत ‘तेजाब’ नामक एक फिल्म थी। इसमें एक गीत था जिसमें कहा गया था कि आम विरोधियों को हराने का कोई मतलब नहीं है, अगर तुम सच में खुद को साबित करना चाहते हो तो दारा सिंह को हराओ। हमें बताओ कि तुम्हें चीन को हराने के लिए क्या चाहिए और हम तुम्हें पंजाब में वह सब चीजें प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, पूरी पंजाब सरकार और मैं तुम्हारे साथ खड़े हैं।”

उन्होंने कहा, “मेरा खून खौल जाता है जब मैं देखता हूँ कि आजादी के 75 सालों बाद भी हम चीन से प्लास्टिक की बाल्टियाँ और फोन चार्जर आयात करते हैं। हम अपनी लक्ष्मी और गणेश मूर्तियाँ नहीं बना सकते। यह मुद्दा देशभक्ति से संबंधित है। तुम्हें देश के लिए यह करना चाहिए। हमें बताओ कि तुम्हें क्या चाहिए और चीन को निर्यात करना शुरू करो। तुम्हें जिस भी माहौल की जरूरत है, वह हम प्रदान करेंगे। यह कोई खोखला वादा नहीं है। तुमने पहले ही देखा होगा कि पिछले चुनावों से पहले अरविंद केजरीवाल द्वारा किए गए सभी वादों को पूरा कर दिया गया है। मैं यह वादा सभी उद्योगों से कर रहा हूँ। हमें बताओ कि तुम्हें क्या चाहिए तो हम तुम्हें हर जरूरी चीज प्रदान करेंगे।”

उन्होंने कहा, “आप लीडरशिप, खासकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, एक बहुत ही लोकप्रिय लोक नेता के रूप में जाने जाते हैं। वे लोगों में रहते हैं और तुम उन्हें किसी भी समय मिल सकते हो। मुझे नहीं लगता कि तुम्हें ऐसा मुख्यमंत्री दोबारा मिलेगा। मंत्री संजीव अरोड़ा ने सचमुच उद्योगपतियों का दिल जीत लिया है। कल एक उद्योगपति मेरे पास आया और उसने कहा कि वह समय सूबे के विकास में लगे रहते हैं और कोई नहीं जानता कि वे कब सोते हैं। जब हम पहले अलग-अलग जगहों पर उद्योगपतियों के साथ बैठकें करते थे, तो हमें उद्योगपतियों और व्यापारियों से बहुत सारी नकारात्मक बातें सुननी पड़ती थीं। लोगों ने उन्हें दरपेश मुश्किलों और सरकारी दफ्तरों में बार-बार चक्कर लगाने के बारे में शिकायत की। उस समय माहौल नकारात्मकता से भरा हुआ था। लेकिन कल रात उद्योगपतियों के साथ रात के खाने के दौरान जहाँ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और मैं मौजूद थे, माहौल बहुत सकारात्मक बना हुआ था। बहुत सारे लोगों ने कहा कि उन्होंने कभी भी ऐसी सरकार नहीं देखी जो उद्योग के प्रति इतनी सकारात्मक हो।”

सूबे में हुई प्रगति के बारे में बात करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “किसी भी सूबे या देश की प्रगति के लिए तीन या चार साल का समय बहुत कम होता है। लेकिन अगर चार सालों में हम हवा की दिशा बदलने और पंजाब के बारे में नई ऊर्जा और सकारात्मकता लाने में कामयाब हो गए हैं तो मेरा मानना है कि यह पंजाब सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है।”

For Feedback - feedback@dnpnewsnetwork.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

Punjab News

मार्च 13, 2026

Punjab News

मार्च 13, 2026

CM Bhagwant Mann

मार्च 13, 2026

Bhagwant Mann

मार्च 13, 2026

CM Bhagwant Mann

मार्च 13, 2026

CM Bhagwant Mann

मार्च 13, 2026