Punjab News:पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज गुरुद्वारा श्री मस्तुआणा साहिब में माथा टेका और पंजाब तथा यहाँ के लोगों की शांति, प्रगति और खुशहाली के लिए अरदास की। अपनी शुक्राना यात्रा’ के दौरान मुख्यमंत्री ने नागरिकों की भलाई के लिए काम करते रहने के लिए ईश्वर से आशीर्वाद माँगा और ईमानदारी तथा समर्पित भावना से प्रदेश की सेवा करने के संबंध में सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
इस प्रोजेक्ट के लिए पहचानी गई भूमि का निरीक्षण करने के लिए केंद्र सरकार की एक टीम के जल्द आने की उम्मीद है
इससे पहले अपनी ‘शुक्राना यात्रा’ के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार ने मस्तुआणा साहिब में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के निर्माण से संबंधित सभी औपचारिक कार्यवाहियाँ पूरी कर ली हैं और इस प्रोजेक्ट के लिए पहचानी गई भूमि का निरीक्षण करने के लिए केंद्र सरकार की एक टीम के जल्द आने की उम्मीद है।
सभा को संबोधित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह विकास क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विश्व स्तरीय संस्थान स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज पंजाब में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढाँचे को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करेगा और राज्य के भीतर चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए मानक शैक्षिक अवसर पैदा करेगा। यह संस्थान ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए विशेष स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच को बेहतर बनाने में भी मदद करेगा।”
प्रोजेक्ट संबंधी स्वीकृतियों के बारे में बोलते हुए उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने प्रोजेक्ट के लिए सभी प्रक्रियात्मक और प्रशासनिक आवश्यकताओं को पहले ही मंजूरी दे दी है और केंद्रीय टीम का दौरा आगे की स्वीकृतियों और निर्माण कार्य शुरू करने का मार्ग प्रशस्त करेगा। हमारा ध्यान यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को उनके घरों के निकट मानक स्वास्थ्य सेवा सुविधाएँ मिलने के साथ-साथ विद्यार्थियों को पंजाब में ही अपनी उच्च शिक्षा के लिए बेहतर अवसर मिलें। प्रदेश सरकार उन्नत स्वास्थ्य सेवा सुविधाओं और मानक शैक्षिक बुनियादी ढाँचे से युक्त आधुनिक संस्थान स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने कहा, “एक श्रद्धालु और विनम्र सिख होने के नाते, मैंने तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेकने के बाद पूरी धार्मिक भावना और उत्साह के साथ ‘शुक्राना यात्रा’ शुरू की। मेरा दिल गुरु साहिब का ऋणी है कि उन्होंने मुझे जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम 2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का अवसर दिया, जो ‘बेअदबी’ के लिए कठोर सजा सुनिश्चित करता है।”
इस कानून को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “हमारी सरकार सौभाग्यशाली है कि इस ऐतिहासिक कानून को पारित करने की जिम्मेदारी हमें मिली है, जो भविष्य में ‘बेअदबी’ की घटनाओं पर रोक लगाने में अधिक मददगार सिद्ध होगा। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की ‘बेअदबी’ पंजाब में शांति, सांप्रदायिक साझेदारी और फिरकू सद्भावना को भंग करने के उद्देश्य से एक गहरी साजिश का हिस्सा थी। यह अधिनियम सुनिश्चित करता है कि इस अक्षम्य अपराध के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को क्षमा नहीं किया जाएगा और इस जघन्य अपराध के दोषियों को अनुकरणीय सजा मिलेगी।”
कानून में कड़े प्रावधानों के बारे में बोलते हुए उन्होंने आगे कहा, “‘बेअदबी’ मामलों में मानसिक बीमारी के बहाने अब काम नहीं करेंगे और ऐसे अपराधों में शामिल लोगों को बचाने वालों तथा उनके सहायकों को भी उम्रकैद के साथ-साथ 50 लाख रुपए तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। यह भविष्य में ‘बेअदबी’ की घटनाओं के खिलाफ एक मजबूत निवारक के रूप में काम करेगा और कोई भी व्यक्ति दोबारा ऐसा अपराध करने की हिम्मत नहीं करेगा। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता समान हैं और इसकी पवित्रता सुनिश्चित करना समाज का सामूहिक कर्तव्य है। विश्व भर के लोग इस कानून के लागू होने पर खुशी और धन्यवाद प्रकट कर रहे हैं।”
यात्रा के पीछे के उद्देश्य के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “‘शुक्राना यात्रा’ का एकमात्र उद्देश्य गुरु साहिब का धन्यवाद करना है कि उन्होंने मुझे इस महत्वपूर्ण कानून को पारित करने की शक्ति और हिम्मत दी। इस अधिनियम को पारित करने की मुझमें हिम्मत नहीं थी, परंतु गुरु साहिब ने स्वयं यह सेवा मुझसे ली है। ईश्वर ऐसी सेवा केवल उन लोगों को सौंपता है जिन्हें वह स्वयं चुनता है।”
अपने आप को गुरु साहिब का विनम्र सेवक बताते हुए, उन्होंने कहा, “यह एक बड़ी जिम्मेदारी थी क्योंकि समाज के सभी वर्गों के लोग लंबे समय से बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे कानून की माँग कर रहे थे। इस कानून का एकमात्र उद्देश्य उन लोगों की मदद करना है, जिन लोगों की भावनाओं को पिछली सरकारों की लापरवाही के कारण ठेस पहुँची थी और सरकार का इस पीछे कोई अन्य राजनीतिक उद्देश्य नहीं है। दुनिया इस ऐतिहासिक कानून से खुश है और मुझे इस पहल के लिए धन्यवाद करने वाले लोगों द्वारा प्रतिदिन कई फोन आते हैं।”
कुछ लोग केवल अपने निजी हितों के लिए इस संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति कर रहे हैं
कानून के आलोचकों को निशाना बनाते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कुछ लोग कानून का विरोध कर रहे हैं क्योंकि उनके राजनीतिक नेता इससे नाखुश हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग केवल अपने निजी हितों के लिए इस संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि वे जल्द ही गंभीर पापों के लिए सलाखों के पीछे जा सकते हैं।”
बठिंडा को मालवा क्षेत्र का केंद्र बताते हुए उन्होंने आगे कहा, “‘शुक्राना यात्रा’ को मिली भारी प्रतिक्रिया कानून के लागू होने से लोगों की खुशी और भावनात्मक संबंध को दर्शाती है। पिछली सरकारों ने कभी भी ऐसा कानून बनाने की जहमत नहीं उठाई क्योंकि वे कभी नहीं चाहती थीं कि ‘बेअदबी’ की घटनाओं के दोषी सलाखों के पीछे जाएं।”
अकालियों पर बरसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वे अपने कार्यकाल के दौरान ऐसा कानून बनाने के प्रति कभी भी सुहृद नहीं थे क्योंकि उनकी नीयत शुरू से ही ठीक नहीं रही। अकाली नेताओं ने बाबे नानक के नाम पर वोट माँगने के बावजूद अपने राजनीतिक मुफादों के लिए ‘बेअदबी’ की घटनाएँ होने दीं। उन्होंने बाबे नानक के नाम पर वोट माँगकर उन्हीं की बाणी का निरादर किया। उन्होंने अकाल तख्त साहिब के सामने अपनी गलतियाँ मानीं, परंतु बाद में वे सार्वजनिक रूप से इससे मुकर गए। जो अकाल तख्त के सामने झूठ बोल सकते हैं, वे कभी भी किसी के वफादार नहीं रह सकते।” उन्होंने लोगों को ऐसे नेताओं से सावधान रहने की अपील की।
विरोधी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली कांग्रेस और अकाली सरकारों ने आम लोगों की भलाई को नजरअंदाज करते हुए भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा, “वर्तमान पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग के लिए ईमानदारी और पारदर्शी ढंग से काम कर रही है। करदाताओं का पैसा अब भलाई के कार्यों पर समझदारी से खर्च किया जा रहा है और भ्रष्टाचार तथा कमीशनों के बजाय विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से लोगों को ही वापस किया जा रहा है।”
आप सरकार की उपलब्धियाँ गिनाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब में 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और 65,000 से अधिक युवाओं ने बिना सिफारिश के सरकारी नौकरियाँ प्राप्त की हैं। राज्य भर में सड़कों और बुनियादी ढाँचे को अपग्रेड किया जा रहा है और कई टोल प्लाजा बंद कर दिए गए हैं, जिससे लोगों के लिए प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपए की बचत होती है।”
सिंचाई सुधारों के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जब 2022 में ‘आप’ सरकार ने सत्ता संभाली थी तो प्रदेश में सिंचाई के लिए केवल 21 प्रतिशत नहरी पानी उपयोग किया जा रहा था। आज सिंचाई के लिए लगभग 68 प्रतिशत नहरी पानी उपयोग किया जा रहा है और आने वाले धान के सीजन तक यह आँकड़ा 85 प्रतिशत हो जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार ने पंजाब के किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश भर में लगभग 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें और रजवाहे चालू किए हैं। किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इन पाइपलाइनों और रजवाहों के माध्यम से लगभग 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पंजाब सरकार द्वारा छोड़ा गया यह पानी दो भाखड़ा नहरों की सप्लाई के बराबर है।”
पानी के संरक्षण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट भी बनाए गए हैं जिसके कारण कई क्षेत्रों में भूजल स्तर दो से चार मीटर बढ़ा है। यह फैसला आने वाली पीढ़ियों के लिए लिया गया है क्योंकि पंजाब की पहचान और अस्तित्व पानी से गहरे तौर पर जुड़ा हुआ है।”
महिलाओं के लिए कल्याण उपायों की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने माँवाँ धीयाँ सत्कार योजना शुरू की है, जिसके तहत पंजाब की हर महिला को 1,000 रुपए प्रति माह मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपए प्रति माह मिलेंगे। यह राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी और सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएँ भी इस योजना के लिए पात्र होंगी। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ होने की उम्मीद है और पंजाब सरकार ने बजट में इसके लिए 9,300 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।”
हर परिवार 10 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज का हकदार है
स्वास्थ्य सेवा पहलों के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आप सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की है जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। हर परिवार 10 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज का हकदार है और 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को पहले ही स्वास्थ्य कार्ड मिल चुके हैं। इस योजना के तहत लगभग 1.65 लाख लोग पहले से ही मुफ्त इलाज प्राप्त कर चुके हैं।” उन्होंने लोगों को स्वास्थ्य कार्डों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।
लोगों की भलाई के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं 2022 में लोगों द्वारा सौंपी गई हर जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभा रहा हूँ और पंजाबियों से किया गया हर वादा पूरा किया जा रहा है। पंजाब भर में आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं, जहाँ मानक इलाज सुविधाएँ मुफ्त प्रदान की जा रही हैं, सरकारी स्कूलों की सूरत बदली जा रही है, अस्पतालों को अपग्रेड किया जा रहा है और घरों तथा किसानों को मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है।”
सिंचाई के बुनियादी ढाँचे के बारे में सरकार की पहलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने लगभग 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई हैं और रजवाहों को पुनर्जीवित किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पानी पंजाब के हर क्षेत्र तक पहुँचे।”
‘शुक्राना यात्रा’ के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘एक्स’ हैंडल पर लिखा, “आज, ‘शुक्राना यात्रा’ के तीसरे दिन, मुझे शहीदों और गुरुओं की पवित्र धरती, तख्त श्री दमदमा साहिब में माथा टेकने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह एक कार्यशील दिन और अत्यधिक गर्मी होने के बावजूद, इतनी बड़ी संख्या में एकत्र होकर आपने मुझ पर जो अपार प्यार, आशीर्वाद और उत्साह बरसाया, उसके लिए मैं बहुत आभारी हूँ।”
उन्होंने आगे पोस्ट किया, “गुरु साहिब की अपार कृपा से ही हम बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए कड़ा जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम लागू करने में सक्षम हुए हैं। इस कानून के तहत अब कोई भी दोषी ‘मानसिक असंतुलन’ का बहाना बनाकर सजा से नहीं बच सकेगा। उनके संरक्षकों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पिछली सरकारों ने केवल अपने परिवारों के लिए पंजाब को लूटा और विभाजनकारी राजनीति की, जबकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी समस्त मानवता को सर्वभले का संदेश देते हैं।”
पोस्ट के अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा, “जिन्होंने पंजाबियों के साथ विश्वासघात किया, वे आज जंग का मैदान छोड़कर भाग गए हैं। आपका ‘लोक सेवक’ और आपकी सरकार पंजाब की प्रगति, सांप्रदायिक साझेदारी और गुरु महाराज की मर्यादा की रक्षा के लिए दिन-रात दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।”






