Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की है कि राज्य सरकार 16,209 करोड़ रुपये की कुल लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कों के निर्माण के लक्ष्य के साथ पंजाब के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा सड़क निर्माण कार्य शुरू करने जा रही है।
यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इन सड़कों के निर्माण में विश्व-स्तरीय मानकों और सुरक्षा नियमों का पालन हो
विस्तृत जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अगले वर्ष के अंत तक पंजाब के सभी गांवों, कस्बों और शहरों में कुल 16,209 करोड़ रुपये की लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कार्य पूरा करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इन सड़कों के निर्माण में विश्व-स्तरीय मानकों और सुरक्षा नियमों का पालन हो, और इसके लिए निर्माण के साथ पाँच वर्षों की रख-रखाव की अनिवार्य शर्त भी जोड़ी जाएगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस कदम से राज्य में परिवहन सुचारू होगा और ग्रामीण अवसंरचना को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पहले ही 4,092 करोड़ रुपये की लागत से 19,373 किलोमीटर ग्रामीण लिंक सड़कों का निर्माण करा चुकी है। इस वर्ष बाढ़ के कारण कई क्षेत्रों में सड़कों को भारी नुकसान हुआ था, परन्तु सरकार ने कठिन परिश्रम से इस परियोजना को पूरा किया और ग्रामीण लिंक सड़कों का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में भी पाँच वर्ष की रख-रखाव शर्त जोड़ी गई है, जो एक मिसाल है। इसके साथ-साथ सड़कों पर उचित दिशा-सूचक तथा अन्य आवश्यक सुविधाएँ भी सुनिश्चित की जाएँगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी ओर से यह मांग थी कि सड़क निर्माण में उच्च गुणवत्ता मानकों को बरकरार रखा जाए।
राज्य सरकार ने पंजाब की सभी सड़कों का विस्तृत सर्वेक्षण कराकर उनकी मरम्मत और उन्नयन की जरूरी सूची तैयार की है
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पंजाब के लोगों की बेहतर सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी के तहत पंजाब सरकार ने पीएमबी, पीडब्ल्यूडी, शहरी स्थानीय निकायों सहित कई एजेंसियों और जनप्रतिनिधियों को इस राज्यव्यापी अभियान से जोड़ा है। राज्य सरकार ने पंजाब की सभी सड़कों का विस्तृत सर्वेक्षण कराकर उनकी मरम्मत और उन्नयन की जरूरी सूची तैयार की है। अब लक्ष्य है कि अगले वर्ष के अंत तक 16,209 करोड़ की लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित है।
एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री फ्लाइंग स्क्वॉड सड़कों की गुणवत्ता की नियमित निगरानी कर रहा है और घटिया सामग्री उपयोग की शिकायतें मिलने पर कई ठेकेदारों के अनुबंध रद्द भी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि कोई भी ठेकेदार या कर्मचारी घटिया काम में लिप्त पाया गया तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को अभी तक केंद्र से आर डी एफ का एक भी रुपया नहीं मिला है और पंजाब सरकार यह पूरा निर्माण अपने संसाधनों से कर रही है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने 1,600 करोड़ के विशेष पैकेज में से एक भी रुपया पंजाब को नहीं दिया और पंजाब भाजपा नेतृत्व इस बारे में झूठ फैला रहा है। जो भाजपा नेता दावा कर रहे हैं कि फंड जारी किए गए हैं, उन्हें समझना चाहिए कि यह केंद्र की नियमित योजनाओं के फंड हैं, जो पंजाब को वैसे भी मिलते—चाहे बाढ़ आई होती या नहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता बिना कारण श्रेय ले रहे हैं, जबकि कोई विशेष पैकेज जारी नहीं हुआ है।
मुख्यमंत्री ने अपील की कि सभी कर्मचारी काम पर लौटें और सरकार से बातचीत करें
पीआरटीसी कर्मचारियों की हड़ताल पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने अपील की कि सभी कर्मचारी काम पर लौटें और सरकार से बातचीत करें। उन्होंने कहा कि सरकार सभी मुद्दों को हल करने के लिए ईमानदार प्रयास कर रही है और कुछ मामले अदालतों में लंबित हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को जनता की सुविधा को देखते हुए आंदोलन समाप्त कर देना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार पीआरटीसी कर्मचारियों की समस्याओं को समझती है और उनके समाधान के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि पंजाब सरकार जल्द ही 900 नई सरकारी बसें अपने बेड़े में शामिल करेगी, जिससे जनता को बेहतर परिवहन सुविधाएँ मिलेंगी। राज्य की शांति भंग करने की कोशिश कर रहे गैंगस्टरों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों को अपनी गतिविधियाँ तुरंत बंद कर देनी चाहिए और उन्हें पंजाब के सामाजिक ढांचे को नुकसान पहुँचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई गैंगस्टर किसी नागरिक को नुकसान पहुँचाता है या कोई अपराध करता है, तो उसे यह समझ लेना चाहिए कि उसे कड़े सबक सिखाए जाएँगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार गैंगस्टरों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति पर काम कर रही है और उनके नापाक इरादों को सफल नहीं होने देगी। उन्होंने राज्य में शांति, सद्भाव और भाईचारे को कायम रखने के लिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई।
हरियाणा के मुख्यमंत्री द्वारा दिवंगत खिलाड़ी हार्दिक राठी के परिवार से मिलने को राजनीति कहे जाने पर भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे खेल प्रेमी हैं और परिवार के दुख में सहभागी होने के लिए गए थे। किसी खिलाड़ी के परिवार से मिलना राजनीति नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रही है, क्योंकि हरियाणा में खेल अवसंरचना बेहद खराब स्थिति में पहुँच चुकी है।
खराब खेल सुविधाओं के कारण राज्य के दो होनहार खिलाड़ियों ने हाल ही में अपनी जानें गंवाई हैं
मुख्यमंत्री ने बताया कि खराब खेल सुविधाओं के कारण राज्य के दो होनहार खिलाड़ियों ने हाल ही में अपनी जानें गंवाई हैं। जब भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी कर रहा है, तब हरियाणा में कमजोर खेल ढाँचा खिलाड़ियों की जान ले रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
कुराली बस अड्डे के सुबह के दौरे के बारे में पूछने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जनता को हो रही समस्याओं का प्रत्यक्ष जायज़ा लेने गए थे। उन्होंने बताया कि रूपनगर के डिप्टी कमिश्नर को स्थानीय और लंबी दूरी की बस सेवाओं की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि यह दौरा कमियाँ खोजने के लिए नहीं, बल्कि लोगों की सुविधा के लिए किया गया था।






