---Advertisement---

Punjab News: भगवंत मान सरकार गांवों से प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करेगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

Punjab News:मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि पंजाब सरकार 5 सितंबर से 29 नवंबर तक ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के चौथे संस्करण का आयोजन करेगी, जिसमें सभी आयु वर्गों के 10 लाख से अधिक प्रतिभागियों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

Avatar of ROZY ALI

By: ROZY ALI

Published: अगस्त 19, 2026 10:27 अपराह्न

CM Bhagwant Mann
Follow Us
---Advertisement---

Punjab News:मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि पंजाब सरकार 5 सितंबर से 29 नवंबर तक ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के चौथे संस्करण का आयोजन करेगी, जिसमें सभी आयु वर्गों के 10 लाख से अधिक प्रतिभागियों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। पंजाब की खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने और युवाओं की ऊर्जा को खेलों की ओर लगाने के उद्देश्य से आयोजित यह विशाल खेल महोत्सव बठिंडा के शहीद भगत सिंह स्टेडियम में उद्घाटन समारोह के साथ शुरू होगा और पटियाला में समापन समारोह के साथ संपन्न होगा। वर्ष 2026 का यह संस्करण अब तक का सबसे बड़ा खेल महाकुंभ बनाने की योजना है।

बठिंडा से ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ सीजन-4 की शुरुआत की जा रही है

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में लगाने और नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए खेलों को सबसे बड़ा हथियार बनाया जाएगा। पंजाब सरकार द्वारा 5 सितंबर से बठिंडा से ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ सीजन-4 की शुरुआत की जा रही है। इस वर्ष 10 लाख से अधिक खिलाड़ियों के मैदान में उतरने की उम्मीद है, जबकि इसका फाइनल 29 नवंबर को पटियाला में खेला जाएगा।”

 

पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, “पहली बार खेलों के लिए 1,794 करोड़ रुपये का बड़ा बजट रखा गया है। गांवों में 3,148 खेल मैदानों और 6,000 जिम के विकास के साथ-साथ स्पोर्ट्स मेडिसिन के क्षेत्र में भी विशेष कार्य किया जा रहा है। आइए, हम पंजाब की तीन पीढ़ियों को एक ही मैदान पर एक साथ खेलते हुए देखें और पंजाब को खेलों में अग्रणी राज्य बनाएं।”

 

यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ का चौथा संस्करण 5 सितंबर को शुरू होगा और इन खेलों का उद्घाटन बठिंडा के शहीद भगत सिंह स्टेडियम में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बेहद खुशी की बात है कि इस वर्ष 10 लाख खिलाड़ियों को इन खेलों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ पंजाब के हर गांव, कस्बे और शहर में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करने, उन्हें प्रोत्साहित करने और तराशने का सबसे बेहतरीन मंच है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा, “इन खेलों के माध्यम से हमारा उद्देश्य अपने बच्चों और युवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है। ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ की विशेषता यह है कि यह विभिन्न पीढ़ियों को आपस में जोड़ती है। पिछले संस्करणों में एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों, जिसमें दादा, पिता और पुत्र शामिल थे, ने इन खेलों में भाग लिया था। इस वर्ष 14 वर्ष से लेकर 70 वर्ष से अधिक आयु तक के नौ आयु वर्गों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।”

 

उन्होंने कहा कि इस वर्ष कुल 38 खेल विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें चार पैरा खेल—पैरा एथलेटिक्स, पैरा पावरलिफ्टिंग, पैरा बैडमिंटन और व्हीलचेयर बास्केटबॉल—शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बेहद सरल पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की गई है और पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क है। खेल विभाग ने पहली बार कोड आधारित पंजीकरण शुरू किया है, जिसके माध्यम से खिलाड़ी किसी भी समय और कहीं से भी अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।

 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि खेल विभाग के पोर्टल के माध्यम से भी पंजीकरण किया जा सकता है और यह प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से अपील की कि वे अपना पंजीकरण करवाकर इन खेलों में उत्साहपूर्वक भाग लें। ये प्रतियोगिताएं पंजाब के सभी 153 ब्लॉकों और 23 जिलों को कवर करते हुए ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर आयोजित की जाएंगी। राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं 16 जिलों में होंगी।

खेलों का समापन 29 नवंबर को पटियाला में होगा

मुख्यमंत्री ने बताया कि पहली बार लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए टेनिस बॉल क्रिकेट को प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल किया गया है। मशाल मार्च (टॉर्च रिले) 12 अगस्त को शुरू हुआ था और 5 सितंबर को अपनी मंजिल तक पहुंचने से पहले पंजाब के सभी जिलों से होकर गुजरेगा। खेलों का समापन 29 नवंबर को पटियाला में होगा। राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक विजेताओं को 10,000 रुपये, रजत पदक विजेताओं को 7,000 रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 5,000 रुपये दिए जाएंगे।

 

उन्होंने कहा कि 40 वर्ष तक की आयु के पदक विजेताओं को ग्रेडेशन प्रमाण-पत्र भी दिए जाएंगे, जिससे वे सरकारी नौकरियों में खेल कोटे का लाभ लेने के पात्र बन सकेंगे। पहले तीन सीजन के दौरान खिलाड़ियों के बीच 25.51 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई है, जो इन खेलों की भारी सफलता को दर्शाती है।

 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पहले सीजन में 3.50 लाख खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, 9,688 खिलाड़ियों ने पदक जीते और 6.88 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई। दूसरे सीजन में 4 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, 12,500 खिलाड़ियों ने पदक जीते और 8.87 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई। तीसरे सीजन में 4.35 लाख खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, 14,500 खिलाड़ियों ने पदक जीते और 9.76 करोड़ रुपये वितरित किए गए। उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण वर्ष 2025 में इन खेलों का आयोजन नहीं किया जा सका था।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल हमेशा से पंजाब की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। युवाओं की अपार ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए वर्ष 2023 में नई खेल नीति लाई गई थी। इससे खेलों के लिए बजट आवंटन में वृद्धि की गई और खिलाड़ियों को नकद पुरस्कारों के साथ-साथ प्रशिक्षण एवं तैयारी के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई।

 

उन्होंने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार केवल खेलों को बढ़ावा देने के लिए 1,744 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। वर्ष 2022 के बाद पंजाब के इतिहास में पहली बार राज्य भर के 40,415 खिलाड़ियों को कुल 135 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई है।”

 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि खिलाड़ियों को प्रशिक्षण एवं तैयारी के लिए भी वित्तीय सहायता दी जा रही है। ओलंपिक खेलों की तैयारी के लिए 15 लाख रुपये तथा एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी के लिए 8 लाख रुपये दिए जा रहे हैं। 85 खिलाड़ियों को प्रतिष्ठित महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जबकि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब का नाम रोशन करने वाले 11 खिलाड़ियों को पीसीएस/डीएसपी अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि खेल संस्कृति को बढ़ावा देना राज्य सरकार के नशे के खिलाफ अभियान में सबसे प्रभावी साधनों में से एक साबित हो सकता है और यही कारण है कि सरकार खेलों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि खेलों से जुड़े युवाओं के पास नशे की ओर देखने का समय भी नहीं होता, क्योंकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने के लिए पूरी ऊर्जा लगा रहे होते हैं। इससे राज्य में नशे की बुराई को समाप्त करने और युवाओं को पंजाब के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में बराबर का भागीदार बनाने में काफी मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 के संस्करण की अवधारणा ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ को राज्य की खेल संस्कृति को मजबूत करने और युवाओं की ऊर्जा को खेलों की ओर लगाने के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में प्रस्तुत करती है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में 3,100 ग्रामीण खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। आजादी के बाद पहली बार पंजाब एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी कर रहा है, जिसके मैच अक्टूबर-नवंबर के दौरान जालंधर और मोहाली में होंगे। इससे पंजाब के लोगों को अपने घरेलू मैदान पर अपने हॉकी सितारों को खेलते देखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह गर्व और खुशी की बात है कि पंजाब के आठ खिलाड़ी इस समय यूरोप में हो रहे विश्व हॉकी कप में भारतीय हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

 

पंजाब की मौजूदा खेल संस्कृति को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह, भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और भारतीय बास्केटबॉल टीम के कप्तान पालप्रीत सिंह बराड़—सभी पंजाब से संबंधित हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार भारत ने एशियाई खेलों में 28 स्वर्ण, 38 रजत और 41 कांस्य सहित 100 पदकों के जादुई आंकड़े को पार किया। एशियाई खेल 2023 के दौरान 20 पदक जीतकर पंजाबियों ने इसमें बड़ा योगदान दिया।

 

उन्होंने कहा कि पंजाब के 32 खिलाड़ियों ने आठ स्वर्ण, छह रजत और छह कांस्य पदक जीतकर इन खेलों में पंजाब के प्रदर्शन का 72 वर्ष पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले नई दिल्ली में 1951 और जकार्ता में 1962 में आयोजित एशियाई खेलों में पंजाब के खिलाड़ियों ने सात-सात स्वर्ण पदक जीते थे। पिछली एशियाई खेलों में आठ स्वर्ण पदक जीतकर पंजाब के खिलाड़ियों ने यह रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रचा।

उन्होंने कहा कि इससे पहले नई दिल्ली में 1951 में आयोजित एशियाई खेलों में पंजाब के खिलाड़ियों द्वारा जीते गए पदकों की अधिकतम संख्या 15 थी, लेकिन 70 वर्ष से अधिक समय बाद यह रिकॉर्ड भी टूट गया, क्योंकि पंजाब के खिलाड़ियों ने 20 पदक जीते।

 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार खेलों के स्तर को मजबूत करने और युवा खिलाड़ियों के लिए व्यापक अवसर पैदा करने का काम जारी रखेगी, ताकि पंजाब खेल जगत में अपना अग्रणी स्थान फिर से हासिल कर सके और साथ ही अपने युवाओं को आगे बढ़ने के लिए सकारात्मक दिशा प्रदान कर सके।

 

चौथे संस्करण में 38 खेल विधाओं और चार पैरा खेलों में 10 लाख से अधिक खिलाड़ी लेंगे हिस्सा

 

ये खेल ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। ब्लॉक स्तर पर सात खेल, जिला स्तर पर 28 खेल और राज्य स्तर पर 38 खेलों के साथ-साथ राज्य स्तर पर चार पैरा खेल विधाएं शामिल होंगी। पैरा राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं 25 से 28 नवंबर तक लुधियाना में आयोजित की जाएंगी।

 

राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं 10 अक्टूबर से 23 नवंबर तक तीन चरणों में 16 जिलों—लुधियाना, मानसा, कपूरथला, जालंधर, एस.ए.एस. नगर, गुरदासपुर, होशियारपुर, अमृतसर, बठिंडा, फरीदकोट, पटियाला, संगरूर, रूपनगर, बरनाला, फतेहगढ़ साहिब और मलेरकोटला—में आयोजित की जाएंगी।

पहला चरण 10 से 15 अक्टूबर तक होगा, जिसमें 13 खेल विधाएं शामिल होंगी। दूसरा चरण 17 से 23 अक्टूबर तक होगा, जिसमें 13 खेल विधाएं होंगी। तीसरा चरण 17 से 23 नवंबर तक होगा, जिसमें 12 खेल विधाओं में मुकाबले करवाए जाएंगे।

 

चार पैरा खेल विधाओं—पैरा एथलेटिक्स, पैरा पावरलिफ्टिंग, पैरा बैडमिंटन और व्हीलचेयर बास्केटबॉल—की प्रतियोगिताएं 25 से 28 नवंबर तक लुधियाना में आयोजित की जाएंगी।

 

ब्लॉक और जिला स्तर की प्रतियोगिताओं के दौरान नवनिर्मित ग्रामीण खेल मैदानों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। प्रत्येक प्रतियोगिता लोगों को एकजुट करने का माध्यम बनेगी और इसमें स्थानीय नेतृत्व, ओलंपियन, सार्वजनिक हस्तियों तथा युवाओं को एक मंच पर लाया जाएगा।

For Feedback - feedback@dnpnewsnetwork.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

Punjab News

अगस्त 19, 2026

Punjab News

अगस्त 19, 2026

CM Bhagwant Mann

अगस्त 19, 2026

Punjab News

अगस्त 19, 2026

CM Bhagwant Mann

अगस्त 19, 2026

CM Bhagwant Mann

अगस्त 19, 2026