NEET-UG Paper Leak Case: देश के विभिन्न हिस्सों में प्रतियोगी परीक्षा नीट के पेपर लीक प्रकरण को लेकर हंगामा मचा है। पेपर लीक के आरोपों के बीच परीक्षा रद्द कर 21 जून को री-एग्जाम की घोषणा की गई है। इस बीच नीट-यूजी पेपर लीक केस में कई गिरफ्तारियां हुई हैं। शिवराज मोटेगांवकर का नाम उनमें से एक है जो महाराष्ट्र के कई शहरों में संचालित होने वाले कोचिंग संस्थान रेणुकाई करियर सेंटर यानी आरसीसी के संस्थापक हैं। मोटेगांवकर की गिरफ्तारी से हजारों छात्रों की तैयारी प्रभावित होने के दावा है जो आरसीसी के अलग-अलग ब्रांच का हिस्सा हैं।
शिवराज मोटेगांवकर की गिरफ्तारी से हजारों छात्रों की तैयारियों पर असर!
विख्यात कोचिंग संस्थान आरसीसी के संस्थापक शिवराज मोटेगांवकर को सीबीआई ने नीट-यूजी पेपर लीक केस में गिरफ्तार किया है। मोटेगांवकर द्वारा स्थापित कोचिंग की अलग-अलग शाखाएं पुणे, लातूर, नासिक, नांदेड़ और छत्रपति संभाजीनगर में संचालित होती हैं। यहां 30000 से अधिक बच्चे नीट-यूजी परीक्षा की तैयारी के लिए क्लास करते हैं। दावा किया जा रहा है कि सीबीआई द्वारा मोटेगांवकर की गिरफ्तारी किए जाने से कोचिंग क्लास प्रभावित हुए हैं। इससे बच्चों की तैयारी पर असर पड़ रहा है। हजारों की संख्या में बच्चे 21 जून को होने वाली री-एग्जाम से पहले डरे हैं।
री-एग्जाम से पहले छात्रों के बीच नया हंगामा!
तमाम ऐसे छात्र थे जिन्होंने पूरी ऊर्जा और लगन के साथ तैयारी कर नीट-यूजी परीक्षा में हिस्सा लिया था। हालांकि, उनकी मेहनत पर पानी फिर गया और पेपर लीक के आरोपों के बीच परीक्षा रद्द हो गई। 21 जून को री-एग्जाम की तिथि तय की गई है। उससे पहले कुछ कोचिंग संस्थापकों, टीचर्स व अन्य कई को नीट-यूजी पेपर लीक केस में गिरफ्तार किया जा रहा है। सीबीआई लगातार कार्रवाई को गति दे रही है। यही वजह है कि छात्रों के बीच अंदरखाने हंगामा सा मचा है। वे पुन: 21 जून को होने वाली परीक्षा को लेकर सहमे हैं और अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
