Suvendu Adhikari: अगले कुछ महीनों में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में राज्य की सियासत में जबरदस्त उबाल देखने को मिल रहा है। शनिवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी यानी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर उनके काफिले पर हमला करने का आरोप लगाया।
Suvendu Adhikari के काफिले पर हुआ हमला
जानकारी के मुताबिक, पुरुलिया में एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। पश्चिम मेदिनीपुर में चंद्रकोना रोड पर जब उनकी कार गुजरी तो बीजेपी कार्यकर्ता और समर्थक सड़क किनारे खड़े हो गए। कई लोग सड़क के दूसरी तरफ तृणमूल के झंडे लिए खड़े थे। बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी की कार के आते ही हमला किया गया। विधानसभा में विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि 12-15 लोगों ने कार पर हमला किया, हमला पुलिस की मदद से किया गया और हमलावरों के पास पेट्रोल और डीजल भी था।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “हम यहां न्याय के लिए हैं। चुनाव ज़्यादा दूर नहीं हैं। ये लोग हारने वाले हैं। वे बीजेपी को खत्म करना चाहते हैं। टीएमसी यूथ विंग के प्रेसिडेंट, टीएमसी लेबर यूनियन के नेता वहा थे। मैंने शामिल लोगों के नाम दिए हैं। मैं गुजारिश कर रहा हूं कि एफआईआर दर्ज की जाए, और इन लोगों को गिरफ्तार किया जाए।”
सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस स्टेशन पहुंचकर शुरू किया धरना
वहीं, मेदिनीपुर में घटना के बाद विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी चंद्रकोना पुलिस स्टेशन पहुंचे। उन्होंने हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। वह आईसी रूम में फर्श पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वह धरना जारी रखेंगे।
उधर, बीजेपी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने राज्य के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने नेशनल हाईवे 60 को जाम कर दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने पूर्व मेदिनीपुर में कांथी पुलिस स्टेशन के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तलब की रिपोर्ट
‘TV9’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में घटी इस घटना के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय के कार्यालय के अधिकारियों ने विपक्ष के नेता के ऑफिस से संपर्क किया और पूरी घटना की रिपोर्ट तलब की है। सूचना के अनुसार हमले की तस्वीर और वीडियो फुटेज केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा गया है। मालूम हो कि मार्च या अप्रैल में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों ने अपनी चुनावी तैयारियों पर जोर देना शुरू कर दिया है। चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में राज्य की सियासत गरमाई हुई है।






