UGC New Rules: नए यूजीसी नियमों को लेकर पूरे देश में हो हल्ला मचा हुआ है। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार यूजीसी ने विश्वविद्यालयों, कॉलेजों में जातिगत भेदभाव को खत्म करने के लिए नया इक्विटी रूल लागू किया है। यह नए नियम के मुताबिक ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के छात्रों संग कथित रूप से होने वाले जातिगत भेदभाव पर रोक लगाएगा। हालांकि अब इसे लेकर सियासत भी पूरी तरह से गरमा गई है। बीएसपी सुप्रीमो और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे लेकर एक ट्वीट किया है, जिससे सियासत गरमा गई है। इसके अलावा लखनऊ समेत कई जगहों पर इसके खिलाफ छात्रों द्वारा विरोध प्रदर्शन जारी है और कानून में संसोधन की मांग की जा रही है। इसके अलावा बीते दिन शिक्षा मंत्री ने इसके लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। चलिए आपको बताते है यूजीसी न्यू रूल पर लेटेस्ट अपडेट
UGC New Rules पर मायावती ने दी अपनी प्रतिक्रिया
बीएसपी सुप्रिमो और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर यूजीसी नए नियम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा कि “देश की उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिवादी भेदभाव के निराकरण/समाधान हेतु विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, यूजीसी, द्वारा सरकारी कॉलेज एवं निजी यूनिवर्सिटियों में भी ’इक्विटी कमेटी’ (समता समिति) बनाने के नये नियम के कुछ प्रावधानों को सामान्य वर्ग के केवल जातिवादी मानसिकता के ही लोगों द्वारा इसे अपने विरुद्ध भेदभाव व षडयंत्रकारी मानकर इसका जो विरोध किया जा रहा है, तो यह कतई भी उचित नहीं है।
देश की उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिवादी भेदभाव के निराकरण/समाधान हेतु विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, यूजीसी, द्वारा सरकारी कॉलेज एवं निजी यूनिवर्सिटियों में भी ’इक्विटी कमेटी’ (समता समिति) बनाने के नये नियम के कुछ प्रावधानों को सामान्य वर्ग के केवल जातिवादी मानसिकता के ही लोगों…
— Mayawati (@Mayawati) January 28, 2026
जबकि पार्टी का यह भी मानना है कि इस प्रकार के नियमों को लागू करने के पहले अगर सभी को विश्वास में ले लिया जाता तो यह बेहतर होता और देश में फिर सामाजिक तनाव का कारण भी नहीं बनता। इस ओर भी सरकारों व सभी संस्थानों को ज़रूर ध्यान देना चाहिये। साथ ही, ऐसे मामलों में दलितों व पिछड़ों को भी, इन वर्गों के स्वार्थी व बिकाऊ नेताओं के भड़काऊ बयानों के बहकावे में भी क़तई नहीं आना चाहिये, जिनकी आड़ में ये लोग आएदिन घिनौनी राजनीति करते रहते हैं अर्थात् इन वर्गों के लोग ज़रूर सावधान रहें, यह भी अपील”।
यूजीसी नए नियमों का क्यों हो रहा है विरोध?
गौरतलब है कि यूजीसी के नए नियमों का जर्नल कैटेगरी पूर्ण विरोध कर रहा है। कई जगहों पर इसके खिलाफ प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन नियमों में ‘झूठी शिकायतों’ से निपटने का कोई साफ नियम नहीं है और इक्विटी कमेटी में जनरल कैटेगरी के प्रतिनिधित्व की बात भी नहीं की गई है।
यानि अगर कोई झूठा आरोप लगाता है और बाद में आरोप झूठे निकलते है, तो शिकायतकर्ता पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि बड़ी तादात में इसका दुरूपयोग हो सकता है। जिसके बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। अब इस कानून पर मायावती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसके बाद ठंड के बीच सियासी पारा बढ़ गया है।




