CM Yogi Adityanath: यह सच है कि जाति रूपी भेदभाव समाज को बांटने का काम करती हैं लेकिन आस्था लोगों को जोड़ती है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कुछ ऐसा ही संदेश लोगों के लिए लिखा है और 2017 के बाद आए बदलाव का जिक्र करते हुए दिखे हैं। कैसे उत्तर प्रदेश में लोगों के बीच जातीय भेदभाव खत्म हुआ है। कैसे एक नया उत्तर प्रदेश बनकर तैयार हो रहा है। वहीं सीएम योगी ने अयोध्या नगरी में होने वाले दीपोत्सव को एकता का जीवंत उदाहरण बताया है।
सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण क्यों है दीपोत्सव
जाति की जड़ता समाज को बांटती है, जबकि साझी आस्था और संस्कृति उसे एक सूत्र में पिरोती हैं। श्री अयोध्या जी का दीपोत्सव इसी सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण है।
वर्ष 2017 से पहले जातीय विभाजन को राजनीति का आधार बनाने वाली सरकारों ने समाज को जोड़ने वाली इस सांस्कृतिक शक्ति की पूर्णतः उपेक्षा की।
डबल इंजन सरकार ने वर्ष 2017 में दीपोत्सव की शुरुआत कर इस सोच को बदला और राम नगरी की सांस्कृतिक विरासत को जन-जन के उत्सव में बदल दिया।
पूज्य संत गण एवं आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के यशस्वी मार्गदर्शन में आज धर्माचार्य गण, विद्यार्थी, स्वच्छताकर्मी, कुम्हार और व्यापारी सभी समान उत्साह एवं श्रद्धा से इस आयोजन में सहभागी होते हैं।
यहां पहचान जाति से नहीं, सहभागिता से होती है। दीप अलग-अलग हाथों में जलते हैं, लेकिन उनका प्रकाश पूरे समाज को एक करता है।
यही दीपोत्सव का संदेश है। यही समरस समाज की संकल्पना है।
जय जय श्री राम।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) November 3, 2026
सीएम योगी आदित्यनाथ ने x प्लेटफार्म पर कहा, “जाति की जड़ता समाज को बांटती है, जबकि साझी आस्था और संस्कृति उसे एक सूत्र में पिरोती हैं। श्री अयोध्या जी का दीपोत्सव इसी सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण है। वर्ष 2017 से पहले जातीय विभाजन को राजनीति का आधार बनाने वाली सरकारों ने समाज को जोड़ने वाली इस सांस्कृतिक शक्ति की पूर्णतः उपेक्षा की।”
CM Yogi Adityanath ने दीपोत्सव को लेकर बताया 2017 के बाद का बदलाव
वहीं आगे सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिखा, “डबल इंजन सरकार ने वर्ष 2017 में दीपोत्सव की शुरुआत कर इस सोच को बदला और राम नगरी की सांस्कृतिक विरासत को जन-जन के उत्सव में बदल दिया। पूज्य संत गण एवं आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के यशस्वी मार्गदर्शन में आज धर्माचार्य गण, विद्यार्थी, स्वच्छताकर्मी, कुम्हार और व्यापारी सभी समान उत्साह एवं श्रद्धा से इस आयोजन में सहभागी होते हैं।”
क्या है समाज के लिए दीपोत्सव का संदेश
सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि “उत्तर प्रदेश में पहचान जाति से नहीं, सहभागिता से होती है। दीप अलग-अलग हाथों में जलते हैं, लेकिन उनका प्रकाश पूरे समाज को एक करता है। यही दीपोत्सव का संदेश है। यही समरस समाज की संकल्पना है।” दिवाली के मौके पर फिलहाल अयोध्या में दीपोत्सव को लेकर एक अलग ही जुनून देखा जा रहा है। इसके लिए सीएम योगी आदित्यनाथ की तरफ से पूरी तैयारी कर ली गई है और खास व्यवस्थाएं की गई है।
