CM Yogi Adityanath: भारतीय वैज्ञानिकों को एक बड़ी उपलब्धि मिली है। दरअसल, तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थित PFBR रिएक्टर ने क्रिटिकैलिटी के स्टेज को छू लिया है। इसका आशय है कि प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाएगा। ये सभी देशवासियों के लिए गौरव का क्षण है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी इसी क्रम में मुहिम में जुटे वैज्ञानिकों को इस महान उपलब्धि के लिए बधाई दी है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस उपलब्धि को भारत के परमाणु शक्ति के नए युग में प्रवेश करने से जोड़ा है।
वैज्ञानिकों को CM Yogi Adityanath ने दी बधाई
भारत को परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए जुटे वैज्ञानिकों को सीएम योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी है।
India enters a new era of nuclear strength.
The Prototype Fast Breeder Reactor at Kalpakkam stands as a symbol of our technological excellence and national ambition. By harnessing our vast thorium reserves, Bharat is taking a decisive step towards energy supremacy and long-term…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 7, 2026
मुख्यमंत्री के आधिकारिक एक्स हैंडल से पोस्ट साझा कर लिखा गया है कि “भारत परमाणु शक्ति के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। कलपक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर हमारी तकनीकी उत्कृष्टता और राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा का प्रतीक है। अपने विशाल थोरियम भंडार का उपयोग करते हुए, भारत ऊर्जा क्षेत्र में सर्वोच्चता और दीर्घकालिक आत्मनिर्भरता की ओर निर्णायक कदम बढ़ा रहा है।”
पीएम मोदी के नेतृत्व को इस बड़ी उपलब्धि का श्रेय देते हुए भी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कसीदे गढ़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साहसी और दूरदर्शी नेतृत्व में, यह उपलब्धि वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में भारत के बढ़ते प्रभाव को और मजबूत करती है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हमारे समर्पित वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को हार्दिक बधाई।” कहा जा रहा है कि इस बड़ी उपलब्धि से भारत परमाणु ऊर्जा जगत में नई शक्ति के रूप में उभरेगा।
परमाणु महाशक्ति बनने की दिशा में बढ़ेगा भारत
जानकारी के मुताबिक प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर से अब नाभिकीय ऊर्जा उत्पादन हो सकेगा। इससे परमाणु ऊर्जा मामलों के लिए भारत की ईंधन की जरूरतें पूरी हो सकेंगी और दूसरे देशों पर निर्भरता खत्म होगी। इसके अलावा दुनिया के सबसे बड़े थोरियम भंडार को भविष्य में बिजली में बदला जा सकेगा। पीएफबीआर चालू होने के बाद दुनिया भर में भारत का दबदबा बढ़ने के साथ मेड इन इंडिया का डंका देखने को मिलेगा। इसे परमाणु ऊर्जा शक्ति के दिशा में बड़ा अहम मोड़ माना जा रहा है।
