CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश सरकार किसानों के लिए कई तरह की योजनाएं चला रही है, ताकि उन्हें लाभ मिल सके। गौरतलब है कि CM Yogi Adityanath की अगुवाई में राज्य तेजी से विकास कर रहा है। हर वर्ग के लोगों को जबरदस्त फायदा पहुंच रहा है।
इसी बीच मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक की, साथ ही खरीफ -2026 की सभी तैयारियों का जायजा लिया। इसके साथ ही यूपी सरकार पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-आधारित कृषि प्रणाली विकसित करने की दिशा में तेजी से प्रयास कर रही है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-आधारित कृषि प्रणाली पर CM Yogi Adityanath ने दिया जोर
राज्य में किसानों के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं दी जा रही है। यूपी सरकार द्वारा दी जानकारी के अनुसार “उत्तर प्रदेश सरकार पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-आधारित कृषि प्रणाली विकसित करने की दिशा में तेजी से प्रयास कर रही है, जिससे किसानों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं तक सुगम पहुंच सुनिश्चित हो सके।
किसान पंजीकरण पहल डिजिटल शासन को मजबूत कर रही है और भविष्य के लिए अधिक कुशल, किसान-केंद्रित प्रणाली का निर्माण कर रही है”।
किसान रजिस्ट्री में 22.8 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण हुआ। पंजीकरण लक्ष्य का 79.10% हासिल किया गया। हिस्सा निर्धारण कार्य का 87.19% पूरा हुआ। किसान कल्याण योजनाओं तक त्वरित पहुंच सुनिश्चित करना शामिल है।
खरीफ-2026 को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री ने दी अहम जानकारी
बता दें कि खरीफ फसलों की बुवाई की शुरूआत होने वाली है, जिसे देखते हुए CM Yogi Adityanath ने अधिकारियों के साथ बैठक की, उन्होंने कहा कि “खरीफ-2026 की सभी तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक एवं तकनीकी सहायता समय पर उपलब्ध कराई जाए। सूखा संभावित क्षेत्रों के लिए अग्रिम कार्ययोजना तैयार कर ली जाए और आवश्यकता पड़ने पर किसानों को वैकल्पिक फसलों के बीज उपलब्ध कराए जाएं।
आगामी जून माह से सभी विकास खंडों में लगने वाली साप्ताहिक चौपालों के साथ किसान मेले का भी आयोजन किया जाए, ताकि किसानों को योजनाओं, आधुनिक तकनीक और प्रगतिशील खेती की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके। मंडी समितियों को आधुनिक, पारदर्शी और सुविधायुक्त बनाया जाए।
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— Government of UP (@UPGovt) May 26, 2026
आगामी जून माह से सभी विकास खंडों में लगने वाली साप्ताहिक चौपालों के साथ किसान मेले का भी आयोजन किया जाए, ताकि किसानों को योजनाओं, आधुनिक तकनीक और प्रगतिशील खेती की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके। मंडी समितियों को आधुनिक, पारदर्शी और सुविधायुक्त बनाया जाए”।






