CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश सरकार ने में बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों को बड़ा तोहफा देते हुए मुफ्त कैशलेश इलाज का ऐलान किया है। सबसे खास बात है कि इस फैसले के बाद करीब 15 लाख शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मी निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज करा सकेंगे। गौरतलब है कि इससे बड़ी संख्या बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों को फायदा पहुंचेगा। इसके अलावा बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के मुताबिक, बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों, मान्यता प्राप्त और अंशकालिक विद्यालयों के शिक्षकों को इसका लाभ मिलेगा। इसके अलावा यूपी कैबिनेट में 32 प्रस्ताव आए थे, जिसमे से 30 को मंजूरी मिली है। यह कहना गलत नहीं होगा कि चुनाव से पहले ही योगी सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
इन शिक्षकों को मिलेगा मुफ्त कैशलेश इलाज का लाभ
यूपी सरकार द्वारा दी जानकारी के अनुसार माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा।
इसमे अशासकीय सहायता प्राप्त व स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक शामिल है। अनुदानित, संस्कृत शिक्षा परिषद एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक भी लाभार्थी होंगे।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी की अध्यक्षता में संपन्न कैबिनेट बैठक में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों तथा स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। pic.twitter.com/5Vtz4x0DmY
— Government of UP (@UPGovt) January 29, 2026
सरकारी अस्पतालों के साथ निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी आईपीडी (अंतरंग विभाग) उपचार की अनुमति, शिक्षकों के साथ उनके आश्रित परिवार के सदस्य भी होंगे पात्र होंगे। माना जा रहा है कि इस ऐलान से करीब 15 लाख शिक्षकों को फायदा मिल सकता है।
CM Yogi Adityanath की अगुवाई में शिक्षकों को मिल रहा है लाभ
बता दें कि माध्यमिक के अलावा बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों- कार्मिकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। बेसिक शिक्षा परिषद एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशक शामिल लाभ में शामिल होंगे। विशेष शिक्षक (CWSN), कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के वार्डन व पूर्णकालिक अंशकालिक शिक्षकों को भी मिलेगा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी की अध्यक्षता में संपन्न कैबिनेट की बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों एवं कर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। pic.twitter.com/CitqnXIxTb
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प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइया एवं कर्मी भी शामिल होंगे। इसके साथ ही लाभांवित होने वाले कुल कार्मिकों की संख्या- 11,95,391, कर्मियों के साथ उनके आश्रित परिवार के सदस्य भी पात्र होंगे।





