यूपी के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लाभांश को CM Yogi Adityanath ने बढ़ाया, नाग पंचमी पर मिला तोहफा

CM Yogi Adityanath: उचित दर विक्रेताओं के लाभांश को बढ़ाकर जाहिर तौर पर नाग पंचमी के मौके पर सीएम की तरफ से खास तोहफा दिया गया है। आइए जानते हैं इसे लेकर उन्होंने क्या कहा जो चर्चा में है।

CM Yogi Adityanath

Photo Credit- Google CM Yogi Adityanath

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश सरकार जमीनी स्तर पर जनकल्याणकारी योजनाओं को अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। ऐसे में सीएम योगी गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न की सुगम और पारदर्शी पहुंच सुनिश्चित करने को लेकर अडिग हैं। इसके साथ ही उचित दर विक्रेताओं के हितों का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लाभांश को बढ़ा दिया गया है जो जाहिर तौर लोगों के लिए हितकारी है। आइए जानते हैं इसे लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा है।

उचित दर विक्रेताओं को CM Yogi Adityanath का तोहफा

सीएम योगी आदित्यनाथ ने x प्लेटफार्म पर कहा, “78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लाभांश को 90 से बढ़ाकर 125 प्रति कुंतल करने के उपहार के साथ ही सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के अंतर्गत ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली के शुभारंभ हेतु आज लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ। मैं सभी उचित दर विक्रेताओं को आश्वस्त करता हूं कि आप अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण की प्रक्रिया को तेजी के साथ आगे बढ़ाइए, धनराशि का आवंटन सरकार करेगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं जनोन्मुख होगी।”

स्वदेशी को प्राथमिकता देने पर क्या बोले सीएम योगी आदित्यनाथ

इसके साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “श्रावण मास के तृतीय सोमवार एवं पावन नाग पंचमी के अवसर पर प्राप्त इन उपहारों हेतु सभी लाभार्थियों को हार्दिक बधाई।” उन्होंने कहा,”जब हमारा मुनाफा विदेशों में जाता है तो उसका एक हिस्सा हमारे खिलाफ आतंकवाद, नक्सलवाद और भारत को अस्थिर करने में खर्च होता है। प्रदेश सरकार की इस पहल से उचित दर विक्रेताओं की लंबे समय से चली आ रही अपेक्षाओं को पूरा करने के साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आधुनिक एवं अधिक प्रभावी बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा।हमेशा जागरूक रहें और ‘स्वदेशी’ को प्राथमिकता दें।”

जाहिर तौर पर गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न की सुगम और पारदर्शी पहुंच सुनिश्चित करने के साथ ही उचित दर विक्रेताओं के हितों का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

 

 

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