CM Yogi Adityanath: स्वास्थ्य विभाग से उत्तर प्रदेश में क्रांति लाने का काम लगातार सरकार की तरफ से किया जा रहा है। इस बात की कोशिश हर संभव सीएम योगी आदित्यनाथ की तरफ से की जा रही है। निश्चित तौर पर आयुष चिकित्सा सेवाओं का व्यापक विस्तार उनकी सफलता को बखूबी बयां करने के लिए काफी है। आइए जानते हैं आखिर कैसे आयुष चिकित्सा सेवा का विस्तार उत्तर प्रदेश में हो रहा है और ऐसे में यूपी सरकार हर संभव लोगों की जिंदगी को आसान बनाने का काम कर रही है। आइए जानते हैं सीएम योगी आदित्यनाथ की आयुर्वेद की विरासत बढ़ाने में कितना योगदान है।
CM Yogi Adityanath ने आयुर्वेद, यूनानी एवं होम्योपैथी चिकित्सा सुविधाओं में की तरक्की
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के नेतृत्व में प्रदेश में आयुष चिकित्सा सेवाओं का व्यापक विस्तार हो रहा है। आयुर्वेद, यूनानी एवं होम्योपैथी जैसी चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं, सुदृढ़ चिकित्सा संस्थानों और बेहतर उपचार सेवाओं से जोड़कर प्रदेश सरकार आयुष की समृद्ध विरासत को नई पहचान दे रही है।
— Government of UP (@UPGovt) November 6, 2026
गवर्नमेंट ऑफ यूपी की तरफ से बताया गया कि सीएम योगी आदित्यनाथ के के नेतृत्व में प्रदेश में आयुष चिकित्सा सेवाओं का व्यापक विस्तार हो रहा है। आयुर्वेद, यूनानी एवं होम्योपैथी जैसी चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं, सुदृढ़ चिकित्सा संस्थानों और बेहतर उपचार सेवाओं से जोड़कर प्रदेश सरकार आयुष की समृद्ध विरासत को नई पहचान दे रही है। इसके साथ ही बताया गया कि आयुर्वेद की समृद्ध विरासत को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का सशक्त आधार मिल रहा है तो इसकी सेवाओं का भी तेजी से विस्तार हो रहा है।
कैसे उत्तर प्रदेश में आयुष हेल्थ की सुविधाऐं हो रही विकसित
बताया जा रहा है कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 16 जनपदों में एकीकृत आयुष चिकित्सालय संचालित किए जा रहे हैं। 4 का निर्माण हो चुका है और 5 निर्माणाधीन है। वहीं उत्तर प्रदेश में 2111 आयुर्वेदिक, 254 यूनानी एवं 1585 होम्योपैथिक चिकित्सालय क्रियाशील है। 8 आयुर्वेदिक, 2 यूनानी और 9 होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज लोगों के लिए मौजूद है। आयुष चिकित्सालय में 53 प्रकार की सर्जरी की सुविधा उपलब्ध करवाया गया है। इसके साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने 1034 आयुष हेल्थ एंड वैलनेस सत्रों के माध्यम से लोगों तक आयुष चिकित्सालय एवं आरोग्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है।
इन जगहों पर आयुष चिकित्सा का हो रहा विस्तार
वहीं यह भी बताया गया कि गोरखपुर में सबसे पहले आयुष विश्वविद्यालय बताया गया। वहीं अयोध्या में राजकीय आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना की गई है। वाराणसी में राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। यह निश्चित तौर पर सरकार की बहुत बड़ी सफलता और पहल है।






