‘उनकी सुरक्षा, सुविधा…’ कांवड़ यात्रियों के लिए यूपी सरकार के विशेष इंतजाम, CM Yogi Adityanath ने दिए खास दिशा-निर्देश, जानें सबकुछ

CM Yogi Adityanath ने कांवड़ यात्रियों की सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए है। ताकि उन्हें सभी प्रकार की सुविधाएं मिल सके।

CM Yogi Adityanath

फाइल फोटो

CM Yogi Adityanath: श्रावण मास में शिवभक्तों का अलग हुजूम देखने को मिल रहा है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के CM Yogi Adityanath ने कांवड़ यात्रियों की सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए है। इसी बीच बीते दिन मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के नाम एक पाती लिखी।

उन्होंने लिखा था कि “श्रावण माह लोकमंगल, श्रम-सम्मान एवं सामूहिकता का पावन पर्व है। प्रकृति नवसृजन का संदेश देती है तथा अन्नदाता का परिश्रम हरित समृद्धि के रूप में फलीभूत होने लगता है। सनातन संस्कृति में प्रकृति का यही नवोन्मेष शिव-आराधना से जुड़कर जीवन को संयम, सेवा और समरसता का मार्ग दिखाता है”।

CM Yogi Adityanath ने दिए खास दिशा-निर्देश

मीडिया से बात करते हुए उत्तर प्रदेश के CM Yogi Adityanath ने कहा कि “पश्चिमी उत्तर प्रदेश से सैकड़ों शिव भक्त गंगाजल लेने के लिए कांवड़ यात्रा के रूप में ‘हर की पौड़ी’ के लिए निकल चुके हैं।

उनके स्वागत और सुरक्षा में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए सरकार, धार्मिक संगठनों और अन्य लोगों ने कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। बता दें कि लाखों की संख्या में कांवड़ यात्री हरकी पैड़ी से जल लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचते है। गौरतलब है कि यूपी सरकार की तरफ से कांवड़ यात्रियों के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जा रही है।

कांवड़ यात्रियों को मिल रही है ये विशेष सुविधाएं

पूरे रास्ते कांवड़ यात्रियों को सभी प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जा रही है। यूपी सरकार की तरफ से दी जानकारी के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा के लिए हरिद्वार स्थित ‘हर की पैड़ी’ से गंगाजल लाने हेतु प्रस्थान कर चुके हैं। उनकी सुरक्षा, सुविधा और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ स्वयंसेवी, सामाजिक, व्यापारिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।

ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना ना करना पड़े। साथ ही CM Yogi Adityanath ने प्रदेशवासियों से खास अपील करते हुए कहा कि “मैं आप सबसे विशेष रूप से कहना चाहता हूं कि श्रावण माह को सेवा, स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और सामाजिक सहभागिता का माह बनाने का संकल्प लें। प्रत्येक बूंद का सम्मान तथा प्रत्येक पौधे का संरक्षण करें”।

 

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