CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि “विकास, स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तीकरण” के लक्ष्य को लेकर सरकार विभिन्न योजनाओं को धरातल पर उतार रही है। इन्हीं प्रयासों में से एक है ‘लखपति दीदी’ योजना, जिसके माध्यम से लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।
लखपति दीदी योजना का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की वार्षिक आय को एक लाख रुपये या उससे अधिक तक पहुंचाना है। गौरतलब है कि CM Yogi Adityanath की अगुवाई में महिलाओं को जबरदस्त फायदा पहुंच रहा है।
लखपति दीदी के तहत लाखों महिलाओं को पहुंचा फायदा
यूपी सरकार ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “CM Yogi Adityanath जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में महिला स्वावलंबन को नई दिशा और नई गति मिली है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश की 18.55 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में महिला स्वावलंबन को नई दिशा और नई गति मिली है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश की 18.55 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
कौशल विकास, स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तीकरण के प्रभावी प्रयासों ने महिलाओं को… pic.twitter.com/zBRxGog88Z
— Government of UP (@UPGovt) June 12, 2026
कौशल विकास, स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तीकरण के प्रभावी प्रयासों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उनके जीवन में समृद्धि, सम्मान और खुशहाली का नया अध्याय जोड़ा है”।
क्या है लखपति योजना?
लखपति दीदी योजना का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं की वार्षिक आय को एक लाख रुपये या उससे अधिक तक पहुंचाना है। इस योजना के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बैंक ऋण और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं ताकि वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी आय बढ़ाना और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार प्रदेश में बड़ी संख्या में महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जुड़ रही हैं। लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं को डेयरी, पशुपालन, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई-कढ़ाई, कृषि आधारित उद्योग और छोटे व्यवसायों के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।





