CM Yogi Adityanath: शिक्षा का महत्व किस कदर है यह बताने की जरूरत नहीं है ऐसे में हर घर में साक्षरता पहुंच सके इसके लिए सीएम योगी की तरफ से लगातार प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में राज्य के हर एक नागरिक शिक्षित हो सके इस पर सीएम योगी आदित्यनाथ की नजरे हैं। वहीं इस सबके बीच आइए जानते हैं आखिर क्या है सरकार की नव भारत साक्षरता कार्यक्रम जिसके लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से पूरी जानकारी दी गई है। यह जाहिर तौर पर बताता है कि शिक्षा हर जीवन में जरूरी है और यह साक्षरता के महत्व को बताता है।
क्या है CM Yogi Adityanath का नव भारत साक्षरता कार्यक्रम
साक्षर प्रदेश, समर्थ प्रदेश!
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश 'नव भारत साक्षरता कार्यक्रम' के माध्यम से साक्षरता के जनआंदोलन को नई गति देते हुए शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण की दिशा में निरंतर अग्रसर है। pic.twitter.com/7vDjC5IcMj
— Government of UP (@UPGovt) July 11, 2026
गवर्नमेंट ऑफ़ यूपी ने एक पोस्ट के जरिए बताया कि “साक्षर प्रदेश समर्थ प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से साक्षरता के जन आंदोलन को नई गति देते हुए शिक्षित सक्षम और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण की दिशा में निरंतर अग्रसर है। बताया गया कि 1 अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2027 तक संचालित केंद्र पुरोनिधानित योजना चलाया जा रहा है जहां प्रतिभागियों के प्रमाणीकरण की प्रक्रिया प्रगति पर है।
कैसे यूपी सरकार की तरफ से शिक्षा को मिल रही गति
वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उल्लास सर्वे ऐप के माध्यम से 16.59 लाख असाक्षरों एवं 1.87 लाख स्वयं सेवकों की पहचान की गई है। वहीं मार्च 2026 की साक्षरता परीक्षा में लगभग 4.50 लाख शिक्षार्थियों की सहभागिता देखी गई तो शत प्रतिशत साक्षरता के पथ पर नया उत्तर प्रदेश को बताया जा रहा है। ऐसे में सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निश्चित तौर पर उत्तर प्रदेश में शिक्षा को लेकर एक अलग ही विकास का दौर चल रहा है। हर घर में शिक्षा पहुंच सके और हर हाथ शिक्षित हो सके इसके लिए नव भारत साक्षरता कार्यक्रम काफी महत्वपूर्ण बताया गया है।
