CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में निरंतर रफ्तार से विकास जारी है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिक्षा क्षेत्र पर भी खास फोकस किया जा रहा है। ऐसे में बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी की सरकार राज्य के छात्र और छात्राओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, ताकि आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग छात्राओं को एजुकेशन में किसी भी तरह की बाधा न आए। इसी कड़ी में यूपी सरकार ने बीते दिन लखनऊ में छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत लाभार्थी छात्रों को धनराशि दी।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्कॉलरशिप प्राप्त करने वाले सभी लाभार्थियों को दी बधाई
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘युवा शक्ति को संबल देता ‘नया उत्तर प्रदेश’! मुख्यमंत्री आज लखनऊ में वंचित एवं कमजोर वर्ग के कक्षा 9 एवं 10 तथा दशमोत्तर के 2799982 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में 3350 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति तथा राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के अंतर्गत 33334 आश्रित लाभार्थियों को 100 करोड़ रुपये की धनराशि के अंतरण हेतु आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।’
सीएम योगी ने इस वर्ष स्कॉलरशिप की सुविधा का लाभ प्राप्त करने वाले सभी नौजवानों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा, ‘पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से समयबद्ध सहायता प्रदान कर प्रदेश सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। यह सहयोग उनके सपनों को साकार करने की दिशा में एक सशक्त आधार है।’
युवा शक्ति को संबल देता ‘नया उत्तर प्रदेश’!
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी आज लखनऊ में वंचित एवं कमजोर वर्ग के कक्षा 9 एवं 10 तथा दशमोत्तर के 27,99,982 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में ₹3,350 करोड़ छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति तथा राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के अंतर्गत… pic.twitter.com/EpLs1IH8k0
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) March 30, 2026
सीएम योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर बोला तीखा हमला
लखनऊ में कार्यक्रम के दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दल सपा यानी समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला किया। सीएम ने कहा, ‘वर्ष 2016-17 में समाजवादी पार्टी ने अनुसूचित जाति, जनजाति के छात्रों को स्कॉलरशिप ही नहीं दी। वर्ष 2017 में जब सरकार आई तो हमने वर्ष 2017-18 के साथ-साथ वर्ष 2016-17 के भी बच्चों को स्कॉलरशिप दी। वर्ष 2017 के पहले भ्रष्टाचार केवल स्कॉलरशिप में नहीं था, हर एक क्षेत्र में था, पोषण आहार में भ्रष्टाचार, विकास की योजनाओं में भ्रष्टाचार। बच्चों की सहायता हो, माताओं का राशन हो, गरीबों और वंचितों को मिलने वाली सरकार की कोई भी सहायता हो, ये सभी समाजवाद के नाम पर परिवारवादी लोग पहले खा जाते थे। ये समाज को बांटने वाले लोग हैं, इनके काले कारनामों के कारण ही उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य बन गया था।’






