CM Yogi Adityanath: भारत के महान वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति जिन्हें मिसाइल मैन के नाम से जाना जाता था उनकी पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। जी हां, हम बात कर रहे हैं डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की जिन्हें लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक पोस्ट किया है। भारत के 11वें राष्ट्रपति और मिसाइल मैन के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले डॉक्टर अब्दुल कलाम को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी दूरदर्शिता सादगी और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणादाई रहने वाला है। जानें इस पोस्ट में सीएम की तरफ से क्या कहा गया है।
मिसाइल मैन को CM Yogi Adityanath ने इस तरह दी श्रद्धांजलि
‘मिसाइल मैन’, पूर्व राष्ट्रपति, ‘भारत रत्न’ डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि।
रक्षा व अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के साथ ही राष्ट्र को परमाणु शक्ति संपन्न बनाने में उनका योगदान अभूतपूर्व है।
उनकी दूरदर्शिता,… pic.twitter.com/5uNb6lBWTt
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 27, 2026
सीएम योगी आदित्यनाथ प्ले एक प्लेटफार्म पर’ कहा, “मिसाइल मैन’, पूर्व राष्ट्रपति, ‘भारत रत्न’ डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। रक्षा व अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के साथ ही राष्ट्र को परमाणु शक्ति संपन्न बनाने में उनका योगदान अभूतपूर्व है। उनकी दूरदर्शिता, सादगी एवं राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणा है।” इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के सीएम ने कहा कि वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में एपीजे अब्दुल कलाम का योगदान अभूतपूर्व है। जाहिर तौर पर उन्हें हमेशा के लिए याद रखा जाएगा।
डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के योगदान को सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया याद
डॉ एपीजे अब्दुल कलाम इसरो और डीआरडीओ जैसे अनुसंधान संगठन में अपनी सेवाएं देने के साथ ही स्वदेशी निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम के तहत कई मिसाइलों का सफल निर्माण किया। वर्ष 2002 से 2007 तक भारत के 11वें राष्ट्रपति के तौर पर देश की सेवा के लिए तत्पर थे। पद्म भूषण, पद्म विभूषण और भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से भी उन्हें नवाजा गया था। वहीं इस महान शख्स को श्रद्धांजलि देते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने मिसाइल को भावपूर्ण याद करते नजर आए। छात्रों और शिक्षा को लेकर उनकी अभूतपूर्व उपलब्धि जाहिर तौर पर देश के लिए यादगार रहने वाला है।







