CM Yogi Adityanath ने UP के किसानों को दी बड़ी राहत, गेहूं की बेहतर खरीद के लिए जारी किए नए दिशा-निर्देश; पढ़ें पूरी खबर

CM Yogi Adityanath: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के किसानों को बड़ी सौगात दी है। सरकार के ताजा फैसले से लाखों अन्नदाताओं को सीधा लाभ मिल सकता है। साथ ही उन्हें आर्थिक नुकसान से भी बचाने में मदद मिल सकती है।

CM Yogi Adityanath

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CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को प्रदेश की सत्ता संभाले हुए 9 वर्ष से ज्यादा का टाइम हो गया है। ऐसे में बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने राज्य के हर वर्ग को विकास के साथ जोड़ने का प्रयास किया है। इस क्रम में यूपी सरकार ने किसानों के लिए कई हितकारी कदम उठाए हैं। साथ ही उद्योगपतियों के लिए भी बराबरी के साथ कई अहम निर्णय लिए हैं। ऐसे में अब यूपी सरकार का ताजा फैसला प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए राहतभरा साबित हो सकता है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने किसानों को दी बड़ी सौगात

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में असमय बारिश से प्रभावित गेहूं की फसल को देखते हुए किसानों को बड़ी राहत प्रदान की गई है। रबी विपणन सत्र 2026–27 के लिए गेहूं की खरीद अब शिथिल मानकों के साथ की जाएगी। यूपी सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार लस्टर लॉस यानी गेहूं में चमक कम होने पर भी अब 70% तक गेहूं स्वीकार किया जाएगा। साथ ही गेहूं का टूटा या सिकुड़ा दाना भी 20 फीसदी तक स्वीकार किया गया है, पहले यह 6 प्रतिशत था। वहीं, एमएसपी खरीद जारी रहेगी। ऐसे में खराब क्वालिटी के बावजूद किसान अपना गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच सकेंगे।

मालूम हो कि यूपी के किसानों की भलाई के लिए बीजेपी की सरकार ने यह निर्णय लिया है। पहले बारिश और मौसम खराब होने से गेहूं की क्वालिटी प्रभावित थी, अब से ऐसा नहीं होगा। पहले के सख्त नियमों में फसल खारिज हो सकती थी, मगर अब किसानों को नुकसान और मजबूरी में सस्ते दाम पर बिक्री से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है।

सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में अन्नदाताओं को होगा बड़ा लाभ

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में थोड़े हल्के किस्म के गेहूं को अलग स्टोर किया जाएगा। इसका उपयोग राज्य के भीतर ही किया जाएगा। साथ ही स्टोरेज में गुणवत्ता खराब होने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। यूपी में गेहूं खरीद के नियमों में ढील देकर सरकार ने किसानों के लिए राहत पैकेज जैसा कदम उठाया है। खराब मौसम के बावजूद अब ज्यादा किसान अपनी फसल सरकारी खरीद केंद्र पर बेच पाएंगे, जिससे अन्नदाताओं को किसी भी तरह का आर्थिक नुकसान नहीं झेलना होगा।

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