CM Yogi Adityanath ने जीआरपी के कार्यों की समीझा बैठक में लिया हिस्सा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, जानें सबकुछ

CM Yogi Adityanath ने राज्य में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य जीआरपी के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

CM Yogi Adityanath

फाइल फोटो

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के ने राज्य में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। दी जानकारी के मुताबिक CM Yogi Adityanath ने आज राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, तकनीक-सक्षम तथा परिणामोन्मुख बनाया जाए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश, देश का सबसे बड़ा रेल यातायात वाला राज्य है। यात्रियों की सुरक्षा, महिला सम्मान, अपराध नियंत्रण और त्वरित पुलिस सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। रेलवे परिसरों, प्लेटफॉर्मों और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए।

CM Yogi Adityanath ने अधिकारियों को दिए जरूरी दिशा-निर्देश

रेलवे ट्रैक और ट्रेन सुरक्षा की समीक्षा के दौरान CM Yogi Adityanath ने रेलवे प्रशासन, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने रेलवे परिसरों और ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं को पूरी तरह समाप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि त्योहारों, बड़े आयोजनों, भर्ती परीक्षाओं और विशेष अवसरों पर रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रवेश एवं निकास नियंत्रण, कतार प्रबंधन, सार्वजनिक घोषणाओं, 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी तथा रेलवे प्रशासन के साथ समन्वय के माध्यम से भीड़ नियंत्रण को प्रभावी बनाया जाए।

महिला सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री सतर्क

मुख्यमंत्री जी ने महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए निर्देश दिए कि रेलवे नेटवर्क में महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। मानव तस्करी और गुमशुदा बच्चों की बरामदगी से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री जी ने इन अभियानों को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
अभियोजन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि अपराधियों को त्वरित एवं प्रभावी दंड सुनिश्चित किया जाए।वर्ष 2027 में प्रस्तावित हरिद्वार अर्धकुम्भ की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री जी ने अभी से व्यापक सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन योजना तैयार करने तथा संबंधित जनपदों एवं एजेंसियों के बीच समयबद्ध समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

 

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