‘प्लास्टिक का उपयोग बंद करें’, CM Yogi Adityanath ने UP वासियों से की स्वच्छता बनाए रखने की अपील, बोले- ‘वर्तमान व भावी पीढ़ी सुरक्षित होगी’

CM Yogi Adityanath: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोगों से स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। साथ ही कहा कि नालों में पॉलीथिन, कपड़े और घर की गंदगी न फेंकें, बल्कि इसको स्वच्छ और सुंदर बनाने में योगदान दें।

CM Yogi Adityanath

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CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में प्रदेश को ‘विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश‘ के संकल्प की ओर पूरी प्रतिबद्धता के साथ बढ़ाया जा रहा है। ऐसे में प्रदेश के मुखिया सीएम योगी ने सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि प्लास्टिक का उपयोग बंद करें। बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और गोरखपुर के पूर्व सांसद ने लोगों से कहा कि मैं आह्वान करूंगा कि अपने शहर को साफ बनाए रखने में अहम योगदान दें।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोगों से की स्वच्छता बनाए रखने की अपील

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी एक्स यानी ट्विटर पोस्ट के जरिए बताया, ‘मैं आह्वान करूंगा, प्लास्टिक का उपयोग बंद करें। नालों में पॉलीथिन, कपड़े और घर की गंदगी न फेंकें, बल्कि इसको स्वच्छ और सुंदर बनाने में योगदान दें। हम अपना योगदान देंगे, तो हमारा शहर स्वच्छ और सुंदर बना रहेगा, बीमारियों से बचा रहेगा, वर्तमान व भावी पीढ़ी सुरक्षित होगी तथा गोरखपुर समृद्धि के नए लक्ष्यों को प्राप्त करेगा।’

मालूम हो कि उत्तर प्रदेश डबल इंजन की सरकार ने स्वच्छता सुधारने और स्वच्छ यूपी बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। इनमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है। यूपी में घर-घर शौचालय निर्माण, सामुदायिक शौचालय और खुले में शौच मुक्त अभियान चलाया गया है। सरकार अब शौच मुक्त अभियान को आगे बढ़ाने के मॉडल पर काम कर रही है, जिसमें कचरा प्रबंधन और साफ-सफाई की स्थायी व्यवस्था शामिल है। साथ ही ‘मिशन क्लीन यूपी’ के तहत प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिटें स्थापित की जा रही हैं, ताकि प्लास्टिक कचरे का निस्तारण हो सके और राज्य को प्लास्टिक मुक्त बनाया जा सके।

सीएम योगी आदित्यनाथ बोले- ’75 जनपदों में विकास एक साथ प्रारंभ होता है’

वहीं, बीते दिन यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में एक कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान सीएम ने कहा, ‘500 वर्ष से 1500 वर्ष पूर्व तक दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी लगभग 44 से 45 फीसदी थी। 9-10 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश को लोगों ने ‘प्रश्न प्रदेश’ बना दिया था। सरकार की कोई पॉलिसी नहीं थी, न नीयत थी और न कोई नीति थी। यूपी के अंदर अब डेवलपमेंट, सुरक्षा, रोजगार, एग्रीकल्चरल ग्रोथ का भी एक नया मॉडल देखने को मिलेगा। 75 जनपदों में विकास एक साथ प्रारंभ होता है और एक साथ चलता है। उत्तर प्रदेश के अंदर विकास का पैमाना व्यक्ति, जाति, मत, मजहब, क्षेत्र, भाषा नहीं है, उसका आधार तो सबका साथ, सबका विकास का है।’

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