शिक्षक दिवस पर CM Yogi Adityanath की महत्वपूर्ण सीख, 81 शिक्षकों को किया गया सम्मानित, समझे इसके मायने

CM Yogi Adityanath: देशभर में आज यानी 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। इसी बीच यूपी के सीएम ने एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

CM Yogi Adityanath

फाइल फोटो

 CM Yogi Adityanath: देशभर में आज यानी 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। इसी अवसर पर उत्तर प्रदेश में भी शिक्षकों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। खुद CM Yogi Adityanath ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

सीएम योगी ने गोरखपुर में आयोजित समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रदेश के 81 शिक्षकों को सम्मानित किया। इसकी जानकारी खुद यूपी सरकार ने अपने एक्स हैंडल पर दी है।

शिक्षक दिवस पर CM Yogi Adityanath ने लिया हिस्सा

यूपी सरकार ने अपने एक्स हैंडल पर जानकारी देते हुए लिखा कि “राष्ट्र निर्माण का आधार, शिक्षकों पर गर्व अपार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं CM Yogi Adityanath जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार और शिक्षकों के सम्मान को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। प्रदेश सरकार का मानना है कि राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव शिक्षकों के समर्पण, ज्ञान और संस्कारों से तैयार होती है।

इसी भावना के साथ शिक्षक दिवस के अवसर पर समर्पण, नवाचार एवं शिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले बेसिक शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के 81 शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 तथा मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार-2025 से चयनित शिक्षकों का सम्मान भी किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रदेश के शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना को और मजबूत करेगा”।

टीचर्स डे पर क्या बोले CM Yogi Adityanath

टीचर्स डे पर आयोजित अवॉर्ड सेरेमनी में UP के CM Yogi Adityanath ने कहा, “इस मौके पर मैं उन सभी शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं देना चाहता हूं जिन्हें आज यहां सम्मानित किया गया है, साथ ही राज्य भर के हमारे सभी सम्मानित शिक्षकों को भी। भारत ने प्राचीन काल से ही शिक्षा के महत्व को पहचाना और उजागर किया है।

इस बारे में विस्तार से बताने की ज़रूरत नहीं है। हालांकि, मेरा मानना ​​है कि अलग-अलग समय में इसे अलग-अलग तरीकों से पेश किया गया है। भारत का हमेशा से यह मानना ​​रहा है कि कोई देश तभी मज़बूत और सक्षम बन सकता है जब उसके बच्चे और युवा पीढ़ी देश की भावनाओं और मूल्यों के अनुसार शिक्षा और संस्कार प्राप्त करें। अगर कोई इस काम को पूरा कर सकता है, तो वह शिक्षक ही है।”

 

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