CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार कई स्तरों पर काम कर रही है। सरकार का फोकस खास तौर पर लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा उनके आसपास उपलब्ध कराने पर है। इसी दिशा में प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी 65 परियोजनाओं के जरिए लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
इन परियोजनाओं के जरिए अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे शहरों की ओर कम जाना पड़े।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में यूपी सरकार का खास कदम
यूपी सरकार ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि स्वस्थ उत्तर प्रदेश, सशक्त उत्तर प्रदेश! CM Yogi Adityanath जी के नेतृत्व में प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं और चिकित्सा संस्थानों के बुनियादी ढांचे को भी नई मजबूती मिल रही है।
स्वस्थ उत्तर प्रदेश, सशक्त उत्तर प्रदेश!
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के नेतृत्व में प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं और चिकित्सा संस्थानों के बुनियादी ढांचे को भी नई मजबूती मिल रही है।
₹1,600 करोड़+ की 65 परियोजनाओं के माध्यम से आधुनिक… pic.twitter.com/KWv7kWfd8g
— Government of UP (@UPGovt) September 13, 2026
₹1,600 करोड़+ की 65 परियोजनाओं के माध्यम से आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार के लिए महत्वपूर्ण चुनौती रहा है। ऐसे में अलग-अलग जिलों में स्वास्थ्य से जुड़ी परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।
CM Yogi Adityanath के प्रयासो का दिखा असर
सरकार की ओर से संचालित इन स्वास्थ्य परियोजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच रहा है। खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय लोगों को राहत मिल रही है।
पहले कई मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों या दूसरे जिलों का रुख करना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर सुविधाएं बढ़ने से उनका समय और खर्च दोनों बचाने में मदद मिल रही है। सबसे खास बात है कि CM Yogi Adityanath स्वास्थ्य क्षेत्र में केवल अस्पतालों की संख्या बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि मौजूदा स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में सुविधाएं बेहतर करने पर भी जोर दे रही है।







