CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। CM Yogi Adityanath के नेतृत्व में राज्य सरकार धार्मिक, सांस्कृतिक, विरासत और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई जरूरी योजनाओं पर काम कर रही है।
इसी बीच पर्यटन विकास की समीक्षा और आगामी परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। घरेलू पर्यटकों के मामले में उत्तर प्रदेश नंबर-1 राज्य है।
गौरतलब है कि बनारस, अयोध्या, आगरा, मथुरा, समेत कई जगहों पर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिलती है।
अवनीश के अवस्थी ने अधिकारियों के साथ की बैठक
बताते चले कि CM Yogi Adityanath के मुख्य सलाहकार अवनीश के अवस्थी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “उत्तर प्रदेश 2029-30 तक $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, और ऐसे में पर्यटन विकास, निवेश और रोज़गार के एक मज़बूत इंजन के रूप में उभर रहा है।
With Uttar Pradesh firmly progressing towards a $1 trillion economy by 2029-30, tourism is emerging as a powerful engine of growth, investment and employment.
Today, I joined Hon’ble Tourism & Culture Minister Shri @jaiveersingh099 Ji, in a high-level review meeting at Paryatan… pic.twitter.com/zEvw2neWhg
— Awanish K Awasthi (@AwasthiAwanishK) July 1, 2026
आज, मैंने लखनऊ के पर्यटन भवन में पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह जी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया।
इस बैठक का उद्देश्य इस परिवर्तनकारी विज़न में पर्यटन क्षेत्र के योगदान का आकलन करना और उसे और मज़बूत बनाना था। हम उत्तर प्रदेश को दुनिया भर में पसंद किया जाने वाला पर्यटन स्थल और समावेशी आर्थिक विकास का मुख्य चालक बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं”।
रोजगार और निवेश को मिल रहा है बढ़ावा
पर्यटन क्षेत्र में लगातार हो रहे विकास से होटल, परिवहन, रेस्टोरेंट, हस्तशिल्प, गाइड सेवाओं और अन्य संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। सरकार का मानना है कि पर्यटन उद्योग में निजी निवेश बढ़ने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
बैठक में निवेशकों के लिए पर्यटन परियोजनाओं को और अधिक आकर्षक बनाने तथा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल को बढ़ावा देने पर भी विचार किया गया। मालूम हो कि अयोध्या और बनारस में बड़ी संख्या में लोगों को जोरगार मिला है।
