Delhi Dehradun Expressway: देश के सबसे चर्चित एक्सप्रेसवे में से एक जो सीधा दिल्ली से देहरादून को कनेक्ट करेगा। बता दें कि इस एक्सप्रेसवे की मदद से दिल्ली से देहरादून की दूरी केवल 2.5 से 3 घंटे की रह जाएगी। जबकि अभी दिल्ली से देहरादून जाने में करीब 6-7 घंटे का समय लगता है। सबसे खास बात है कि ये दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कई मायनों में एक गेमचेंजर साबित होने जा रहा है। पश्चिमी यूपी के कई शहरों के लिए भी ये काफी अहम साबित होने वाला है। चलिए आपको बताते है इस एक्सप्रेसवे के 7 हाईटैक फीचर्स जो यात्रियों को देगा एक सुखद अनुभव।
Delhi Dehradun Expressway पर मिलेंगे ये 7 हाईटैक फीचर्स
दिल्ली से देहरादून मात्र 2.5 घंटे में – अगर इस एक्सप्रेसवे के खासियत की बात करें तो दिल्ली से देहरादून की दूरी मात्र 2.5 घंटे में पूरी हो सकेगी। यानि आप वीकेंड पर भी एक शार्ट ट्रिप जा सकेंगे और पहाड़ों का लुत्फ उठा सकेंगे।
स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम – बता दें कि सीसीटीवी की मदद से इस एक्सप्रेसवे से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा चालान के लिए एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, साथ ही ऑटोमैटिक ट्रैफिक कंट्रोल का सिस्टम भी होगा, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो।
पश्चिमी यूपी के इन शहरों को होगा फायदा – इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से पश्चिमी यूपी के कई शहरों को फायदा मिलने की उम्मीद है। जिसमे बागपत, शामली, सहारनपुर शामिल है।
खाने-पीने के ठहरने की होगी सुविधा – बता दें कि एक्सप्रेसवे पर यात्रियों के लिए कई प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जाएगी। जिसमे फूड प्लाजा, फ्यूल स्टेशन, पार्किंग एरिया, रेस्ट एरिया के साथ-साथ रहने की सुविधाएं शामिल है।
टनल और एलिवेटेड सेक्शन – कई जगहों पर पहाड़ और जंगल होने के कारण टनल और एलिवेटेड रोड बनाई गई है ताकि पर्यावरण को कम से कम नुकसान हो।
ग्रीन एक्सप्रेसवे कॉन्सेप्ट- इस प्रोजेक्ट में हजारों पेड़ लगाए जा रहे हैं और सड़क के किनारे ग्रीन बेल्ट बनाई जा रही है ताकि प्रदूषण कम हो।
एक्सप्रेसवे पर पैसेंजर्स इन बातों का रखें विशेष ध्यान
दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे पर यात्रा करते समय पैसेंजर्स को विशेष ध्यान रखने के लिए कुछ बिंदु विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यह हाई-स्पीड सड़क है और इसमें कुछ खतरनाक मोड़ और टनल भी हैं –
- सीट बेल्ट ज़रूरी – आगे और पीछे दोनों सीटों पर हमेशा सीट बेल्ट बाँधें।
- सुरक्षित बैठना – खड़े होकर या सीट पर झूलते हुए न बैठें।
- ड्राइवर का ध्यान भंग न करें – तेज़ बातें, हँसी-मज़ाक या फोन कॉल ड्राइवर को परेशान कर सकते हैं।
- सामान सुरक्षित रखें – बैग और अन्य सामान सीट या ट्रंक में रखें ताकि अचानक ब्रेक पर चोट न लगे।
- मोबाइल और हेडफोन सावधानी – आसपास के हॉर्न और संकेत सुनने के लिए बहुत ज़्यादा ध्वनि कम करें।
- खाने-पीने में संयम – ड्राइवर को ध्यान भटकाने वाली चीज़ें न करें।






