Lucknow Fire Incident: बीते दिन लखनऊ में एक ऐसा हादसा हुआ जिसने पूरे देश के झकझोर के रख दिया है। जानकारी के मुताबिक लखनऊ के अलीगंज इलाके में तीन मंज़िला कमर्शियल बिल्डिंग में सोमवार को लगी भीषण आग लग गई। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई है और लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के मुताबिक बिल्डिंग का मालिकाना हक कई बार बदले थे। साथ ही उसे तोड़ने का भी आदेश दे दिया गया था, लेकिन बाद में उसपर रोक लगा दी गई थी। वहीं अब इस मामले में योगी सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है।
हादसे के बाद योगी सरकार का ताबड़तोड़ एक्शन
हादसे की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ में हुई आग की घटना पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि “यह बहुत दुखद घटना है। हम पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं। हमारी संवेदनाएं उनके साथ हैं और हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें यह दुख सहने की शक्ति दें। मैं पूरे राज्य और देश को भरोसा दिलाता हूं कि योगी जी की सरकार में हम अपने वादे पूरे करते हैं।
#WATCH | Lucknow: On Lucknow fire tragedy, Uttar Pradesh government minister Suresh Kumar Khanna says, “This is a deeply distressing incident. We stand with the bereaved families. Our sympathies are with them, and we pray to God to grant them the strength to bear this sorrow. I… pic.twitter.com/OUkdwRymrB
— ANI (@ANI) June 22, 2026
दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे उसका पद कुछ भी हो। मुख्यमंत्री ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश पहले ही दे दिए हैं। FIR दर्ज की जाएगी, जांच होगी और कार्रवाई की जाएगी। सभी पंद्रह पीड़ितों की मौत सिर्फ़ धुएं की वजह से हुई।”
भारत न्याय संहिता के तहत केस दर्ज
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक अलीगंज पुलिस स्टेशन में हुई घटना के संबंध में, छह आरोपियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धाराओं 110, 105, 125 और 3(5) तथा उत्तर प्रदेश फायर सर्विस एक्ट की धाराओं 6/10 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
Lucknow fire incident | Regarding the incident at Aliganj Police Station, a case has been registered under Sections 110, 105, 125, and 3(5) of the BNS (Bharatiya Nyaya Sanhita) and Sections 6/10 of the Uttar Pradesh Fire Service Act against six accused individuals and other… pic.twitter.com/6M3ixjLLga
— ANI (@ANI) June 22, 2026
तीन आरोपियों – रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला और तुषक कृष्ण जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। वहीं एक चश्मदीद का कहना है कि “यहाँ एक लाइब्रेरी या कंप्यूटर कोर्स का संस्थान है। जब हम यहाँ पहुँचे, तो हमने इमारत से धुआँ निकलते देखा।
हमने 5-6 लोगों को बचाया। आग लगने के बाद, एक व्यक्ति इमारत से नीचे कूद गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। अभी भी कुछ लोग अंदर फँसे हुए हैं”।
