Ram Mandir Chanda Chori: अयोध्या का राम मंदिर इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है। बता दें कि Ram Mandir Chanda Chori मामले में लगातार नए-नए खुलासे हो रहे है। इसी बीच अब ट्रस्ट के अध्यक्ष नित्या गोपाल दास ने पीएम मोदी और सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से खास अपील की है।
गौरतलब है कि इस मामले में एसआईटी की जांच जारी है और लगातार नए-नए खुलासे हो रहे है। दूसरी तरफ विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर नजर आ रहा है। जानकारी के मुताबिक जांच में पता चला है कि कर्मचारियों ने कथित तौर पर अपने कपड़ों, जेबों, जूतों और निजी सामान में कैश की गड्डियां छिपा रखी थीं। चलिए आपको बताते इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
ट्रस्ट के अध्यक्ष नित्या गोपाल दास ने करी दी खास अपील
बता दें कि राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नित्या गोपाल दास ने पीएम मोदी और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखा। जारी पत्र में लिखा गया है कि, “श्री रामलला सरकार जी के मंदिर में हुई दान-चोरी से मैं काफी आहत हूं। जिसने भी यह पाप किया है। उसको कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
President of Ram Mandir Trust, Nitya Gopal Das wrote a letter stating that he is deeply pained by the alleged theft of offerings from the Ram Mandir, but he has full faith in Prime Minister Modi and Chief Minister Yogi Adityanath; he added that no one should politicise this… pic.twitter.com/rcJTh0Scrh
— ANI (@ANI) July 6, 2026
मुझे उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी एवं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी पर पूर्ण विश्वास है कि वह हर व्यक्ति को जो भी इस पास से जुड़ा हुआ है, उसको सजा दिलाएंगे। यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रश्न है, और मेरा निवेदन है कि इसमें किसी भी व्यक्ति को अपने निजी लाभ के लिए राजनीति नहीं करनी चाहिए”।
एसआईटी ने किया बड़ा खुलासा
न्यूज एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक “राम मंदिर दान में हेराफेरी के मामले पर SIT की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल से 5 जून, 2026 के बीच CCTV में करीब 70 संदिग्ध घटनाएं कैद हुईं। CCTV फुटेज में गिनती करने वाले कर्मचारी कैश की गड्डियां छिपाते हुए दिखे। बरामद कैश, कीमती सामान और बैंकों में जमा किया गया ज़रूरत से ज़्यादा कैश इस बात को और पुख्ता करता है।
SIT preliminary report on Ram Mandir donation embezzlement case | The report states prima facie, around 70 suspicious incidents captured on CCTV between April 27 and June 5, 2026. In CCTV footage, counting staff seen concealing wads of cash. Recovered cash, valuables and…
— ANI (@ANI) July 6, 2026
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एंट्री/एक्जिट पर तलाशी न होना, निजी सामान पर खराब कंट्रोल और कई दान पेटियों के कैश को एक साथ गिनना कुछ ऐसी वजहें थीं जिनकी वजह से यह अपराध हो पाया। रिपोर्ट में जांच से पहले कुछ कर्मचारियों से करीब 78.94 लाख रुपये बरामद होने का ज़िक्र है। इसके अलावा, 4 जून, 2026 को गिनती वाले कमरे से जुड़े बाथरूम से कथित तौर पर 2.25 लाख रुपये और बरामद किए गए”।
