Noida Techie Death: आधुनिक सुख-सुविधा से लैश मेट्रो पॉलिटन शहरों में जिंदगी का मोल कितना सस्ता है, ये कुछ हादसों से प्रतीत होता है। ताजा मामला यूपी के ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुए कार हादसे से जुड़ा है। एक टेक एक्सपर्ट जिसकी आय अच्छी थी, घर-परिवार सब था। एक मामूली चूक के कारण काल के कपाल में समा गया। यहां बात 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनीयर युवराज मेहता की हो रही है जिनकी मौत नाले में डूबने से हो गई है।
युवराज अपनी कार से टाटा यूरिका पार्क जा रहे थे कि तभी घने कोहरे के कारण गाड़ी सड़क को छोड़ मॉल के बेसमेंट के लिए खोदे गए गड्ढे में जा गिरी। करीब डेढ़ घंटे तक जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ते हुए युवराज काल की चपेट में आ गए। बेटे की मौत के बाद बेबस बाप का सरकारी इंतजामों पर गुस्सा फूटा है जिसकी खूब चर्चा है।
बेटे की मौत के बाद सरकारी इंतजाम पर फूटा बेबस बाप का गुस्सा
जिसके उज्जवल भविष्य का सपना पिता ने देखा होगा अब उसी बेटे की चिता को मुखाग्नि देना कितना पीड़ादायक है ये सोच सकते हैं। 27 वर्षीय टेक एक्सपर्ट युवराज मेहता की मौत ने उनके बेबस पिता का गुस्सा सामने आया है। नाले में डूब रही कार को बचाने के लिए लगे रेस्क्यू टीम को नाकाफी बताते हुए बुजुर्ग ने सरकारी इंतजाम की पोल खोली। मीडिया से बात करते हुए मृतक युवराज के पिता ने कहा कि इस पूरे मामले में प्रशासन और संबंधित विभागों की घोर लापरवाही सामने आई।
मृतक युवराज के पिता के मुताबिक रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान टीम के पास पर्याप्त संसाधन नहीं थे। वे सिर्फ रस्सी के सहारे उनके बेटे को बचाने का प्रयास कर रहे थे। ऐसी स्थिति में नाव, तैराक या अन्य वैकल्पिक साधनों की मदद से युवराज को बचाया जा सकता था। बुजुर्ग पिता ने पुलिस प्रशासन को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा कि घटनास्थल पर न तो बैरियर लगाए, न रिफ्लेक्टर या अन्य कोई चेतावनी संकेत। इसी के कारण घने कोहरे में कार गड्ढे में जा गिरी और उनके नौजवान बेटे की मौत हो गई।
पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच
27 वर्षीय टेक एक्सपर्ट की नाले में डूबकर हुई मौत के बाद पुलिस मामले की जांच शुरू कर चुकी है। जानकारी के मुताबिक ये पूरी घटना 16 जनवरी की रात में घटी जब युवराज करीब 12 बजे की रात अपनी कार से नोएडा के सेक्टर 150 टाटा यूरिका पार्क की ओर जा रहा था। इसी दौरान घने कोहरे के कारण कार सड़क से उतरकर नाले में समा गई और धीरे-धीरे डूब गई।
हादसे के बाद युवराज ने पिता से संपर्क कर बचाव करने की अपील की लेकिन कोई तरकीब काम नहीं आई। अंतत: करीब डेढ़ घंटे तक जद्दोजहद करने के बाद युवराज मॉल के बेसमेंट के लिए खोदे गए गड्ढे में समा गया और जिंदगी की जंग हार गया। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए नोएडा अथॉरिटी ने ट्रैफिक सेल के जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार की सेवाएं तुरंत प्रभाव से खत्म कर दी हैं। पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। दो बिल्डरों एमजे विशटाउन प्लानर लिमिटेड और लोट्स ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड पर केस दर्ज कर कार्रवाई को रफ्तार दी जा रही है।





