Anurag Dwivedi: राजधानी लखनऊ से सटे उन्नाव जैसे छोटे जनपद से निकल कर देश-दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अकूत संपत्ति बनाने वाले यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी पर ईडी की सख्त नजर है। प्रवर्तन निदेशालय लगातार अनुराग द्विवेदी पर शिकंजा कसते हुए कार्रवाई को रफ्तार दे रहा है। इस क्रम में अब तक यूट्यूबर की लैंड रोवर डिफेंडर और BMW Z4 गाड़ी मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून, 2002 के तहत जब्त कर लिया गया है।
वहीं दिल्ली से लेकर मुंबई, सूरत, लखनऊ और वाराणसी में कुल 9 ठिकानों पर छापेमारी हुई है। ईडी यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी द्वारा हवाला की कमाई और रियल एस्टेट में निवेश से बनाई गई अकूत संपत्ति पर नजर जमाए हुए है। मालूम को कि ED जो कार्रवाई कर रही है उसमें जांच पश्चिम बंगाल पुलिस की FIR के आधार पर शुरू की गई थी जिसे अनुराग द्विवेदी के बंगाल कनेक्शन के रूप में देखा जा रहा है।
यूट्यूबर Anurag Dwivedi द्वारा बनाई अकूत संपत्ति पर ED सख्त
प्रवर्तन निदेशालय पूरी सख्ती के साथ यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी पर शिकंजा कस रहा है। इसी क्रम में पहले 1 जनवरी, 2026 को यूट्यूबर के अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी हुई। प्रवर्तन निदेशालय ने इस कार्रवाई के दौरान दो लग्जरी गाड़ियां लैंड रोवर डिफेंडर, BMW Z4 को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA), 2002 के तहत जब्त किया। इससे इतर कई अहम दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी कब्जे में लिए गए। पूर्व में हुई छापेमारी के दौरान भी लैम्बॉर्गिनी उरुस, मर्सिडीज, फोर्ड एंडेवर और थार समेत चार महंगी गाड़ियां जब्त की गई थीं। इसके अलावा ईडी को करीब 20 लाख रुपए नकद, कई दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस मिले थे।
अवैध सट्टेबाजी ऐप्स का खुलेआम प्रचार करने वाले यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी द्वाला हवाला की कमाई और और रियल एस्टेट में निवेश कर दुबई में बनाई गई अकूत संपत्ति पर ईडी सख्त है। पूरी सतर्कता के साथ एक-एक पहलुओं पर ध्यान देते हुए अनुराग द्विवेदी के खिलाफ कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है।
अनुराग द्विवेदी का बंगाल कनेक्शन!
यूपी के उन्नाव जिले के रहने वाले यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी पर जो ईडी की कार्रवाई हो रही है, उसका बंगाल कनेक्शन भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक ईडी ने अनुराग द्विवेदी पर जो जांच की उसका सिरा बंगाल से जुड़ता है। बंगाल पुलिस की FIR के आधार पर ही इसकी शुरुआत हुई। सिलिगुड़ी से सोनू कुमार ठाकुर और विशाल भारद्वाज नाम के आरोपी ऑनलाइन सट्टेबाजी का पैनल चला रहे थे। इसके लिए फर्जी बैंक खातों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस संदर्भ में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद ही सिरा अनुराग द्विवेदी तक पहुंचा और कार्रवाई देखने को मिल रही है।






