---Advertisement---

Lord Ram: जानें इक्ष्वाकु से रघुकुल तक की कहानी और प्रभु रामलला की वंशावली

Lord Ram: देश के विभिन्न हिस्सों में लोग 22 जनवरी का इतंजार बेसब्री से कर रहे हैं। दरअसल इस खास दिन पर अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन किया गया गया है।

Avatar of Gaurav Dixit

By: Gaurav Dixit

Published: जनवरी 21, 2024 4:48 अपराह्न | Updated: जनवरी 22, 2024 3:56 अपराह्न

Lord Ram Vanshavali
Follow Us
---Advertisement---

Lord Ram: देश के विभिन्न हिस्सों में लोग 22 जनवरी का इतंजार बेसब्री से कर रहे हैं। दरअसल इस खास दिन पर अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन किया गया गया है। इसके तहत विधि-विधान से पूजन कर प्रभु रामलला की प्रतिमा मंदिर के गर्भगृह में स्थापित की जाएगी।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर ही अराध्य देव प्रभु श्रीराम (Lord Ram) के जन्म व उनके वंश परंपरा को लेकर खूब चर्चाएं की जा रही हैं। लोग मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के वंशावली के बारे में खूब जानना चाह रहे हैं। ऐसे में आइए हम आपको श्री रामलला के पूर्वज माने जाने वाले इक्ष्वाकु वंश से लेकर रघुकुल वंशावली तक के किस्से बताने की कोशिश करते हैं।

Lord Ram की वंशावली

सरयू नदी के तट पर एक छोटी से नगरी बसी है जिसे अयोध्या, अवधपुरी, राम नगरी व अन्य कई नामों से जाना जाता है। मान्यता है कि अयोध्या की स्थापना राजा इक्ष्वाकु द्वारा की गई थी। राजा इक्ष्वाकु कौशल देश के पराक्रमी राजा थे जिनके पूर्वज वैवस्वत मनु माने जाते हैं।

मान्यता है कि वैवस्वत मनु के दूसरे पुत्र राजा इक्ष्वाकु के कुल में ही प्रभु रामलला (Lord Ram) का जन्म हुआ था। इसके बाद इक्ष्वाकु वंश से सूर्यवंश भी आगे बढ़ता चला गया। ऐसे में आइए हम आपको रामलला की वंशावली परंपरा की जानकारी विस्तृत में देते हैं।

  1. ब्रह्माजी से मरीचि हुए।
  2. मरीचि के पुत्र कश्यप हुए।
  3. कश्यप के पुत्र विवस्वान हुए।
  4. विवस्वान से ही सूर्यवंश की शुरुआत मानी जाती है।
  5. विवस्वान के पुत्र वैवस्वत मनु हुए।
  6. वैवस्वत मनु के 10 पुत्र माने जाते हैं जिसमे इल, इक्ष्वाकु, कुशनाम (नाभाग), अरिष्ट, धृष्ट, नरिष्यन्त, करुष, महाबली, शर्याति और पृषध का नाम सामने आता है।
  7. मान्यता है कि वैवस्वत मनु के दूसरे पुत्र राजा इक्ष्वाकु के कुल में ही प्रभु रामलला की जन्म हुआ जिसके बाद सूर्यवंश आगे बढ़ता चला गया।
  8. इसके बाद इक्ष्वाकु कुल में ही विकुक्षि, निमि और दण्डक पुत्रों का जन्म हुआ।
  9. अगली पीढ़ी में राजा हरिश्चन्द्र, रोहित, वृष, बाहु और सगर भी पैदा हुए।
  10. इस कुल का विस्तार होता रहा और विकुक्षि की संतान बाण भी पैदा हुए और फिर बाण के पुत्र अनरण्य हुए।
  11. अनरण्य से ही पृथु और पृथु से त्रिशंकु का जन्म हुआ।
  12. त्रिशंकु के पुत्र धुंधुमार माने जाते हैं जिनसे युवनाश्व का जन्म हुआ।
  13. इसके बाद युवनाश्व के पुत्र मान्धाता हुए और फिर मान्धाता से सुसन्धि का जन्म माना जाता है।
  14. सुसन्धि के दो पुत्र हुए- ध्रुवसन्धि और प्रसेनजित।
  15. ध्रुवसन्धि ने कुल को आगे बढ़ाया और इनके पुत्र भरत कुमार हुए जिनसे असित का जन्म हुआ।
  16. असित के पुत्र सगर हुए जो कि सूर्यवंशी के पराक्रमी राजा बने।
  17. राजा सगर से असमंज का जन्म माना जाता है।
  18. असमंज के पुत्र अंशुमान हुए और फिर अंशुमान के पुत्र दिलीप हुए।
  19. दिलीप से ही मां गंगा को कठोर तप के बल पर पृथ्वी पर लाने वाले भगीरथ पुत्र का जन्म हुआ।
  20. इसके बाद भगीरथ के पुत्र ककुत्स्थ हुए और ककुत्स्थ के पुत्र रघु का जन्म हुआ।
  21. रघु प्रतापी राजा बने जिसके बाद सूर्यवंश का नाम रघुवंश हो गया।
  22. रघु से उनके पुत्र प्रवृद्ध हुए।
  23. प्रवृद्ध से होते होते कई वंश चले जिसमें नाभाग का जन्म हुआ फिर नाभाग के पुत्र अज हुए।
  24. अज से ही राजा दशरथ का जन्म माना जाता है।
  25. राजा दशरथ के 4 पुत्र हुए- राम, लक्ष्मण, भरत और शुत्रुधन।

ऐसे में प्रभु श्रीराम को ब्रह्माजी का ही वंशज माना जाता है।

भगवान विष्णु के 7वें अवतार

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम (Lord Ram) का जन्म अयोध्या में त्रेया युग में हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान श्रीराम को भगवान विष्णु का 7वां अवतार भी माना जाता है और उनकी अराधना की जाती है।

देश और दुनिया की तमाम खबरों के लिए हमारा YouTube Channel ‘DNP INDIA’ को अभी subscribe करें। आप हमें FACEBOOKINSTAGRAM और TWITTER पर भी फॉलो कर सकते हैं।

Avatar of Gaurav Dixit

Gaurav Dixit

गौरव दीक्षित पत्रकारिता जगत के उभरते हुए चेहरा हैं। उन्होनें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। गौरव राजनीति, ऑटो और टेक संबंघी विषयों पर लिखने में रुची रखते हैं। गौरव पिछले दो वर्षों के दौरान कई प्रतिष्ठीत संस्थानों में कार्य कर चुके हैं और वर्तमान में DNP के साथ कार्यरत हैं।
For Feedback - feedback@dnpnewsnetwork.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

Rashifal 14 May 2026

मई 13, 2026

कल का मौसम 14 May 2026

मई 13, 2026

Rain Alert 14 May 2026

मई 13, 2026

Noida International Airport

मई 13, 2026

Anurag Dhanda

मई 13, 2026

Artificial Intelligence

मई 13, 2026