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कुँवर शेखर विजेन्द्र ने कृषि में युवाओं के उद्यमिता विकास पर National Academy of Agricultural Sciences परामर्श सत्र में रणनीतिक सिफारिशें प्रस्तुत कीं

National Academy of Agricultural Sciences: राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी (NAAS) ने 22 अप्रैल 2025 को नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में “कृषि में उद्यमिता विकास हेतु भविष्य-तैयार युवाओं की तैयारी” विषय पर एक विशेषज्ञ परामर्श सत्र का आयोजन किया। यह सत्र डॉ. हिमांशु पाठक (अध्यक्ष, NAAS एवं सचिव, DARE, भारत सरकार) की अध्यक्षता में, तथा डॉ. पी.के. जोशी (उपाध्यक्ष, NAAS) की सह-अध्यक्षता में आयोजित हुआ। कार्यवाही का संचालन डॉ. आर.सी. अग्रवाल (उप महानिदेशक, कृषि शिक्षा, ICAR) ने किया।

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By: ROZY ALI

Published: अप्रैल 24, 2025 12:36 अपराह्न

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National Academy of Agricultural Sciences: राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी (NAAS) ने 22 अप्रैल 2025 को नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में “कृषि में उद्यमिता विकास हेतु भविष्य-तैयार युवाओं की तैयारी” विषय पर एक विशेषज्ञ परामर्श सत्र का आयोजन किया। यह सत्र डॉ. हिमांशु पाठक (अध्यक्ष, NAAS एवं सचिव, DARE, भारत सरकार) की अध्यक्षता में, तथा डॉ. पी.के. जोशी (उपाध्यक्ष, NAAS) की सह-अध्यक्षता में आयोजित हुआ। कार्यवाही का संचालन डॉ. आर.सी. अग्रवाल (उप महानिदेशक, कृषि शिक्षा, ICAR) ने किया।

“कृषि में उद्यमिता के लिए भविष्य-तैयार युवाओं की तैयारी”

यह परामर्श सत्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत कृषि शिक्षा को उद्यमिता और नवाचार से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। प्रमुख वक्ताओं में शोभित विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं ASSOCHAM राष्ट्रीय शिक्षा परिषद के अध्यक्ष श्री कुंवर शेखर विजेन्द्र ने “कृषि में उद्यमिता के लिए भविष्य-तैयार युवाओं की तैयारी” शीर्षक से एक व्यापक विचार पत्र प्रस्तुत किया।

अपने वक्तव्य में श्री विजेन्द्र ने कहा कि “राष्ट्र की समृद्धि उन हाथों में होती है जो उसकी धरती को जोतते हैं, और उन विचारों में जो उसे नए रूप में कल्पित करते हैं।” उन्होंने कृषि शिक्षा को उत्तराधिकार की परंपरा से निकालकर नवाचार, गरिमा और उद्यमिता का मंच बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

विश्वविद्यालयों में वार्षिक एग्री हैकाथॉन का आयोजन

उनकी प्रमुख सिफारिशों में सभी विश्वविद्यालयों में वार्षिक एग्री हैकाथॉन का आयोजन, IARI के उत्कृष्टता केंद्रों को उद्योग सहयोग के लिए खोलना, विश्वविद्यालय परिसरों की भूमि का उपयोग ‘Earn While You Learn’ मॉडल के तहत छात्रों के स्टार्टअप हेतु करना, निजी एवं बहुविषयक विश्वविद्यालयों से भागीदारी बढ़ाना, वैश्विक शैक्षणिक समझौते, महिलाओं के लिए कृषि आधारित कौशल विकास कार्यक्रम, और मोबाइल-आधारित डिजिटल प्रशिक्षण का विस्तार शामिल हैं।

श्री विजेन्द्र की सिफारिशें नीतिगत सुधार से लेकर जमीनी क्रियान्वयन तक एक समग्र परिवर्तन की रूपरेखा प्रस्तुत करती हैं, जिसमें पाठ्यक्रम नवाचार, संकाय सशक्तिकरण, इनक्यूबेशन सहायता और KVK, FPO, SHG के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाना शामिल है।
इस परामर्श सत्र में डॉ. मनीष जोशी (सचिव, यूजीसी), डॉ. पंकज मित्तल (महासचिव, AIU), डॉ. पी.के. सिंह (कृषि आयुक्त, भारत सरकार) सहित देशभर के विश्वविद्यालयों, ICAR एवं NAAS के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की भागीदारी रही।

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